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बुधवार, नवंबर 11, 2015

आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .

MP3 Audio



जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी .
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ..

अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया .
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..

गुरुवार, सितंबर 17, 2015

भजन: शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ

शुभ घड़ी प्रथम गणेश मनाओ । 
मंगल दीप जलाओ जलाओ ।। 

पूजो प्रथम श्री गणनाथ, करते हैं सबके शुभ काज। 
रखते सारे जग की लाज, श्रद्धा शीश नवाओ; मनाओ।।  शुभ घड़ी …… . 

रहें सहाय सदा श्रीराम, कृपा करें हम पर घनश्याम। 
पूरन हो शुभसे शुभ काम, हर्षित मन सबका मनाओ।।  शुभ घड़ी …….

Listen to the bhajan 'shubh ghadi pratham ganesh manao'
MP3 Audio

shubh gha.DI pratham gaNesh manAo |
maMgal dIp jalAo jalAo ||

pUjo pratham shrI gaNnAth, karte haiM sabke shubh kAj|
rakhte sAre jag kI lAj, shraddhA shIsh navAo; manAo||  shubh gha.DI …… .

raheM sahAy sadA shrIrAm, kR^ipA kareM ham par ghanashyAm|
pUran ho shubhse shubh kAm, harShit man sabkA manAo||  shubh gha.DI ……. 

Thank you to Geeta Jiji, Ajey Da, Anil Dada and Induja Bhabhi for the bhajan text, audio and information.

"पूज्य बाबूजी ने इस भजन को दूसरों को सम्बोधित करने के बजाय स्वयं को प्रेरित करने के लिए शब्द " मनाओ " को बदल कर " मनाऊँ " कर दिया था।लाइन " पूरन हो शुभसे शुभ काम " को बदल कर वे परोपकार भावना से " पूरन हो सबके शुभ काम " गाते थे।" - Ajey Da

भजन: गाइये गणपति जगवंदन

गाइये गणपति जगवंदन |
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

सिद्धि सदन गजवदन विनायक |
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

मोदक प्रिय मुद मंगल दाता |
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता॥

गाइये गणपति जगवंदन ...

मांगत तुलसीदास कर जोरे |
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥

गाइये गणपति जगवंदन ...



gAiye gaNapti jagavaMdan |
shaMkar suvan bhavAnI ke naMdan ||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

siddhi sadan gajavdan vinAyak |
kR^ipA siMdhu suMdar sab lAyak||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

modak priy mud maMgal dAtA |
vidyA bAridhi buddhi vidhAtA||

gAiye gaNapti jagavaMdan ...

mAMgat tulasIdAs kar jore |
bashiM rAmsiy mAnas more ||

gAiye gaNapti jagavaMdan ... 

भजन: गणपति बप्पा की जय बोलो

Originally posted in 2008 September,
Updated today to include mp3 link

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो।

सिद्ध विनायक संकट हारी
विघ्नेश्वर शुभ मंगलकारी

सबके प्रिय सबके हितकारी
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो

पारवती के राज दुलारे
शिवजी की आंखों के तारे

गणपति बप्पा प्यारे प्यारे
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो।

शंकर पूत भवानी जाये
गणपति तुम सबके मन भाये

तुमने सबके कष्ट मिटाये
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जयबोलो

जो भी द्वार तुम्हारे आता
खाली हाथ कभी ना जाता

तू है सबका भाग्य विधाता
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो
--
Listen to the bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola'

गुरुवार, अगस्त 28, 2014

बधाई गीत - श्री गणेश जन्मोत्सव

बधाई गीत - श्री गणेश जन्मोत्सव 


सखी धूम मची शंकर अंगना 

 शंकर अंगना गौरी के अंगना  सखी धूम मची शंकर अंगना

सखी धूम मची शंकर अंगना 

शिव गौरी घर सिद्ध विनायक , प्रगट भये तन उबटन मा 

सखी धूम मची शंकर अंगना 

बाज रही मंगल शहनाई , और बजे ढोलक चंगना 

सखी धूम मची शंकर अंगना 

चंद्रमुखी परबत कन्याएं , छेड़ें राग मधुर सुर माँ 

सखी धूम मची शंकर अंगना 

नील गगब से कौतुक देखें --सुरगण देखें ,देव गण देखें 

गौरी को सुंदर ललना ,

सखी धूम मची शंकर अंगना 

इन्द्रलोक की परियां नाचें , खनकाएं झांझर  कंगना 

सखी धूम मची शंकर अंगना 

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Click here to listen to the bhajan

मंगलवार, सितंबर 10, 2013

भजन : नाचत प्रिय गणपति राजा



Ganesh Bhajan by Kirti Anurag (Chhavi Bhaiya)

भजन: सिद्धि विनायक मंगल दाता


ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

हर शुभ काज में प्रथम पूज्य हो
हे गणपति तुम मङ्गलमय हो
हम भक्तों के भाग्य विधाता
दो वरदान हमें तुम दाता
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

हे गणपति तुम्हारी महिमा
का हम करें गुण गान
चारों ओर है फैली आभा
गणपति तुम हो महान  
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 

भक्तजनों का तुमको गजानन
नमन है बारम्बार
आरती गायें भक्तजन और
हो रही जय जयकार
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 

Thanks to Geeta Jiji for the youtube link

सोमवार, सितंबर 09, 2013

भजन : शुभ दिन प्रथम गणेश मनाओ

शुभ दिन प्रथम गणेश मनाओ

कार्य सिद्धि की करो कामना ।
तुरत हि मन वान्छित फल पाओ ।

अन्तर मन हो ध्यान लगाओ ।
कृपा सिन्धु के दरशन पाओ ।

श्रद्धा भगति सहित निज मन मे ।
मंगल दीप जलाओ जलाओ ।

सेन्दुर तुलसी मेवा मिसरी ।
पुष्प हार नैवेद्य चढ़ाओ ।

मेवे मोदक भोग लगाकर ।
लम्बोदर का जी बहलाओ ।

एक दन्त अति दयावन्त हैं।
उन्हें रिझावो नाचो गाओ ।

सर्व प्रथम गण नाथ मनाओ

ganapati pujan vidhi - Part 1

The following puja vidhi for ganapati pujan is taken from 'Satyanarayana ki Katha' by Shri Pandit Dinanath Bhargava Dinesh. It has hindi verse translation along with the sanskrit shlokas.


MP3 Audio

श्री गणपति ध्यान तथा आवाहन

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय,
लम्बोदराय सकलाय जगत्‌ हिताय ।
नागाननाय श्रुतियज्ञभूषिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते ॥

ॐ भूर्भुवः स्वः गणपते !
इहागच्छ इहातिष्ठ सुप्रतिष्ठो भव
मम पूजा गृहाण !

गणानान्त्वा गणपति (गुँ) हवामहे
प्रियाणान्त्वा प्रियपति (गुँ) हवामहे
निधिनान्त्वा निधिपति (गुँ) हवामहे
वसो मम ।
आहमजानि गर्भधमात्वमजासि गर्भधम्‌ ॥

देवों के प्रिय विघ्ननियन्ता, लम्बोदर भव-भय हारी ।
गिरिजानन्दन देव गजानन, यज्ञ-विभूषित श्रुतिधारी ॥
मंगलकारी दुःख-विदारी, तेजोमय जय वरदायक ।
बार-बार जय नमस्कार, स्वीकार करो हे गणनायक ॥

देव आइये यहाँ बैठिये, पूजा को करिये स्वीकार ।
भूर्भुवः स्वः सुख समृद्धि के, खोल दीजिये मंगल द्वार ॥

गणनायक वर बुद्धि विधायक, सदा सहायक भय-भंजन ।
प्रियपति, अति प्रिय वस्तु प्रदायक, जगत्राता जन-मन-रंजन ॥
निधिपति, नव-निधियों के दाता, भाग्य-विधाता भव-भावन ।
श्रद्धा से हम करते सादर, देव! आपका आवाहन ॥
विश्व उदर में टिका आपके, विश्वरूप गणराज महान ।
सर्व शक्ति संचारक  तारक, दो अपने स्वरूप का ज्ञान ॥