यह ब्लॉग खोजें

मीराबाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मीराबाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, जून 09, 2025

हरि बिन क्यूँ जीऊँ री माई - नंदिनी


हरि बिन क्यूँ जीऊँ री माय।

हरि कारण बौरी भई, जस काठहि घुन खाय।

औषध मूल न संचरै, मोहि लागौ बौराय।

कमठ दादुर बसत जलमँह, जलहि ते उपजाय।

हरि ढूढँन गई बन-बन, कहुँ मुरली धुन पाय।

मीरा के प्रभु लाल गिरधर, मिलि गये सुखदाय।

शुक्रवार, अक्टूबर 28, 2016

भजन: या मोहन के मैं रूप लुभानी

Bhajan: Ya Mohan ke main roop lubhani

Listen to this bhajan sung by Shri GP Shrivastava by clicking here.

या मोहन के मैं रूप लुभानी ।

जमना के नीरे तीरे धेनु चरावै
बंसी से गावै मीठी बानी ।।
या मोहन के मैं रूप लुभानी ।

तन मन धन गिरधर पर बारूं
चरणकंवल मीरा लपटानी ।।
या मोहन के मैं रूप लुभानी ।

सुंदर बदन कमलदल लोचन
बांकी चितवन मंद मुसकानी ।।
या मोहन के मैं रूप लुभानी ।

बुधवार, अक्टूबर 07, 2015

भजन: राम नाम रस पीजै मनुवा

Bhajan: ram nam ras peeje manava

Click here for links to audio and video - voice: Sandhya Mukherjee

राम नाम रस पीजै मनुवा,
राम नाम रस पीजै

तजि कुसंग सतसंग बैठि नित,
हरि-चर्चा सुनि  लीजै ।

काम क्रोध मद मोह लोभ को ,
बहा चित से दीजै ।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
ताही के रंग में भीजै ।




rAm nAm ras pIjai manuvA,
rAm nAm ras pIjai

taji kusaMg satasaMg baiThi nit,
hari-charchA suni  lIjai |

kAm krodh mad moh lobh ko ,
bahA chit se dIjai |

mIrA ke prabhu girdhar nAgar,
tAhI ke raMg meM bhIjai |

https://www.youtube.com/watch?v=OKASPHmQcY8


रविवार, सितंबर 20, 2015

भजन: हरि तुम हरो जन की भीर

Bhajan: Hari Tum Haro Jan Ki Bheer
By Anjana Bhattacharya
MP3 from Shree Ram Sharanam, Delhi.

हरि तुम हरो जन की भीर,
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

भगत कारण रूप नरहरि धर्‌यो आप सरीर ॥
हिरण्यकश्यप मारि लीन्हो धर्‌यो नाहिन धीर॥

बूड़तो गजराज राख्यो कियौ बाहर नीर॥
दासी मीरा लाल गिरधर चरणकंवल सीर॥



hari tum haro jan kI bhIr,
dropdI kI lAj rAkhI, tum ba.DhAyo chIr||

bhagat kAraN rUp narahri dhar‌yo Ap sarIr ||
hiraNyakashyap mAri lInho dhar‌yo nAhin dhIr||

bU.Dto gajrAj rAkhyo kiyau bAhar nIr||
dAsI mIrA lAl girdhar charaNakaMval sIr|| 




शनिवार, सितंबर 05, 2015

भजन: मुरलिया बाजे जमुना तीर

bhajan: muraliya baje jamuna teer

Listen to bhajan by Sau. Meera Varma

मुरलिया बाजे जमुना तीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

मुरली सुनत मेरो मन हर लीन्हू
चित्त धरत नहीं धीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

कारो कन्हैय्या कारी कनरिया
कारो जमुना को नीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर
चरण कमल पर सीर
मुरलिया बाजे जमुना तीर

शुक्रवार, सितंबर 04, 2015

भजन: जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर
सभी पाठकों को बहुत बहुत बधाई 


______________________________________________________

जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

रजनी बीती भोर भयो है , घर घर खुले किवारे ,
गोपी दही मथत सुनियत है कंगना के झनकारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

उठो लालजी भोर भयो है सुर नर ठाढे द्वारे ,
ग्वाल बाल सब करत कुलाहल ,जय जय शब्द उचारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे

माखन रोटी हाथ में लीजे गौवन के रखवारे ,
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर ,सरन आया को तारे !!
जागो वंशीवारे ललना जागो मोरे प्यारे
(भजन - मीराबाई )



video and text taken from Mahavir Binavau Hanumana - blog by V N S Bhola


भजन: करुणा सुनो श्याम मेरी

हे श्याम,
श्याम, श्याम, श्याम,
मेरे श्याम
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

करुणा सुनो श्याम मेरी,
मैं तो होय रही चेरी तेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी  ॥

दरसन कारन भयी बावरी,
बिरह व्यथा तन घेरी,
तेरे कारन जोगन हूँगी,
 दूंगी नगर बिच फेरी,
कुञ्ज बन हेरी हेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

अंग बभूत गले मृग छाला,
यूं तन भसम करूंगी,
अजहूँ न मिल्या श्याम अबिनासी,
बन बन बीच फिरुंगी,
रोऊँ नित हेरी फेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

जब मीरा को गिरिधर मिलिया,
दुःख मेटन सुख भेरी,
रोम रोम साका भई उर में,
मिट गयी फेरा फेरी,
रही चरनन तर चेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

Listen to this bhajan by VNS Bhola
on Bholakrishna youtube channel 
at
https://www.youtube.com/watch?v=eIlHOoUGlKw



गुरुवार, सितंबर 03, 2015

भजन: या बृज में कछु देख्यो री टोना

bhajan - Ya Brij Me Kachhu Dekhyo Ri Tona

Listen to the bhajan in the voice of Shri V N Shrivastav 'Bhola'

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

ले मटकी सिर चली गुजरिया,
आगे मिले बाबा नंद जी के छोना ।
दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी,
ले लेहुरी कोउ स्याम सलोना ।

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

बृंदावन की कुँजगलिन में,
आस लगाय गयो मनमोहना ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
सुंदर स्याम सुघर रस लोना ।

या ब्रिज में कछु देख्यो री टोना ।।।


MP3 Audio by Sau. Kusum Shrivastav

yA braj meM kaChu dekhyo rI TonA |

le maTkI sir chalI gujriyA,
Age mile bAbA naMd jI ke ChonA |
dadhi ko nAm bisri gayo pyArI,
le lehurI kou syAm salonA |

yA braj meM kaChu dekhyo rI TonA |

bR^iMdAvan kI ku.Njaglin meM,
As lagAy gayo manamohnA |
mIrA ke prabhu girdhar nAgar,
suMdar syAm sughar ras lonA |

yA brij meM kaChu dekhyo rI TonA |||




गुरुवार, जुलाई 10, 2014

भजन : मैं हरि बिन क्यूँ जियूँ री माई

मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

पिव कारण बौरी भई, ज्यूं काठहि घुन खाई॥
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

ओखद मूल न संचरै, मोहि लाग्यो बौराई॥
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

कमठ दादुर बसत जल में जलहि ते उपजाई।
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

मीन जल के बीछुरे तन तलफि करि मरि जाई॥
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

पिव ढूंढण बन बन गई, कहुं मुरली धुनि पाई।
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

मीरा के प्रभु लाल गिरधर मिलि गये सुखदाई॥
मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥

mai hari binu kyun jiyun ri mai -Meera Bhajan - composed by  VNS Bhola - sung by Nandini Srivastav

Long Version - www.youtube.com/v/W96blkFM2Ns




mai hari bin kyu jiyu ri mai - Meera Bhajan - composed by  VNS Bhola - sung by Nandini Srivastav
Short Version - www.youtube.com/v/7549Az_hqOo

गुरुवार, अक्टूबर 04, 2012

भजन : पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने, राम रतन धन पायो ..

वस्तु अमोलिक, दी मेरे सतगुरु, किरपा करि अपनायो .

जनम जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो .

खरचै न खूटै, जाको चोर न लूटै, दिन दिन बढ़त सवायो .

सत की नाव, खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो .

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, हरष हरष जस गायो .


Listen to Bhajan -
Payo ji maine Ram Ratan Dhan Payo
MP3 Audio by Sau.  Amita Shrivastava

मंगलवार, मई 04, 2010

भजन - मैं तों सांवरे के रंग राती

मैं तो सांवर के रंग राती ।

कोर्इ के पिया परदेश बसत हैं, लिख-लिख भेजै पाती ।
मेरा पिया मेरे हिये बसत है, ना कहुँ आती जाती ।

और सखी मद पी-पी माती, मैं बिन पीयाँ ही माती ।
प्रेमभठीकों मैं मद पीयो, छकी फिरूँ दिन-राती ।

पीहर बसूं न बसूं सास घर, सतगुरू संग लजानी ।
दासी मीरा के प्रभु गिरधर, हरि चरणन की मैं दासी ।

शनिवार, मई 01, 2010

भजन - तुम बिन मेरी कौन खबर ले

तुम बिन मेरी कौन खबर ले,
गोवर्धन गिरधारी ।

मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुंडल की छवि न्यारी रे ।

भरी सभा में द्रौपदी ठाढ़ी,
राखो लाज हमारी रे ।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
चरण कमल बलिहारी रे ।