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गुरुवार, जुलाई 03, 2025

वैद्य परम गुरु स्वामी - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

 Vaidya Param Guru Swami


मेरे वैद्य परमगुरु स्वामी॥

तन के सारे रोग मिटावें,
मन में परमानंद बसावें।
भय पीड़ायें दूर भगावें,
गुरु मेरे विज्ञानी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

भूत भविष्य सब जन के जानै,
कष्ट भोग सबके अनुमाने।
औषधि मूल सबै पहिचाने,
सतगुरु अंतरयामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

जब रोगी थक हार बुलावै,
रामबाण गुरुदेव चलावै।
रोग लंकपति मार गिरावै,
पल में सतगुरु स्वामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

कल क्या होगा किसे ज्ञात है,
जन्मों का प्रारब्ध साथ है।
अगला पल श्री राम हाथ है,
कहते सद्गुरु स्वामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।


शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

शनिवार, अप्रैल 12, 2025

गुरु बिन कौन सम्हारे -  व्ही. एन. श्रीवास्तव



गुरु बिन कौन सम्हारे ।
को भव सागर पार उतारे ॥

टूटी फूटी नाव हमारी
पहुँच न पाई तट पर ।
जैसे कोई प्यासा राही ।
भटक गया पनघट पर ।
पास खड़ा गुरु मुस्काता है ।
दोनों बाँह पसारे।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

मेरे राम मुझे शक्ति दो ।
मन में मेरे दृढ़ भक्ति दो ।
राम काम मैं करूँ निरंतर ।
राम नाम चित धारे।
वो भव सागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

जीवन पथ की उलझन लख कर।
खड़े न हो जाना तुम थक कर।
तेरा साथी, राम निरंजन ।
हरदम साथ तुम्हारे।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

हमराही तुम विकल न होना ।
संकट में धीरज ना खोना ।
अंधियारे में बाँह पकड़ कर ।
सत्गुरु राह दिखाये।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

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शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

२००१ में रेकोर्ड किया हुआ व्ही. एन. श्रीवास्तव द्वारा रचित गुरु वंदना का यह भजन,
28 सितंबर, 2008 को इस ब्लॉग पर डाला गया,
25 मार्च 2011 पर @bholakrishna चैनल पर यूट्यूब पर डाला गया,
12 अप्रैल, 2025 को स्वामी जी के अवतरण दिवस पर,
विडिओ लिंक के साथ इस ब्लॉग में पुनः प्रकाशित किया जा रहा है । 

बुधवार, अक्टूबर 26, 2016

भजन: परम गुरु राम मिलावनहार

एक सुंदर भावपूर्ण भजन --

*परम गुरू राम मिलावनहार ।*

*अति उदार, मंजुल मंगलमय,*
*अभिमत - फलदातार ।।*

*टूटी फूटी नाव पड़ी मम*
*भीषण भव नद धार ।*

*जयति  जयति जय देव दयानिधि*
*बेग उतारो पार ।।*

यह सुन्दर रचना श्री भाई जी श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्धार की है।

(राग आसावरी -- ताल धुमाली )

(गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित  " भजन संग्रह ", पृष्ठ 351)

Listen to the bhajan sung by Shri V N S 'Bhola' by clicking below:

param gurU rAm milAvanhAr |

ati udAr, maMjul maMgalmay,
abhimat - phaladAtAr ||

TUTI phUTI nAv pa.DI mam
bhIShaN bhav nad dhAr |

jayti  jayti jay dev dayAnidhi
beg utAro pAr ||

Listen to the bhajan sung by Shri V N S 'Bhola' by clicking below:
param gurū rām milāvanhār |

ati udār, maṁjul maṁgalmay,
abhimat - phaladātār ||

ṭūṭī phūṭī nāv paṛī mam
bhīṣaṇ bhav nad dhār |

jayti  jayti jay dēv dayānidhi
bēg utārō pār || 

गुरुवार, अक्टूबर 08, 2015

भजन: गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ

bhajan: guruji main to ek niranjan dhyaaun

Listen to bhajan sung by Anjana Bhattacharya

गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ....

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ  जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।


गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

gurujI, gurujI , gurujI , gurujI ....

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

duHkh nA jAnU.N jI maiM dard nA jAnU.N  jI maiM |
nA koI vaidy bulAU.N jI||
sadguru vaidy mile avinAshI|
vAko hI nA.DI batAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||


gaMgA na jAU.N jI maiM jamnA na jAU.N jI maiM|
nA koI tIrath nahAU.N jI||
a.DsaTh tIrath haiM ghaT bhItar|
vAhI meM mal mal nahAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

kahe gorakh jI ho sun ho machChandar maiM |
jyoti meM jyoti milAU.N jI||
satguru ke maiM sharaN gaye se|
AvAgman miTAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI|| 

बुधवार, जुलाई 24, 2013

भजन : भज मन मेरे राम नाम तू , गुरु आज्ञा सिर धार रे

भज मन मेरे राम नाम तू , गुरु आज्ञा सिर धार रे 
नाम सुनौका बैठ मुसाफिर जा भवसागर पार रे 

राम नाम मुद मंगल कारी , विघ्न हरे सब पातक हारी  
सांस सांस श्री राम सिमर मन पथ के संकट टार रे 
भज मन मेरे ...


परम कृपालु सहायक है वो। बिनु कारन सुख दायक है वो।
केवल एक उसी के आगे। साधक बाँह पसार रे।
भज मन मेरे ...
 
गहन अंधेरा चहुं दिश छाया । पग पग भरमाती है माया।
जीवन पथ आलोकित कर ले । नाम - सुदीपक बार रे।
भज मन मेरे ...


परम सत्य है , परमेश्वर है । नाम प्रकाश पुन्य निर्झर है ।
उसी ज्योति से ज्योति जला निज । चहुं दिश कर उजियार रे।
भज मन मेरे ...
भज मन मेरे राम नाम तू गुरु आज्ञा सिर धार रे।
नाम सुनौका बैठ मुसाफिर जा भव सागर पार रे 



प्रियजन यदि आप यह वीडियो नहीं देख पायें तो कृपया निम्नांकित यू ट्यूब के लिंक पर जाएँ :
http://youtu.be/ncnjnkwz9Yw

Bhajan written, composed and sung by Shri VNS Bhola

सोमवार, जुलाई 08, 2013

भजन - मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे

Mere Man Mandir Mein Ram Virajein
by V N Shrivastav 'Bhola
from Shree Ram Sharanam




View and listen to this and other bhajans sung by him on the youtube channel, Bhola Krishna.

View the link below for the second part of this bhajan:


मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥

अधिष्ठान मेरा मन होवे।
जिसमे राम नाम छवि सोहे ।
आँख मूंदते दर्शन होवे
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

सांस सांस गुरु मन्त्र उचारूं।
रोमरोम से राम पुकारूं ।
आँखिन से बस तुम्हे निहारूं।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

औषधि रामनाम की खाऊं।
जनम मरन के दुख बिसराऊं ।
हंस हंस कर तेरे घर जाऊं।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

बीते कल का शोक करूं ना।
आज किसी से मोह करूं ना ।
आने वाले कल की चिन्ता।
नहीं सताये हम को स्वामी ॥
मेरे मन ...

राम राम भजकर श्री राम।
करें सभी जन उत्तम काम ।
सबके तन हो साधन धाम।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

आँखे मूंद के सुनूँ सितार।
राम राम सुमधुर झनकार ।
मन में हो अमृत संचार।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥

शुक्रवार, नवंबर 07, 2008

भजन - गुरु चरनन मे शीश झुकाले

Guru Charanan Me Shish Jhuka Le
by V N Shrivastav 'Bhola
from Shree Ram Sharanam

गुरु चरनन मे शीश झुकाले
जनम सफल हो जायेगा

गुरुदर्शन से बिन माँगे ही
कृपा राम की पायेगा

जनम सफ़ल हो जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले


चहु दिश गहन अन्धेरा छाया
पग पग भरमाती है माया

राम नाम की ज्योति जगेगी
अन्धकार मिट जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले


गुरु आदेश मान मन मेरे
ध्यान जाप चिन्तन कर ले रे

जनम जनम के पाप कटेंगे
मोक्ष द्वार खुल जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले
जन्म सफ़ल हो जायेगा

रविवार, सितंबर 28, 2008

भज मन मेरे राम नाम तू

भज मन मेरे राम नाम तू
गुरु आज्ञा सिर धार रे।
नाम सुनौका बैठ मुसाफि़र
जा भवसागर पार रे।

राम नाम मुद मंगल कारी ।
विघ्न हरे सब पातक हारी।
साँस साँस श्री राम सिमर मन
पथ के संकट टार रे।
भज मन मेरे ...

परम कृपालु सहायक है वो।
बिनु कारन सुख दायक है वो।
केवल एक उसी के आगे।
साधक बाँह पसार रे।
भज मन मेरे ...

गहन अंधेरा चहुं दिश छाया ।
पग पग भरमाती है माया।
जीवन पथ आलोकित कर ले ।
नाम - सुदीपक बार रे।
भज मन मेरे ...

परम सत्य है परमेश्वर है ।
नाम प्रकाश पुन्य निर्झर है ।
उसी ज्योति से ज्योति जला निज।
चहुं दिश कर उजियार रे।
भज मन मेरे ...

भज मन मेरे राम नाम तू गुरु आज्ञा सिर धार रे।