कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे
सुनयना रानी अपनी लली को दुलरावे
मुख चू्मे और कण्ठ लगावे
मन में मोद में मनावे
कौशल्या रानी
मन में मोद में मनावे
शिव ब्रह्मा जाको पार न पावे
निगम नेति कहि गावे
कौशल्या रानी
निगम नेति कहि गावे
हरि सहचरि बड़ भाग्य निराली
अपनी गोद खिलावे
कौशल्या रानी
अपनी गोद खिलावे
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गुरुवार, सितंबर 25, 2008
रविवार, सितंबर 07, 2008
बधैया बाजे
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ..
राम, लखन, शत्रुघन, भरतजी, झूलें कंचन पालने में .
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ..
राजा दसरथ रतन लुटावै, लाजे ना कोउ माँगने में .
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
प्रेम मुदित मन तीनों रानी, सगुन मनावैं मन ही मन में .
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
राम जनम को कौतुक देखत, बीती रजनी जागने में
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
राम, लखन, शत्रुघन, भरतजी, झूलें कंचन पालने में .
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ..
राजा दसरथ रतन लुटावै, लाजे ना कोउ माँगने में .
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
प्रेम मुदित मन तीनों रानी, सगुन मनावैं मन ही मन में .
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
राम जनम को कौतुक देखत, बीती रजनी जागने में
बधैया बाजे आंगने में बधैया बाजे ..
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