बुधवार, नवंबर 11, 2015

आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता

 MP3 Audio

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता .
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता .
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

दुर्गा रूप निरन्जनि, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता .
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम पाताल निवासिनि, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता .
कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भव निधि की दाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

जिस घर तुम रहती तहँ सब सद्गुण आता
ओ मैया सब सद्गुण आता .
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र न कोई पाता .
खान पान का वैभव, सब तुम से आता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता .
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई जन गाता .
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..


http://www.bhajans.org/aaratii/laxmii.mp3

आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .

MP3 Audio



जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी .
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ..

अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया .
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..



jay gaNesh, jay gaNesh, jay gaNesh, devA .
mAtA jAkI pAravtI, pitA mahAdevA ..

ekadant, dayAvant, chArabhujAdhArI,
mAthe par tilak sohe, mUse kI savArI .
pAn cha.Dhe, phUl cha.Dhe aur cha.Dhe mevA,
laDDuan kA bhog lage, sant kareM sevA ..

aMdhe ko A.Nkh det, ko.Dhin ko kAyA,
bA.Njhan ko putr det, nirdhan ko mAyA .
.asUr.a shyAm sharaN Ae, saphal kIje sevA,
jay gaNesh jay gaNesh jay gaNesh devA .. 

शनिवार, अक्तूबर 24, 2015

भजन: नैनहीन को राह दिखा प्रभु

Bhajan: Nainheen ko Raah Dikha

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को

तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
चलत चलत गिर जाऊं मैं प्रभु

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को राह दिखा प्रभु

चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
मन का दीप जलाऊँ मैं प्रभु

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को

Youtube - K L Saigal

Youtube - Lata Mangeshkar

शुक्रवार, अक्तूबर 23, 2015

भजन: मधुकर श्याम हमारे चोर

Bhajan: Madhukar Shyam Hamare Chor

मधुकर श्याम हमारे चोर
मन हर लीनो माधुरी मूरत
निरख नैन की कोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

सिर पे जाके मुकट सुहाये
माथे तिलक नैन कजरारे
मुख सुंदर ज्यूँ भोर
श्याम हमारे चोर
चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

सूरदास के चोर कन्हैया
मनमोहन मुरली के बजैया
मनमोहन मुरली के बजैया
नटखट नन्दकिशोर
चोर!
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

Youtube - K L Saigal

बुधवार, अक्तूबर 21, 2015

आरती: जगजननी जय जय




जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय!
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय। जगजननी ..

तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी ..

आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी।
अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी ..

अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी।
कर्ता विधि, भर्ता हरि, हर संहारकारी॥ जगजननी ..

तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया।
मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥ जगजननी ..

राम, कृष्ण तू, सीता, ब्रजरानी राधा।
तू वाँछाकल्पद्रुम, हारिणि सब बाघा॥ जगजननी ..

दश विद्या, नव दुर्गा नाना शस्त्रकरा।
अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥ जगजननी ..

तू परधामनिवासिनि, महाविलासिनि तू।
तू ही श्मशानविहारिणि, ताण्डवलासिनि तू॥ जगजननी ..

सुर-मुनि मोहिनि सौम्या, तू शोभाधारा।
विवसन विकट सरुपा, प्रलयमयी, धारा॥ जगजननी ..

तू ही स्नेहसुधामयी, तू अति गरलमना।
रत्नविभूषित तू ही, तू ही अस्थि तना॥ जगजननी ..

मूलाधार निवासिनि, इह-पर सिद्धिप्रदे।
कालातीता काली, कमला तू वरदे॥ जगजननी ..

शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी।
भेद प्रदर्शिनि वाणी विमले! वेदत्रयी॥ जगजननी ..

हम अति दीन दु:खी माँ! विपत जाल घेरे।
हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥ जगजननी ..

निज स्वभाववश जननी! दयादृष्टि कीजै।
करुणा कर करुणामयी! चरण शरण दीजै॥ जगजननी .. (2)

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मंगलवार, अक्तूबर 20, 2015

भजन: जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे

जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे ।

तू शक्ति भगवती भवानी ।
महिमामयी महामाया बखानी ।
    विश्व रचे पाले संहारे ॥१॥

शांति करी मंगल सुख रूपा ।
तू वरदा है दिव्य अनूपा ।
    शरणागत के काज संवारे ॥२॥

निज जन त्राण-परायण देवी ।
असुर हरि दुर्गा सुर सेवी ।
    श्री लक्ष्मी जन तुझे पुकारे ॥३॥



Listen to bhajan on Bhola Krishna Youtube channel
by Bholakrishna - भोला कृष्णा 
at https://www.youtube.com/watch?v=gvdkb1rM46Q

सोमवार, अक्तूबर 19, 2015

कीर्तन: मैया तेरा बना रहे दरबार

MP3 Audio of Bhajan
maiya tera bana rahe darbar
Voice - Dr. Mrs. Premlata Paliwal

मैया तेरा बना रहे दरबार
बना रहे दरबार मैया तेरा
तेरे पावन दर पे आके मैया
हो सबका उद्धार मैया
बना रहे दरबार

प्रेम का दीपक ज्ञान की बाती
मन मन्दिर में जले दिन राती मैया
मिट जाये अंधकार मैया
बना रहे दरबार

गहरी नदिया, नाव पुरानी
जीवन की यह अथक कहानी
तू ही खेवनहार मैया
बना रहे दरबार

जो भी तेरे दर पे आया मैया
मनवांछित फल उसने पाया मैया
तेरी दया है अपार मैया
बना रहे दरबार

रविवार, अक्तूबर 18, 2015

आरती: जय अम्बे गौरी

MP3 Audio

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निस दिन ध्यावत
मैयाजी को निस दिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवजी .
बोलो जय अम्बे गौरी ..

माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को
मैया टीको मृगमद को
उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे
मैया रक्ताम्बर साजे
रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी
मैया खड्ग कृपाण धारी
सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुख हारी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती
मैया नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति
बोलो जय अम्बे गौरी ..

शम्भु निशम्भु बिडारे महिषासुर धाती
मैया महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती
बोलो जय अम्बे गौरी ..

चण्ड मुण्ड शोणित बीज हरे
मैया शोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोउ मारे सुर भय दूर करे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
मैया तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

चौंसठ योगिन गावत नृत्य करत भैरों
मैया नृत्य करत भैरों
बाजत ताल मृदंग और बाजत डमरू
बोलो जय अम्बे गौरी ..

तुम हो जग की माता तुम ही हो भर्ता
मैया तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुख हर्ता सुख सम्पति कर्ता
बोलो जय अम्बे गौरी ..

भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी
मैया वर मुद्रा धारी
मन वाँछित फल पावत देवता नर नारी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती
मैया अगर कपूर बाती
माल केतु में राजत कोटि रतन ज्योती
बोलो जय अम्बे गौरी ..

माँ अम्बे की आरती जो कोई नर गावे
मैया जो कोई नर गावे
कहत शिवानन्द स्वामी सुख सम्पति पावे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

http://www.bhajans.org/aaratii/ambegaurii.mp3

शनिवार, अक्तूबर 17, 2015

भजन: नमामि अम्बे दीन वत्सले


नमामि अम्बे दीन वत्सले,
तुम्हे बिठाऊँ हृदय सिंहासन .
तुम्हे पिन्हाऊँ भक्ति पादुका,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..

श्रद्धा के तुम्हे फूल चढ़ाऊँ,
श्वासों की जयमाल पहनाऊँ .
दया करो अम्बिके भवानी,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..

बसो हृदय में हे कल्याणी,
सर्व मंगल मांगल्य भवानी .
दया करो अम्बिके भवानी,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..  

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शुक्रवार, अक्तूबर 16, 2015

भजन: ऐसा प्यार बहा दे मैया

या देवी सर्वभूतेषू दयारूपेण संस्तत,
नमस्तस्यै नमस्तयै नमस्तयै, नमस्तस्यै नमो नमः ।।

ऐसा प्यार बहा दे मैया, चरणों से लग जाऊ मैं ।
सब अंधकार मिटा दे मैया, दरस तेरा कर पाऊं मैं ।।

जग मैं आकर जग को मैया, अब तक न मैं जान सका
क्यों आया हूँ कहाँ है जाना, अब तक न पहचान सका
तुम हो अगम अगोचर मैया, कहो कैसे लख पाऊं मैं ?

कर कृपा जगदम्बे भवानी, मैं बालक नादान हूँ
नहीं आराधन जप तप जानूं, मैं अवगुण की खान हूँ
दे ऐसा वरदान हे मैया, निशदिन तुम गुण गाऊं मैं ।

Listen to Bhajan on Youtube

बुधवार, अक्तूबर 14, 2015

भजन: जय जय जगदीश्वरी माँ

यह रचना - "सर्वेश्वरी जय जय जगदीश्वरी माँ", मेरे परम प्रिय मित्र एवं गुरुभाई श्री हरि ओम् शरण जी" के एक पुरातन भजन की धुन पर आधारित है.




सर्वेश्वरी, जय जय जगदीश्वरी माँ, तेरा ही एक सहारा है 
तेरी आंचल की छाहँ छोड़ अब नहीं कहीं निस्तारा है  
सर्वेश्वरी जय जय ------------

मैं अधमाधम, तू अघ हारिणी ! मैं पतित अशुभ, तू शुभ कारिणी 
हें ज्योतिपुंज, तूने मेरे मन का मेटा अंधियारा   है !!
सर्वेश्वरी, जय जय --------------

तेरी ममता पाकर किसने ना अपना  भाग्य सराहा है 
कोई भी खाली नहीं गया जो तेरे दर पर आया है !!
सर्वेश्वरी, जय जय --------------

अति दुर्लभ मानव तन पाकर आये हैं हम इस धरती पर, 
तेरी चौखट  ना छोड़ेंगे ,अपना ये अंतिम द्वारा है !!
सर्वेश्वरी, जय जय ---------

===================
रचनाकार एवं गायक "भोला "

See Video on youtube at
http://www.youtube.com/watch?v=ZCPEhHrNV2w


मंगलवार, अक्तूबर 13, 2015

भजन: जगदम्बिके जय जय जग जननी माँ

bhajan: jagadambike jay jay jaga janani maa

सरस सुपावन शक्ति हे ...तेजोमयी  अपार
हे आनंद स्वरूपणी....मम  हृदय कर उज्जियार
जय माँ .....जय माँ ....

अराधन तेरा करूं ...निशदिन ,आठों याम
घट अंतर शक्ति जगे ...गाऊं तब शुभ नाम
जय माँ .....जय माँ ....

पत्तित-पावनी मात हे ....बालक शरण तिहार
मंगलमय  वरदान दे ..यही विनती बारम्बार ..
जय माँ .....जय माँ ..



जगदम्बिके जय जय जग जननी माँ 

गुरुवार, अक्तूबर 08, 2015

भजन: गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ

bhajan: guruji main to ek niranjan dhyaaun

Listen to bhajan sung by Anjana Bhattacharya

गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ....

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ  जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।


गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

gurujI, gurujI , gurujI , gurujI ....

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

duHkh nA jAnU.N jI maiM dard nA jAnU.N  jI maiM |
nA koI vaidy bulAU.N jI||
sadguru vaidy mile avinAshI|
vAko hI nA.DI batAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||


gaMgA na jAU.N jI maiM jamnA na jAU.N jI maiM|
nA koI tIrath nahAU.N jI||
a.DsaTh tIrath haiM ghaT bhItar|
vAhI meM mal mal nahAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

kahe gorakh jI ho sun ho machChandar maiM |
jyoti meM jyoti milAU.N jI||
satguru ke maiM sharaN gaye se|
AvAgman miTAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI|| 

बुधवार, अक्तूबर 07, 2015

भजन: अस कछु समुझि परत रघुराया

Bhajan: As kachhu samaujhi parat raghuraya

अस कछु समुझि परत रघुराया ! 
बिनु तव कृपा दयालु ! दास-हित ! मोह न छूटै माया ॥ १ ॥ 

जैसे कोइ इक दीन दुखित अति असन-हीन दुख पावै । 
चित्र कलपतरु कामधेनु गृह लिखे न बिपति नसावै ॥ ३ ॥ 

जब लगि नहिं निज हृदि प्रकास, अरु बिषय-आस मनमाहीं । 
तुलसिदास तब लगि जग-जोनि भ्रमत सपनेहुँ सुख नाहीं ॥ ५ ॥

Listen to bhajan sung by VNS Bhola

as kaChu samujhi parat raghurAyA ! 
binu tav kR^ipA dayAlu ! dAs-hit ! moh na ChUTai mAyA || 1 || 

jaise koi ik dIn dukhit ti asan-hIn dukh pAvai | 
chitr kalapatru kAmdhenu gR^ih likhe na bipti nasAvai || 3 || 

jab lagi nahiM nij hR^idi prakAs, ru biShay-As manmAhIM | 

tulasidAs tab lagi jag-joni bhramat sapnehu.N sukh nAhIM || 5 || 

भजन: राम नाम रस पीजै मनुवा

Bhajan: ram nam ras peeje manava

Click here for links to audio and video - voice: Sandhya Mukherjee

राम नाम रस पीजै मनुवा,
राम नाम रस पीजै

तजि कुसंग सतसंग बैठि नित,
हरि-चर्चा सुनि  लीजै ।

काम क्रोध मद मोह लोभ को ,
बहा चित से दीजै ।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
ताही के रंग में भीजै ।




rAm nAm ras pIjai manuvA,
rAm nAm ras pIjai

taji kusaMg satasaMg baiThi nit,
hari-charchA suni  lIjai |

kAm krodh mad moh lobh ko ,
bahA chit se dIjai |

mIrA ke prabhu girdhar nAgar,
tAhI ke raMg meM bhIjai |

https://www.youtube.com/watch?v=OKASPHmQcY8


भजन: को माता को पिता हमारे

Bhajan: ko mata ko pita hamare

को माता को पिता हमारे ।

कब जनमत हमको तुम देख्यो,
हँसी लगत सुन बैन तुम्हारे ।

कब माखन चोरी कर खायो,
कब बांधे महतारी ।
दुहत कौन सी गइया चारत,
बात कही जे भारी ।
तुम जानत मोहि नंद ढ़िठौना,
नंद कहा ते आये ।।

हम पूरन अविगत अविनासी,
माया ठगनी भुलाये ।
ये सुन ग्वालिन सब मुस्कानी,
हरष मगन हो उठाये ।
सूर श्याम जो निठुरैं सबहीं,
मात पिता हूँ नहीं माने ।




ko mAtA ko pitA hamAre |

kab janmat hamko tum dekhyo,
ha.NsI lagat sun bain tumhAre |

kab mAkhan chorI kar khAyo,
kab bAMdhe mahtArI |
duhat kaun sI ga_iyA chArat,
bAt kahI je bhArI |
tum jAnat mohi naMd .DhiThaunA,
naMd kahA te Aye ||

ham pUran avigat avinAsI,
mAyA ThagnI bhulAye |
ye sun gvAlin sab muskAnI,
haraSh magan ho uThAye |
sUr shyAm jo niThuraiM sabhIM,
mAt pitA hU.N nahIM mAne |

https://www.youtube.com/embed/_v67O7GiHrY

भजन: राम भजा सो जीता जग में


Bhajan: Ram Bhaja so Jeeta Jag Me

राम भजा सो जीता जग में
राम भजा सो जीता रे

हाथ सुमिरनी, बगल कतरनी,
पढ़े भागवत गीता रे

हृदय शुद्ध कीन्हों नहीं तेने,
बातों में दिन बीता रे

ज्ञान देव की पूजा कीन्ही,
हरि सो किया न प्रीता रे

धन यौवन यूँ ही जायेगा,
अंत समय में रीता रे

कहे कबीर काल यूँ मारे
जैसे हिरन को चीता रे



rAm bhajA so jItA jag meM
rAm bhajA so jItA re

hAth sumirnI, bagal katarnI,
pa.Dhe bhAgvat gItA re

hR^iday shuddh kInhoM nahIM tene,
bAtoM meM din bItA re

j~nAn dev kI pUjA kInhI,
hari so kiyA na prItA re

dhan yauvan to yU.N hI jAygA,
aMt samay meM rItA re

kahe kabIr kAl yU.N mAre
jaise hiran ko chItA re

https://www.youtube.com/embed/7ozrhCYgSeA

भजन: भागवत भगवान की है आरती

Bhajan: Bhagavat bhgawan kee hai arati

भागवत भगवान की है आरती
पापियों को पाप से है तारती

ये अमर ग्रन्थ , यह मुक्ति पंथ ,
है पंचम वेद निराला ,
नव ज्योति जगाने वाला !
हरि ज्ञान यही , वरदान यही ,
जग मंगल की है आरती ,
पापियों को पाप से है तारती

ये शांति दीप , पावन पुनीत ,
पापों को मिटाने वाला ,
हरि दरस दिखाने वाला !
ये सुख करनी , है दुख हरनी ,
यह मधुसूदन की आरती ,
पापियों को पाप से है तारती

ये मधुर बोल , भव फंद खोल ,
सन्मार्ग दिखाने वाला ,
बिगडी को बनाने वाला ,
श्री राम यही , घनश्याम यही ,
सबकी महिमा की आरती ,
पापियों को पाप से ही तारती


शनिवार, अक्तूबर 03, 2015

भजन: रे मन हरि सुमिरन कर लीजै

Click here to listen to the bhajan

Bhajan: re man hari sumiran kar leeje


मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी

रे मन, हरि सुमिरन कर लीजै ।
 हरि सुमिरन कर लीजै ।
 हरि सुमिरन कर लीजै ।

हरिको नाम प्रेमसों जपिये, हरिरस रसना पीजै ।
हरिगुन गाइय, सुनिय निरंतर, हरि-चरननि चित दीजै ॥

हरि-भगतनकी सरन ग्रहन करि, हरिसँग प्रीति करीजै ।
हरि-सम हरि जन समुझि मनहिं मन तिनकौ सेवन कीजै ॥

हरि केहि बिधिसों हमसों रीझै, सो ही प्रश्न करीजै ।
हरि-जन हरिमारग पहिचानै, अनुमति देहिं सो कीजै ॥

हरिहित खाइय, पहिरिय हरिहित, हरिहित करम करीजै ।
हरि-हित हरि-सन सब जग सेइय, हरिहित मरिये जीजै ॥

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maMgal bhavan amaMgal hArI
drava_u so dasrath ajir bihArI

re man hari sumiran kar lIjai |

hariko nAm premsoM japiye, hariras rasnA pIjai |
harigun gAiy, suniy niraMtar, hari-charanni chit dIjai ||

hari-bhagatankI saran grahan kari, haris.Ng prIti karIjai |
hari-sam hari jan samujhi manhiM man tinakau sevan kIjai ||

hari kehi bidhisoM hamsoM rIjhai, so hI prashn karIjai |
hari-jan harimArag pahichAnai, anumti dehiM so kIjai ||

harihit khAiy, pahiriy harihit, harihit karam karIjai |
hari-hit hari-san sab jag seiy, harihit mariye jIjai || 

भजन: हरि नाम सुमिर सुख धाम

bhajan: hari nam sumir sukh dham jagat me

हरि नाम सुमिर हरि नाम सुमिर
हरि नाम सुमिर सुख धाम
जगत में जीवन दो दिन का .
जगत में जीवन दो दिन का ..

सुंदर काया देख लुभाया
लाड़ करे तन का .
छूटा साँस विगत भयी देही
ज्यों माला मनका ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

पाप कपट कर माया जोड़ी
गर्व करे धन का .
सभी छोड़ कर चला मुसाफिर
वास हुआ वन का ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

यह संसार कपट की माया
मेला पल छिन का
ब्रह्मानन्द भजन कर बंदे
नाथ निरंजन का . .
जगत में जीवन दो दिन का ..

जगत में जीवन दो दिन का .
जगत में जीवन दो दिन का ..

सुंदर काया देख लुभाया
लाड़ करे तन का .
छूटा साँस विगत भयी देही
ज्यों माला मनका ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

पाप कपट कर माया जोड़ी
गर्व करे धन का .
सभी छोड़ कर चला मुसाफिर
वास हुआ वन का ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

यह संसार कपट की माया,
मेला दो दिन का
ब्रह्मानन्द भजन कर बंदे
नाथ निरंजन का . .
जगत में जीवन दो दिन का ..

bhajan: hari nam sumir sukh dham jagat me

hari nAm sumir hari nAm sumir
hari nAm sumir sukh dhAm
jagat meM jIvan do din kA .
jagat meM jIvan do din kA ..

suMdar kAyA dekh lubhAyA
lA.D kare tan kA .
ChUTA sA.Ns vigat bhayI dehI
jyoM mAlA mankA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

pAp kapaT kar mAyA jo.DI
garv kare dhan kA .
sabhI Cho.D kar chalA musAphir
vAs huA van kA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

yah saMsAr kapaT kI mAyA
melA pal Chin kA
brahmAnand bhajan kar baMde
nAth niraMjan kA . .
jagat meM jIvan do din kA ..

jagat meM jIvan do din kA .
jagat meM jIvan do din kA ..

suMdar kAyA dekh lubhAyA
lA.D kare tan kA .
ChUTA sA.Ns vigat bhayI dehI
jyoM mAlA mankA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

pAp kapaT kar mAyA jo.DI
garv kare dhan kA .
sabhI Cho.D kar chalA musAphir
vAs huA van kA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

yah saMsAr kapaT kI mAyA,
melA do din kA
brahmAnand bhajan kar baMde
nAth niraMjan kA . .
jagat meM jIvan do din kA .. 

सोमवार, सितंबर 21, 2015

कीर्तन: राधे राधे, श्याम मिला दे

MP3 ऑडियो

राधे राधे , राधे राधे ,
राधे राधे , राधे राधे


राधे राधे, श्याम मिला दे
जय हो 
राधे राधे, श्याम मिला दे

गोवर्धन में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे 
कुसुम सरोवर, राधे राधे
हर कुन्ज में, राधे राधे
गोवर्धन में, राधे राधे
पीली पोखर, राधे राधे


मथुरा जी में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे
कुन्ज कुन्ज में, राधे राधे
पात पात में, राधे राधे
डाल डाल  में, राधे राधे
वृक्ष वृक्ष में , राधे राधे
हर आश्रम में, राधे राधे

माता बोले, राधे राधे
बहना बोले, राधे राधे
भाई बोले, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे

राधे राधे,राधे राधे
राधे राधे, श्याम मिला दे

अरे
मथुरा जी में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे
पीली पोखर , राधे राधे 
गोवर्धन में, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे
प्रेम से बोलो, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे
अरे बोलो बोलो, राधे राधे
अरे गाओ गाओ, राधे राधे
सब मिल गाओ, राधे राधे
प्रेम से बोलो, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे 
जोर से बोलो, राधे राधे

राधे राधे,राधे राधे
राधे राधे, श्याम मिला दे


rAdhe rAdhe , rAdhe rAdhe ,
rAdhe rAdhe , rAdhe rAdhe


rAdhe rAdhe, shyAm milA de
jay ho
rAdhe rAdhe, shyAm milA de

govardhan meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
kusum sarovar, rAdhe rAdhe
har kunj meM, rAdhe rAdhe
govardhan meM, rAdhe rAdhe
pIlI pokhar, rAdhe rAdhe


mathurA jI meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
kunj kunj meM, rAdhe rAdhe
pAt pAt meM, rAdhe rAdhe
DAl DAl  meM, rAdhe rAdhe
vR^ikSh vR^ikSh meM , rAdhe rAdhe
har Ashram meM, rAdhe rAdhe

mAtA bole, rAdhe rAdhe
bahnA bole, rAdhe rAdhe
bhAI bole, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe

rAdhe rAdhe,rAdhe rAdhe
rAdhe rAdhe, shyAm milA de

re
mathurA jI meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
pIlI pokhar , rAdhe rAdhe
govardhan meM, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
prem se bolo, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
re bolo bolo, rAdhe rAdhe
re gAo gAo, rAdhe rAdhe
sab mil gAo, rAdhe rAdhe
prem se bolo, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
jor se bolo, rAdhe rAdhe

rAdhe rAdhe,rAdhe rAdhe
rAdhe rAdhe, shyAm milA de 

कीर्तन: राधे रानी की जय

MP3 Audio

बोलो बरसानेवाली की जय जय जय

श्याम प्यारे की जय
बंसीवारे की जय
बोलो पीत पटवारे की जय जय

मेरे प्यारे की जय
मेरी प्यारी की जय
गलबाँहें डाले छवि न्यारी की जय

राधे रानी की जय जय
महारानी की जय
नटवारी की जय
बनवारी की जय

राधे रानी की जय जय
महारानी की जय
बोलो बरसानेवाली की जय जय जय

राधे से रस ऊपजे, रस से रसना गाय ।
अरे कृष्णप्रियाजू लाड़ली, तुम मो पे रहियो सहाय ॥

राधे रानी की जय जय
महारानी की जय
वृष्भानु दुलारी की जय जय जय
बोलो कीरथि प्यारी की जय जय जय ??

बोलो बरसानेवाली की जय जय जय

मेरे प्यारे की जय
मेरी प्यारी की जय
नटवारी की जय
बनवारी की जय
गलबाँहें डाले छवि न्यारी की जय

वृन्दावन के वृक्ष को मरम न जाने कोय ।
जहाँ डाल डाल और पात पे श्री राधे राधे होय ॥

राधे रानी की जय जय
महारानी की जय
बोलो बरसानेवाली की जय जय जय

एक चंचल एक भोली भाली की जय
राधे रानी की जय जय
महारानी की जय

वृन्दावन बानिक बन्यो  जहाँ भ्रमर करत गुंजार ।
अरी दुल्हिन प्यारी राधिका, अरे दूल्हा नन्दकुमार ॥

राधे रानी की जय जय
महारानी की जय
नटवारी की जय
बनवारी की जय
एक चंचल एक भोली भाली की जय

वृन्दावन से वन नहीं, नन्दगाँव सो गाँव ।
बन्सीवट सो वट नहीं, कृष्ण नाम सो नाम ॥

बन्सीवारे की जय
बन्सीवारे की जय
बोलो पीतपटवारे की जय जय जय
राधे रानी की जय जय
महारानी की जय

राधे मेरी स्वामिनी मैं राधे की दास ।
जनम जनम मोहे दीजियो श्री वृन्दावन वास ॥

सब द्वारन को छाँड़ि के, अरे आयी तेरे द्वार ।
वृषभभानु की लाड़ली, तू मेरी ओर निहार ॥


राधे रानी की जय जय
महारानी की जय

जय हो  !

बोलो वृन्दावन की जय ।
अलबेली सरकार की जय ।
बोलो श्री वृन्दावन बिहारी लाल की जय ॥



bolo barasAnevAlI kI jay jay jay

shyAm pyAre kI jay
baMsIvAre kI jay
bolo pIt paTvAre kI jay jay

mere pyAre kI jay
merI pyArI kI jay
galbA.NheM DAle Chavi nyArI kI jay

rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay
naTvArI kI jay
banvArI kI jay

rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay
bolo barasAnevAlI kI jay jay jay

rAdhe se ras Upje, ras se rasnA gAy |
re kR^iShNapriyAjU lA.DlI, tum mo pe rahiyo sahAy ||

rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay
vR^iShbhAnu dulArI kI jay jay jay
bolo kIrthi pyArI kI jay jay jay ??

bolo barasAnevAlI kI jay jay jay

mere pyAre kI jay
merI pyArI kI jay
naTvArI kI jay
banvArI kI jay
galbA.NheM DAle Chavi nyArI kI jay

vR^indAvan ke vR^ikSh ko maram na jAne koy |
jahA.N DAl DAl aur pAt pe shrI rAdhe rAdhe hoy ||

rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay
bolo barasAnevAlI kI jay jay jay

ek chaMchal ek bholI bhAlI kI jay
rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay

vR^indAvan bAnik banyo  jahA.N bhramar karat guMjAr |
rI dulhin pyArI rAdhikA, re dUlhA nandakumAr ||

rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay
naTvArI kI jay
banvArI kI jay
ek chaMchal ek bholI bhAlI kI jay

vR^indAvan se van nahIM, nandagA.Nv so gA.Nv |
bansIvaT so vaT nahIM, kR^iShN nAm so nAm ||

bansIvAre kI jay
bansIvAre kI jay
bolo pItapaTvAre kI jay jay jay
rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay

rAdhe merI svAminI maiM rAdhe kI dAs |
janam janam mohe dIjiyo shrI vR^indAvan vAs ||

sab dvAran ko ChA.N.Di ke, re AyI tere dvAr |
vR^iShabhbhAnu kI lA.DlI, tU merI or nihAr ||


rAdhe rAnI kI jay jay
mahArAnI kI jay

jay ho  !

bolo vR^indAvan kI jay |
albelI sarkAr kI jay |
bolo shrI vR^indAvan bihArI lAl kI jay || 

रविवार, सितंबर 20, 2015

भजन: नाम जपन क्यों छोड़ दिया

Bhajan: Nam Japan Kyo Chod Diya
by Anjana Bhattacharya & Premjeet Kaur
from Shree Ram Sharanam

नाम जपन क्यों छोड़ दिया

क्रोध न छोड़ा झूठ न छोड़ा
सत्य बचन क्यों छोड दिया

झूठे जग में दिल ललचा कर
असल वतन क्यों छोड दिया

कौड़ी को तो खूब सम्भाला
लाल रतन क्यों छोड दिया

जिन सुमिरन से अति सुख पावे
तिन सुमिरन क्यों छोड़ दिया

खालस इक भगवान भरोसे
तन मन धन क्यों ना छोड़ दिया

नाम जपन क्यों छोड़ दिया ॥




Listen to bhajan on Youtube channel by Bholakrishna at https://www.youtube.com/watch?v=gvdkb1rM46Q

nAm japan kyoM Cho.D diyA

krodh na Cho.DA jhUTh na Cho.DA
saty bachan kyoM ChoD diyA

jhUThe jag meM dil lalchA kar
asal vatan kyoM ChoD diyA

kau.DI ko to khUb sambhAlA
lAl ratan kyoM ChoD diyA

jin sumiran se ti sukh pAve
tin sumiran kyoM Cho.D diyA

khAlas ik bhagvAn bharose
tan man dhan kyoM nA Cho.D diyA

nAm japan kyoM Cho.D diyA || 

भजन: हरि तुम हरो जन की भीर

Bhajan: Hari Tum Haro Jan Ki Bheer
By Anjana Bhattacharya
MP3 from Shree Ram Sharanam, Delhi.

हरि तुम हरो जन की भीर,
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

भगत कारण रूप नरहरि धर्‌यो आप सरीर ॥
हिरण्यकश्यप मारि लीन्हो धर्‌यो नाहिन धीर॥

बूड़तो गजराज राख्यो कियौ बाहर नीर॥
दासी मीरा लाल गिरधर चरणकंवल सीर॥



hari tum haro jan kI bhIr,
dropdI kI lAj rAkhI, tum ba.DhAyo chIr||

bhagat kAraN rUp narahri dhar‌yo Ap sarIr ||
hiraNyakashyap mAri lInho dhar‌yo nAhin dhIr||

bU.Dto gajrAj rAkhyo kiyau bAhar nIr||
dAsI mIrA lAl girdhar charaNakaMval sIr|| 




गुरुवार, सितंबर 17, 2015

भजन: शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ

शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ । 
मंगल दीप जलाओ जलाओ ।। 

पूजो प्रथम श्री गणनाथ, करते हैं सबके शुभ काज। 
रखते सारे जग की लाज, श्रद्धा शीश नवाओ; मनाओ।।  शुभ घड़ी …… . 

रहें सहाय सदा श्रीराम, कृपा करें हम पर घनश्याम। 
पूरन हो शुभसे शुभ काम, हर्षित मन सबका मनाओ।।  शुभ घड़ी …….

Listen to the bhajan 'shubh ghadi pratham ganesh manao'
MP3 Audio

shubh gha.DI pratham gaNesh manAo |
maMgal dIp jalAo jalAo ||

pUjo pratham shrI gaNnAth, karte haiM sabke shubh kAj|
rakhte sAre jag kI lAj, shraddhA shIsh navAo; manAo||  shubh gha.DI …… .

raheM sahAy sadA shrIrAm, kR^ipA kareM ham par ghanashyAm|
pUran ho shubhse shubh kAm, harShit man sabkA manAo||  shubh gha.DI ……. 

Thank you to Geeta Jiji, Ajey Da, Anil Dada and Induja Bhabhi for the bhajan text, audio and information.

"पूज्य बाबूजी ने इस भजन को दूसरों को सम्बोधित करने के बजाय स्वयं को प्रेरित करने के लिए शब्द " मनाओ " को बदल कर " मनाऊँ " कर दिया था।लाइन " पूरन हो शुभसे शुभ काम " को बदल कर वे परोपकार भावना से " पूरन हो सबके शुभ काम " गाते थे।" - Ajey Da

भजन: गाइये गणपति जगवंदन

गाइये गणपति जगवंदन |
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

सिद्धि सदन गजवदन विनायक |
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

मोदक प्रिय मुद मंगल दाता |
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

मांगत तुलसीदास कर जोरे |
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥

गाइये गणपति जगवंदन ...



gAiye gaNapti jagavaMdan |
shaMkar suvan bhavAnI ke naMdan ||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

siddhi sadan gajavdan vinAyak |
kR^ipA siMdhu suMdar sab lAyak||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

modak priy mud maMgal dAtA |
vidyA bAridhi buddhi vidhAtA||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

mAMgat tulasIdAs kar jore |
bashiM rAmsiy mAnas more ||

gAiye gaNapti jagavaMdan ... 

भजन: गणपति बप्पा की जय बोलो

Originally posted in 2008 September,
Updated today to include mp3 link

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो।

सिद्ध विनायक संकट हारी
विघ्नेश्वर शुभ मंगलकारी

सबके प्रिय सबके हितकारी
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो

पारवती के राज दुलारे
शिवजी की आंखों के तारे

गणपति बप्पा प्यारे प्यारे
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो।

शंकर पूत भवानी जाये
गणपति तुम सबके मन भाये

तुमने सबके कष्ट मिटाये
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जयबोलो

जो भी द्वार तुम्हारे आता
खाली हाथ कभी ना जाता

तू है सबका भाग्य विधाता
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो
--
Listen to the bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola'

सोमवार, सितंबर 07, 2015

भजन: पायो निधि राम नाम

पायो निधि राम नाम, पायो निधि राम नाम .
सकल शांति सुख निधान, सकल शांति सुख निधान .
पायो निधि राम नाम ..

सुमिरन से पीर हरै, काम क्रोध मोह जरै .
आनंद रस अजर झरै, होवै मन पूर्ण काम .
पायो निधि राम नाम ..

रोम रोम बसत राम, जन जन में लखत राम .
सर्व व्याप्त, ब्रह्म राम, सर्वशक्तिमान राम .
पायो निधि राम नाम ..

ज्ञान, ध्यान, भजन, राम; पाप, ताप, हरण नाम .
सुविचारित तथ्य एक, आदि, मध्य, अंत, राम ..
पायो निधि राम नाम ..

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You can view and listen to this bhajan

as well as many others at the Bholakrishna Youtube channel.


pAyo nidhi rAm nAm, pAyo nidhi rAm nAm .
sakal shAnti sukh nidhAn, sakal shAnti sukh nidhAn .
pAyo nidhi rAm nAm ..

sumiran se pIr harai, kAm krodh moh jarai .
Anand ras ajar jharai, hovai man pUrN kAm .
pAyo nidhi rAm nAm ..

rom rom basat rAm, jan jan meM lakhat rAm .
sarv vyApt, brahm rAm, sarvashaktimAn rAm .
pAyo nidhi rAm nAm ..

j~nAn, dhyAn, bhajan, rAm; pAp, tAp, haraN nAm .
suvichArit tathy ek, Adi, madhy, aMt, rAm ..
pAyo nidhi rAm nAm .. 

शनिवार, सितंबर 05, 2015

भजन: श्री राधा कृष्णाय नमः

MP3 Audio

श्री राधा कृष्णाय नमः ..
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्रमुखी चंचल चितचोरी, जय श्री राधा
सुघड़ सांवरा सूरत भोरी, जय श्री कृष्ण
श्यामा श्याम एक सी जोड़ी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

पंच रंग चूनर, केसर न्यारी, जय श्री राधा
पट पीताम्बर, कामर कारी, जय श्री कृष्ण
एकरूप, अनुपम छवि प्यारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्र चन्द्रिका चम चम चमके, जय श्री राधा
मोर मुकुट सिर दम दम दमके, जय श्री कृष्ण
जुगल प्रेम रस झम झम झमके
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

कस्तूरी कुम्कुम जुत बिन्दा, जय श्री राधा
चन्दन चारु तिलक गति चन्दा, जय श्री कृष्ण
सुहृद लाड़ली लाल सुनन्दा
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

घूम घुमारो घांघर सोहे, जय श्री राधा
कटि कटिनी कमलापति सोहे, जय श्री कृष्ण
कमलासन सुर मुनि मन मोहे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

रत्न जटित आभूषण सुन्दर, जय श्री राधा
कौस्तुभमणि कमलांचित नटवर, जय श्री कृष्ण
तड़त कड़त मुरली ध्वनि मनहर
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा राधा कृष्ण कन्हैया जय श्री राधा
भव भय सागर पार लगैया जय श्री कृष्ण .
मंगल मूरति मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

मन्द हसन मतवारे नैना, जय श्री राधा
मनमोहन मनहारे सैना, जय श्री कृष्ण
जटु मुसकावनि मीठे बैना
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

श्री राधा भव बाधा हारी, जय श्री राधा
संकत मोचन कृष्ण मुरारी, जय श्री कृष्ण
एक शक्ति, एकहि आधारी
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

जग ज्योति, जगजननी माता, जय श्री रा्धा
जगजीवन, जगपति, जग दाता, जय श्री कृष्ण
जगदाधार, जगत विख्याता
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा, राधा, कृष्ण कन्हैया, जय श्री रा्धा
भव भय सागर पार लगैया, जय श्री कृष्ण
मंगल मूरति, मोक्ष करैया
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

सर्वेश्वरी सर्व दुःखदाहनि, जय श्री रा्धा
त्रिभुवनपति, त्रयताप नसावन, जय श्री कृष्ण
परमदेवि, परमेश्वर पावन
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

त्रिसमय युगल चरण चित धावे, जय श्री रा्धा
सो नर जगत परमपद पावे, जय श्री कृष्ण
राधा कृष्ण 'छैल' मन भावे
श्री राधा कृष्णाय नमः ..

________________________________________________

shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

oM jay shrI rAdhA jay shrI Krishna
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

chandramukhI chaMchal chitchorI, jay shrI rAdhA
sugha.D sAMvrA sUrat bhorI, jay shrI Krishna
shyAmA shyAm ek sI jo.DI
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

paMch raMg chUnar, kesar nyArI, jay shrI rAdhA
paT pItAmbar, kAmar kArI, jay shrI Krishna
ekrUp, anupam Chavi pyArI
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

chandr chandrikA cham cham chamke, jay shrI rAdhA
mor mukuT sir dam dam damke, jay shrI Krishna
jugal prem ras jham jham jhamke
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

kastUrI kumkum jut bindA, jay shrI rAdhA
chandan chAru tilak gati chandA, jay shrI Krishna
suhR^id lA.DlI lAl sunandA
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

ghUm ghumAro ghAMghar sohe, jay shrI rAdhA
kaTi kaTinI kamalApti sohe, jay shrI Krishna
kamalAsan sur muni man mohe
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

ratn jaTit AbhUShaN sundar, jay shrI rAdhA
kaustubhamNi kamalAMchit naTvar, jay shrI Krishna
ta.Dat ka.Dat murlI dhvani manhar
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

rAdhA rAdhA Krishna kanhaiyA jay shrI rAdhA
bhav bhay sAgar pAr lagaiyA jay shrI Krishna .
maMgal mUrti mokSh karaiyA
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

mand hasan matvAre nainA, jay shrI rAdhA
manamohan manhAre sainA, jay shrI Krishna
jaTu musakAvni mIThe bainA
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

shrI rAdhA bhav bAdhA hArI, jay shrI rAdhA
saMkat mochan Krishna murArI, jay shrI Krishna
ek shakti, ekhi AdhArI
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

jag jyoti, jagajannI mAtA, jay shrI rAdhA
jagajIvan, jagapti, jag dAtA, jay shrI Krishna
jagadAdhAr, jagat vikhyAtA
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

rAdhA, rAdhA, Krishna kanhaiyA, jay shrI rAdhA
bhav bhay sAgar pAr lagaiyA, jay shrI Krishna
maMgal mUrti, mokSh karaiyA
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

sarveshvarI sarv duHkhadAhni, jay shrI rAdhA
tribhuvanapti, traytAp nasAvan, jay shrI Krishna
paramdevi, parameshvar pAvan
shrI rAdhA KrishnaAy namaH ..

trismay yugal charaN chit dhAve, jay shrI rAdhA
so nar jagat parampad pAve, jay shrI Krishna
rAdhA Krishna .aChail.a man bhAve
shrI rAdhA KrishnaAy namaH .. 

भजन: मुरलिया बाजे जमुना तीर

bhajan: muraliya baje jamuna teer

Listen to bhajan by Sau. Meera Varma

मुरलिया बाजे जमुना तीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

मुरली सुनत मेरो मन हर लीन्हू
चित्त धरत नहीं धीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

कारो कन्हैय्या कारी कनरिया
कारो जमुना को नीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर
चरण कमल पर सीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

भजन: छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल ।
छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥

आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल।
बीच में मेरो मदन गोपाल॥

कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।
श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥

घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल।
माखन खावे मेरो मदन गोपाल॥

छोटी छोटी लकुटी, छोटे छोटे हाथ।
बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल॥

प्यारी प्यारी गोपियां मधुबन बाग़।
रास रचावे मेरो मदन गोपाल॥


भजन: अब तो श्रीमुख से गोविंदा नाम बोल रे

bhajan: ab to shri mukh se govind nam bol re

listen to bhajan by Sau. Geeta Shrivastava

अब तो श्री मुख से
गोविन्द का नाम बोल रे (alt गोविन्दा नाम बोल रे)
गोविन्द का नाम बोल रे
गोपाला नाम बोले रे

एक बजे लो हरि का नाम
दो बजे द्वारिकानाथ
तीन बजे त्रिलोकी नाथ
आते जाते बोलिए (alt जपत रहो रे, रटत रहो रे)

अब तो श्री मुख से
गोविन्द का नाम बोल रे

चार बजे चतुर्भुज नाम
पांच बजे परमेश्वर नाम
छः बजे छबीले श्याम
आते जाते बोलिए (alt जपत रहो रे, रटत रहो रे)

अब तो श्री मुख से
गोविन्द का नाम बोल रे

सात बजे सतगुरु का नाम
आठ बजे अष्टभुजा नाम (alt आठ बजे लो आठों धाम)
नौ बजे नारायण नाम
आते जाते बोलिए (alt जपत रहो रे, रटत रहो रे)

अब तो श्री मुख से
गोविन्द का नाम बोल रे

दस बजे दामोदर नाम
ग्यारह बजे गिरधारी नाम
बारह बजे बनवारी नाम
आते जाते बोलिए (alt जपत रहो रे, रटत रहो रे)

अब तो श्री मुख से
गोविन्द का नाम बोल रे



ab to shrI mukh se
govind kA nAm bol re (alt govindA nAm bol re)
govind kA nAm bol re
gopAlA nAm bole re

ek baje lo hari kA nAm
do baje dvArikAnAth
tIn baje trilokI nAth
Ate jAte bolie (alt japat raho re, raTat raho re)

ab to shrI mukh se
govind kA nAm bol re

chAr baje chaturbhuj nAm
pAMch baje parameshvar nAm
ChaH baje ChabIle shyAm
Ate jAte bolie (alt japat raho re, raTat raho re)

ab to shrI mukh se
govind kA nAm bol re

sAt baje satguru kA nAm
ATh baje aShTabhujA nAm (alt ATh baje lo AThoM dhAm)
nau baje nArAyaN nAm
Ate jAte bolie (alt japat raho re, raTat raho re)

ab to shrI mukh se
govind kA nAm bol re

das baje dAmodar nAm
gyArah baje girdhArI nAm
bArah baje banvArI nAm
Ate jAte bolie (alt japat raho re, raTat raho re)

ab to shrI mukh se
govind kA nAm bol re 

भजन: आओ, कृष्ण कन्हैया, हमारे घर आओ

bhajan: aao krishna kanhaiya, hamaare ghar aao

Listen to the bhajan from Shri V N Shrivastav 'Bhola' and Dr. Krishna Shrivastav

आओ कृष्ण कन्हैया
हमारे घर आओ
माखन मिसरी दूध मलाई
जो चाहो सो खाओ

आओ कृष्ण कन्हैया
हमारे घर आओ
माखन मिसरी दूध मलाई
रुचि रुचि भोग लगाओ

आप भी आओ
सब गोपियन को लाओ
मेरे आँगन में
तुम रास रचाओ
आँगन में मेरे
तुम रास रचाओ

आओ कृष्ण कन्हैया
हमारे घर आओ
माखन मिसरी दूध मलाई
जो चाहो सो खाओ




Ao Krishna kanhaiyA
hamAre ghar Ao
mAkhan misrI dUdh malAI
jo chAho so khAo

Ao Krishna kanhaiyA
hamAre ghar Ao
mAkhan misrI dUdh malAI
ruchi ruchi bhog lagAo

Ap bhI Ao
sab gopiyan ko lAo
mere A.Ngan meM
tum rAs rachAo
A.Ngan meM mere
tum rAs rachAo

Ao Krishna kanhaiyA
hamAre ghar Ao
mAkhan misrI dUdh malAI
jo chAho so khAo 

शुक्रवार, सितंबर 04, 2015

भजन: कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा,

bhajan: kanhaiya kanhaiya tujhe aana padega

कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा,
आना पड़ेगा .
वचन गीता वाला निभाना पड़ेगा ..

गोकुल में आया मथुरा में आ
छवि प्यारी प्यारी कहीं तो दिखा .
अरे सांवरे
देख आ के ज़रा
सूनी सूनी पड़ी है तेरी द्वारिका ..

कन्हैया
कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा,
आना पड़ेगा .
वचन गीता वाला निभाना पड़ेगा ..

जमुना के पानी में हलचल नहीं .
मधुबन में पहला सा जलथल नहीं .
वही कुंज गलियाँ
वही कुंज गलियाँ  वही गोपिआँ .
छनकती मगर कोई झान्झर नहीं .

कन्हैया
कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा,
आना पड़ेगा .
वचन गीता वाला निभाना पड़ेगा ..


भजन: आओ आओ यशोदा के लाल

bhajan: aao aao yashoda ke lal

आओ आओ यशोदा के लाल .
आज मोहे दरशन से कर दो निहाल .
आओ आओ,
आओ आओ यशोदा के लाल ..

नैया हमारी भंवर मे फंसी .
कब से अड़ी उबारो हरि .
कहते हैं दीनों के तुम हो दयाल .( २)
आओ आओ,
आओ आओ यशोदा के लाल ..

अबतो सुनलो पुकार मेरे जीवन आधार .
भवसागर है अति विशाल .
लाखों को तारा है तुमने गोपाल .( २)
आओ आओ,
आओ आओ यशोदा के लाल ..

यमुना के तट पर गौवें चराकर .
छीन लिया मेरा मन मुरली बजाकर .
हृदय हमारे बसो नन्दलाल . ( २)
आओ आओ,
आओ आओ यशोदा के लाल ..

Listen to bhajan (follows karuna bhari pukar) - MP3 by Dr. Ashok Shrivastava

भजन: करुणा भरी पुकार सुन

bhajan: karuna bhari pukar sun

Listen to the bhajan - MP3 by Dr. Ashok Shrivastava

करुणा भरी पुकार सुन अब तो पधारो मोहना ..

कानन कुण्डल शीश मुकुट गले बैजंती माल हो .
सांवरी सूरत मोहिनी अब तो दिखा दो मोहना ..

कृष्ण तुम्हारे द्वार पर आया हूँ मैं अति दीन हूँ .
करुणा भरी निगाह से अब तो पधारो मोहना ..

पापी हूँ अभागी हूँ दरस का भिखारी हूँ .
भवसागर से पार कर अब तो उबारो मोहना ..


परमेश्वर भवन में जन्माष्टमी पर गाये जाने वाले भजन

Bhajans which were sung on Shri Krishna Janmashtmi at Parmeshwar Bhawan. These were recorded at Ashok Vihar in 2010. Before the bhajans it is also informed as to who used to generally sing that bhajan.

परमेश्वर भवन की झांकी - Recorded on जन्माष्टमी 2010 at अशोक विहार 

https://archive.org/download/RamparivarBhajans-2014August

Thank you to Atul Dada for the audio files.

भजन: जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर
सभी पाठकों को बहुत बहुत बधाई 


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जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

रजनी बीती भोर भयो है , घर घर खुले किवारे ,
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना के झनकारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाढे द्वारे ,
ग्वाल बाल सब करत कुलाहल ,जय जय शब्द उचारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

माखन रोटी हाथ में लीजे गौवन के रखवारे ,
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर ,सरन आया को तारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे
(भजन - मीराबाई )



video and text taken from Mahavir Binavau Hanumana - blog by V N S Bhola


भजन: नन्द नन्दन मोल लियो

Nandanandana Mol Liyo - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

हमें नन्द नन्दन मोल लियो
मोल लियो, मोल लियो ||

जम की भाँति
काठि मुख रायो
अभय अजात कियो ||

सब कोउ कहत
गुलाम श्याम को
सुनत सिरात हियो ||

सूरदास प्रभुजू को चेरो
(मैं तो) जूठन खाय जियो ||

(proofreading required)

भजन : तुम बिन हमरी कौन ख़बर ले

तुम बिन हमरी कौन ख़बर ले 
गोवर्धन गिरधारी ,गोवर्धन गिरधारी?

भक्त मीरा की विपदा में , बस काम तुम्हीं तो आये थे ,
शंकर जी की मुश्किल में , तुम दल बादल सज धाये थे ,
मेरी भी तो आकर सुन लो , ओ जग के रखवारे 
गोवर्धन गिरधारी , गोवर्धन गिरधारी ।।

उलझ गये थे तुम्ही जाकर, दुर्योधन के पासों से,
द्रौपदी की लाज बचाई ,लम्पट कामी हाथों से,
मुझ पर भी किरपा हो जाये , अब है मोरी बारी 
गोवर्धन गिरधारी , गोवर्धन गिरधारी । ।

Click below to watch the video clip (1:05:20 to 1:08:05) from the film Pukar(1939)
with the bhajan 'tum bin hamari kaun khabar le'




Thanks to Geeta Jiji for the lyrics and video link

भजन: तुम मेरी राखो लाज हरि

bhajan: tum meri rakho laj hari

Tum Meri Rakho Laaj Hari - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

तुम मेरी राखो लाज हरि

तुम जानत सब अन्तर्यामी
करनी कछु ना करी
तुम मेरी राखो लाज हरि

अवगुन मोसे बिसरत नाहिं
पलछिन घरी घरी
सब प्रपंच की पोट बाँधि कै
अपने सीस धरी
तुम मेरी राखो लाज हरि

दारा सुत धन मोह लिये हौं
सुध-बुध सब बिसरी
सूर पतित को बेगि उबारो
अब मोरि नाव भरी
तुम मेरी राखो लाज हरि

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tum merI rAkho lAj hari

tum jAnat sab antaryAmI
karnI kaChu nA karI
tum merI rAkho lAj hari

avgun mose bisrat nAhiM
palChin gharI gharI
sab prapaMch kI poT bA.Ndhi kai
apne sIs dharI
tum merI rAkho lAj hari

dArA sut dhan moh liye hauM
sudh-budh sab bisrI
sUr patit ko begi ubAro
ab mori nAv bharI
tum merI rAkho lAj hari 

भजन: मोहे सब घट श्याम ही दीखे

bhajan: mohe san ghat shyam hi deekhe

Listen on Madhu ke Geet youtube channel from Mrs. Madhu Chandra

https://www.youtube.com/watch?v=b8N1GsrnWIE



मोहे सब घट श्याम ही दीखे
सब घट श्याम ही दीखे
जित देखूँ उत श्याम ही दीखे (२)

सागर की ये तरंग प्रभुजी
बोले राधे श्याम
नदिया की ये लहर प्रभुजी
गाये राधे श्याम
मोहे सब में श्याम ही दीखे
सब में श्याम ही दीखे
जित देखूँ उत श्याम ही दीखे (२)
मोहे सब घट श्याम ही दीखे

बावरी बन मैं इत उत डोलूँ
निरखूं श्याम सलोना
श्याम नाम की पहर चुनरिया
श्याम ही श्याम पुकारूँ
सब में श्याम ही दीखे
सब में श्याम ही दीखे
जित देखूँ उत श्याम ही दीखे (२)
मोहे सब घट श्याम ही दीखे

नैन चकोर भये प्रभु मधु के
हर क्षण प्रभु संग लागें
देखन चाहें हर पल प्रभु को
सब में प्रभु को पाए
सब में श्याम ही दीखे
सब में श्याम ही दीखे
जित देखूँ उत श्याम ही दीखे (२)
मोहे सब घट श्याम ही दीखे

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mohe sab ghaT shyAm hI dIkhe
sab ghaT shyAm hI dIkhe
jit dekhU.N ut shyAm hI dIkhe (2)

sAgar kI ye taraMg prabhujI
bole rAdhe shyAm
nadiyA kI ye lahar prabhujI
gAye rAdhe shyAm
mohe sab meM shyAm hI dIkhe
sab meM shyAm hI dIkhe
jit dekhU.N ut shyAm hI dIkhe (2)
mohe sab ghaT shyAm hI dIkhe

bAvrI ban maiM it ut DolU.N
nirkhUM shyAm salonA
shyAm nAm kI pahar chunriyA
shyAm hI shyAm pukArU.N
sab meM shyAm hI dIkhe
sab meM shyAm hI dIkhe
jit dekhU.N ut shyAm hI dIkhe (2)
mohe sab ghaT shyAm hI dIkhe

nain chakor bhaye prabhu madhu ke
har kShaN prabhu saMg lAgeM
dekhan chAheM har pal prabhu ko
sab meM prabhu ko pAe
sab meM shyAm hI dIkhe
sab meM shyAm hI dIkhe
jit dekhU.N ut shyAm hI dIkhe (2)
mohe sab ghaT shyAm hI dIkhe 

भजन : गोविन्द कबहुं मिले पिया मेरा

bhajan: govind kabahun mile piya mora



गोबिन्द कबहुं मिलै पिया मेरा।

चरण-कंवल को हंस-हंस देखू राखूं नैणां नेरा।
गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा।

निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा।
गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा।

ब्याकुल प्राण धरे नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा।
गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा।
गोबिंद कबहुं मिलै पिया मेरा।

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MP3 - Sau Meera Varma


gobind kabhuM milai piyA merA|

charaN-kaMval ko haMs-haMs dekhU rAkhUM naiNAM nerA|
gobiMd kabhuM milai piyA merA|

nirakhaNkUM mohi chAv ghaNero kab dekhUM mukh terA|
gobiMd kabhuM milai piyA merA|

byAkul prAN dhare nahiM dhIraj mil tUM mIt saberA|
gobiMd kabhuM milai piyA merA|

mIrA ke prabhu girdhar nAgar tAp tapan bahuterA|
gobiMd kabhuM milai piyA merA|



Listen to the bhajan

भजन: करुणा सुनो श्याम मेरी

हे श्याम,
श्याम, श्याम, श्याम,
मेरे श्याम
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

करुणा सुनो श्याम मेरी,
मैं तो होय रही चेरी तेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी  ॥

दरसन कारन भयी बावरी,
बिरह व्यथा तन घेरी,
तेरे कारन जोगन हूँगी,
 दूंगी नगर बिच फेरी,
कुञ्ज बन हेरी हेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

अंग बभूत गले मृग छाला,
यूं तन भसम करूंगी,
अजहूँ न मिल्या श्याम अबिनासी,
बन बन बीच फिरुंगी,
रोऊँ नित हेरी फेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

जब मीरा को गिरिधर मिलिया,
दुःख मेटन सुख भेरी,
रोम रोम साका भई उर में,
मिट गयी फेरा फेरी,
रही चरनन तर चेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

Listen to this bhajan by VNS Bhola
on Bholakrishna youtube channel 
at
https://www.youtube.com/watch?v=eIlHOoUGlKw



he shyAm,
shyAm, shyAm, shyAm,
mere shyAm
karuNA suno shyAm merI ||

karuNA suno shyAm merI,
maiM to hoy rahI cherI terI,
karuNA suno shyAm merI  ||

darsan kAran bhayI bAvrI,
birah vyathA tan gherI,
tere kAran jogan hU.NgI,
dUMgI nagar bich pherI,
ku~nj ban herI herI,
karuNA suno shyAm merI ||

aMg babhUt gale mR^ig ChAlA,
yUM tan bhasam karUMgI,
ajhU.N na milyA shyAm abinAsI,
ban ban bIch phiruMgI,
roU.N nit herI pherI,
karuNA suno shyAm merI ||

jab mIrA ko giridhar miliyA,
duHkh meTan sukh bherI,
rom rom sAkA bhaI ur meM,
miT gayI pherA pherI,
rahI charnan tar cherI,
karuNA suno shyAm merI ||

भजन: अंखियाँ हरि दरसन की प्यासी

bhajan: ankhiyan hari darashan ki pyasi

MP3 Audio

अंखियाँ हरि दरसन की प्यासी।

देख्यौ चाहति कमलनैन कौ,
निसि-दिन रहति उदासी।।

आए ऊधै फिरि गए आँगन,
डारि गए गर फांसी।

केसरि तिलक मोतिन की माला,
वृन्दावन के बासी।।

काहू के मन को कोउ न जानत,
लोगन के मन हांसी।

सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस कौ,
करवत लैहौं कासी।।

__________________________________________

ankhiyA.N hari darsan kI pyAsI|

dekhyau chAhti kamala nayan kau,
nisi-din rahti udAsI||

Ae Udhai phiri gae A.Ngan,
DAri gae gar phAMsI|

kesri tilak motin kI mAlA,
vR^indAvan ke bAsI||

kAhU ke man ko kou na jAnat,
logan ke man hAMsI|

sUrdAs prabhu tumhre daras kau,
karvat laihauM kAsI|| 

भजन: नन्द बाबाजी को छैया

Listen to Krishna Bhajan - Nand Babaji ko Chhaiyya
by
MP3 Audio (Madhav Mukund)

MP3 Audio (VNS Bhola - 1st 1 stanza only)

Youtube video by Dr. Vishwas Varma


नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया,
वाको नाम है कन्हैया, श्याम, alt (कन्हैया रे, आ जा रे, आ जा रे )

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

काहे की गेंद है, काहे का बल्ला,
गेंद में काहे का लागा है छल्ला,
काहे की गेंद है, काहे का बल्ला,
गेंद में काहे का लागा है छल्ला,
कौन ग्वाल ये खेलन आये,
कौन ग्वाल ये खेलन आये,
खेलें ता ता थैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

रेशम की गेंद है, चंदन का बल्ला,
रेशम की गेंद है, चंदन का बल्ला,
चंदन का बल्ला,
गेंद में मोतियां लागे हैं छल्ला
लागे हैं छल्ला
सुघड़ मनसुखा खेलन आये
बृज बालन के भैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

नीली यमुना है, नीला गगन है,
नीले कन्हैया, नीला कदम्ब है,
नीली यमुना है, नीला गगन है,
नीले कन्हैया, नीला कदम्ब है,
सुघड़ श्याम के सुघड़ खेल में,
नीले खेल खिलैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

___________________________________________________




nand bAbA jI ko chhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA, shyAm, alt (kanhaiyA re, A jA re, A jA re )

nand bAbAjI ko chhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do gend ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

kAhe kI gend hai, kAhe kA ballA,
gend me kAhe kA lAgA hai chhallA,
kAhe kI gend hai, kAhe kA ballA,
gend me kAhe kA lAgA hai chhallA,
kaun gvAl ye khelan Aye,
kaun gvAl ye khelan Aye,
khelen tA tA thaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko chhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do gend ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

resham kI gend hai, chandan kA ballA,
resham kI gend hai, chandan kA ballA,
chandan kA ballA,
gend me motiyA lAge hain chhallA
lAge hain chhallA
sugha.D mansukhA khelan Aye
bRij bAlan ke bhaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko chhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do gend ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nIlI yamunA hai, nIlA gagan hai,
nIle kanhaiyA, nIlA kadamb hai,
nIlI yamunA hai, nIlA gagan hai,
nIle kanhaiyA, nIlA kadamb hai,
sugha.D shyAm ke sugha.D khel me,
nIle khel khilaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko chhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do gend ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re .. 

भजन: गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है

bhajan: govind meri yeh prarthana hai

in voice of Shri Atul Shrivastava

श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है
कि भूलूँ कभी न मैं नाम तेरा
निश दिन मैं तो तेरे गीत गाऊं
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

देहान्तकाले तुम सामने हो
मुरली बजाते मन को लुभाते
कहते हुए नाथ यह तन मैं त्यागूँ
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

_______________________________

shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

govind merI yah prArthanA hai
ki bhUlU.N kabhI na maiM nAm terA
nish din maiM to tere gIt gAUM
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

dehAntakAle tum sAmne ho
murlI bajAte man ko lubhAte
kahte hue nAth yah tan maiM tyAgU.N
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

भजन: खुद तो बाहर ही खड़े रहे

bhajan: khud to bahar hi khade rahe

Click here to listen to the bhajan 
tune - Shri Jagannath Prasad Ji Shrivastava
voice - Sau. Krishna Kumari Shrivastava
Introduction by Justice Shiv Dayal Ji Shrivastava
The last few lines of the bhajan are in the voice of Sau. Sunita  Shrivastava .

महाभारत का एक प्रसंग है, एक दिन दुर्योधन ने भीष्म पितामह को बहुत बुरा-भला कहा . उन्होंने आवेश में आकर प्रतिज्ञा की कि कल पाँचो पाण्डवों को मार दूँगा. 

उसके बाद क्या होता है , ये बहूरानी से सुनिए गीत :

खुद तो बाहर ही खड़े रहे, भीतर भेजा पांचाली को;
यतिवर बाबा के चरणों में, जाकर अपना मस्तक रख दो ।

अर्धरात्रि की बेला में, भीषम की लगी समाधी थी;
मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, उस जगह न कोई व्याधा थी ।

कृष्णा ने जाकर सिर रक्खा, चरणों पर भीष्म पितामह के;
चरणों पर कौन झुका, देखूँ, बाबा भीषम एकदम चौंके ।

देखा एक सधवा नारी है, चरणों पर शीश झुकाती है;
उसके तन की रंगी साड़ी, सधवापन को दर्शाती है ।

आशीर्वाद मुख से निकला, सौभाग्यवती भव हो बेटी;
तेरे हाथों की मेहंदी का न रंग कभी छूटे बेटी ।

सौभाग्य तुम्हारा अचल रहे, सिन्दूर से मांग न खाली हो;
वर देता हूँ तुझको बेटी, तू वीर कुमारों वाली हो ।

सुनकर कृष्णा ने तुरत कहा, बाबा ये क्या बतलाते हो;
कल और आज कुछ और कहा, तुम सत्यव्रती कहलाते हो ।

मेहंदी का रंग तो रहने दो, साड़ी का रंग उड़ाओ ना;
सिन्दूर जो मेरी मांग का है, बाणों से उसे छुड़ाओ ना ।

मेरे पाँचों पतियों में से, यदि एक भी मारा जायेगा;
आशीर्वाद तेरा बाबा, क्या झूठा नहीं कहायेगा ।

तब आया होश पितामह को, हाथों से माला छूट गई;
मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, चितचोर समाधी टूट गई ।

बोले बेटी इन प्रश्नों का उत्तर पीछे दे पाउंगा;
तेरे सुहाग का निर्णय भी मैं पीछे ही कर पाउंगा ।

एक बात खटकती है मन में, हैरान है जिसने कर डाला;
बतला बेटी, वह कहाँ छिपा, इस जगह तुझे लाने वाला ।

बेटी तूने मेरे कुल को, इतना पवित्र कर डाला है;
पहरा देता होगा तेरा, जो विश्व रचाने वाला है    ।

बूढ़ा होने को आया है, पर अब भी गई नहीं चोरी;
नित नई नीतियाँ चलता है, तुमसे चोरी, मुझसे चोरी ।

बाहर आकर के जो देखा, ड्योढ़ी का दृश्य निराला था;
पीताम्बर का घूंघट डाले, वो खड़ा बांसुरी वाला था ।

चरणों से जाकर लिपट गये, छलिया छलने को आया है;
भक्तों की रक्षा करने को, दासी का वेष बनाया है ।

*

कहते हैं द्रौपदी का जूता था, पीताम्बर के कोने में;
उर में करुणा का भार लिये थे लगे पितामह रोने में ।   

हे द्रुपद सुता, मेरी बेटी, अब जाओ विजय तुम्हारी है;
पतियों का बाल न बाँका हो, जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं ।

जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं, भव भय भंजन भय हारी हैं;
जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं, भव भय भंजन भय हारी हैं ।

_________________________________

khud to bAhar hI kha.De rahe, bhItar bhejA pAMchAlI ko;
yativar bAbA ke charNoM meM, jAkar apnA mastak rakh do |

ardharAtri kI belA meM, bhISham kI lagI samAdhI thI;
man prabhu charNoM meM lagA huA, us jagah na koI vyAdhA thI |

kR^iShNA ne jAkar sir rakkhA, charNoM par bhIShm pitAmah ke;
charNoM par kaun jhukA, dekhU.N, bAbA bhISham ekdam chauMke |

dekhA ek sadhvA nArI hai, charNoM par shIsh jhukAtI hai;
uske tan kI raMgI sA.DI, sadhavApan ko darshAtI hai |

AshIrvAd mukh se niklA, saubhAgyavtI bhav ho beTI;
tere hAthoM kI mehaMdI kA na raMg kabhI ChUTe beTI |

saubhAgy tumhArA achal rahe, sindUr se mAMg na khAlI ho;
var detA hU.N tujhko beTI, tU vIr kumAroM vAlI ho |

sunkar kR^iShNA ne turat kahA, bAbA ye kyA batlAte ho;
kal aur Aj kuCh aur kahA, tum satyavratI kahlAte ho |

mehaMdI kA raMg to rahne do, sA.DI kA raMg u.DAo nA;
sindUr jo merI mAMg kA hai, bANoM se use Chu.DAo nA |

mere pA.NchoM patiyoM meM se, yadi ek bhI mArA jAyegA;
AshIrvAd terA bAbA, kyA jhUThA nahIM kahAyegA |

tab AyA hosh pitAmah ko, hAthoM se mAlA ChUT gaI;
man prabhu charNoM meM lagA huA, chitchor samAdhI TUT gaI |

bole beTI in prashnoM kA uttar pIChe de pAuMgA;
tere suhAg kA nirNay bhI maiM pIChe hI kar pAuMgA |

ek bAt khaTaktI hai man meM, hairAn hai jisne kar DAlA;
batlA beTI, vah kahA.N ChipA, is jagah tujhe lAne vAlA |

beTI tUne mere kul ko, itnA pavitr kar DAlA hai;
pahrA detA hogA terA, jo vishv rachAne vAlA hai    |

bU.DhA hone ko AyA hai, par ab bhI gaI nahIM chorI;
nit naI nItiyA.N chaltA hai, tumse chorI, mujhse chorI |

bAhar Akar ke jo dekhA, Dyo.DhI kA dR^ishy nirAlA thA;
pItAmbar kA ghUMghaT DAle, vo kha.DA bAMsurI vAlA thA |

charNoM se jAkar lipaT gaye, ChaliyA Chalne ko AyA hai;
bhaktoM kI rakShA karne ko, dAsI kA veSh banAyA hai |

*

kahte haiM draupdI kA jUtA thA, pItAmbar ke kone meM;
ur meM karuNA kA bhAr liye the lage pitAmah rone meM |

he drupad sutA, merI beTI, ab jAo vijay tumhArI hai;
patiyoM kA bAl na bA.NkA ho, jab rakShak kR^iShN murArI haiM |

jab rakShak kR^iShN murArI haiM, bhav bhay bhaMjan bhay hArI haiM;
jab rakShak kR^iShN murArI haiM, bhav bhay bhaMjan bhay hArI haiM |

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This bhajan was the first in our series 'Bhajan on Demand' initiated by requests from dear Jyoti - Sau. Dr. Jyotsna Nigam. Efforts by various family members have made this possible.

Thanks to Sau. Dr. Krishna Shrivastav for the audio files, Shri Atul Shrivastava for the transcribed lyrics. The audio has been converted from old cassettes and two versions have been edited and spliced together to complete the song.


Atul Dada writes: "This bhajan/ poem appeared many many years back in one of the volumes  (अंक) of  "कल्याण"  पत्रिका. On demand of Tauji, Babu had composed its dhun. We sing it in the same dhun today. Just close your eyes while singing this bhajan and we will get परमानन्द. This is my experience, by God's Grace."