सब पर कृपा करो
शुक्रवार, जून 13, 2025
कृपा करो श्री राम - प्रीति चंद्रा
सब पर कृपा करो
रविवार, मई 25, 2025
नित्य सखा श्री राम हमारे - व्ही. एन. श्रीवास्तव
दुख हरो द्वारिकानाथ
तुम कहाँ छुपे भगवान करो मत देरी |
दुःख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
दुख हरो द्वारिकानाथ शरण मैं तेरी ||
यही सुना है दीनबन्धु तुम सबका दुख हर लेते |
जो निराश हैं उनकी झोली आशा से भर देते ||
अगर सुदामा होता मैं तो दौड़ द्वारका आता |
पाँव आँसुओं से धो कर मैं मन की आग बुझाता ||
तुम बनो नहीं अनजान, सुनो भगवान, करो मत देरी |
दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
जो भी शरण तुम्हारी आता, उसको धीर बंधाते |
नहीं डूबने देते दाता, नैया पार लगाते ||
तुम न सुनोगे तो किसको मैं अपनी व्यथा सुनाऊँ |
द्वार तुम्हारा छोड़ के भगवन और कहाँ मैं जाऊँ ||
प्रभु कब से रहा पुकार, मैं तेरे द्वार, करो मत देरी |
दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
Originally posted on 4/7/16
Repost with video by Kirti Anurag (Chhavi Bhaiya)
प्रभु तुम अन्तर्यामी
Music by Khayyam
प्रभु तुम अन्तर्यामी
दया करो, दया करो, हे स्वामी
अंग अंग में रंग सांवरा
गहरा होता जाये
मैं तो बस बिन मोल बिकानी
मन में तुम्ही समाये
लोग करें बदनामी
दया करो, दया करो, हे स्वामी
मन्द मन्द मुसकान मनोहर
मुख पर लट घुंघराली
अचरज क्या जो भई बावरी
देख के छवि मतवाली
बेल प्रीत की जामी
दया करो, दया करो, हे स्वामी
मैं गुणहीन, रिझाऊं कैसे
तुम को हे नटनागर
एक यही विशवास ह्रदय में
तुम हो दया के सागर
तीन लोक के स्वामी
दया करो, दया करो, हे स्वामी
Originally Published on Apr 22, 2015
Repost with new video addition, sung by Kirti Anurag (Chhavi Bhaiya)
बुधवार, मई 21, 2025
मेरे रोम रोम श्री राम विराजे - व्ही. एन. श्रीवास्तव
रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।
जनक लली, श्री लखन लला अरु महावीर के साथ ।।
वन्दन करते राम चरण अति हर्षित मन हनुमान ।
आतुर रक्षा करने को सज्जन भगतन के प्रान ।
अभयदान दे रहे मुझे करुणा सागर रघुनाथ ।।
रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।।
मुझको भला कष्ट हो कैसे, क्यों कर पीड़ सताए ।
साहस कैसे करें दुष्ट जन, मुझ पर हाथ उठाए ।
अंग संग जब मेरे हैं संकटमोचन के नाथ ।।
रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।।
विघ्न हरे, सद्गुरु के आश्रम स्वयं राम जी आये ।
शाप मुक्त कर दिया अहिल्या को पग धूर लगाये ।
वैसे चिंता मुक्त हमें कर रहे राम रघुनाथ ।।
रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।।
रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।
जनक लली, श्री लखन लला अरु महावीर के साथ ।।
शनिवार, अप्रैल 12, 2025
गुरु बिन कौन सम्हारे - व्ही. एन. श्रीवास्तव
विडिओ लिंक के साथ इस ब्लॉग में पुनः प्रकाशित किया जा रहा है ।
रविवार, जून 13, 2021
जगदम्बिके जय जय जग जननी माँ
सरस सुपावन शक्ति हे, तेजोमयी अपार,
हे आनंद स्वरूपिणी, मम हृदय कर उजियार,
जय माँ .....जय माँ ....
घट अंतर शक्ति जगे, गाऊं तव शुभ नाम,
जय माँ .....जय माँ ....
पतित-पावनी मात हे, बालक शरण तिहार,
मंगलमय वरदान दे यही विनती बारम्बार,
जय माँ .....जय माँ ..
जगदम्बिके जय जय जगजननी माँ
मंगलवार, फ़रवरी 13, 2018
जय शिव शंकर औघड़दानी - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
रचनाकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
स्वरकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
गायक: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
View and Listen to the bhajan on BholaKrishna youtube channel at https://www.youtube.com/watch?v=GjozaYcXoOE
रविवार, फ़रवरी 11, 2018
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी
स्टार हिन्दुस्तान रिकार्ड कम्पनी के लिये १९५८ में लिखा और तभी इस भजन से अपना पहला कोमर्शियल रिकार्ड बना। राम कृपा से रेडियो सूरिनाम डच गयाना का सिग्नेचर ट्यून बना जो हमने १९७६ में अपने ब्रिटिश गयाना प्रवास में स्वयं सुना। आश्चर्य हुआ कि मेरा भजन मुझसे पहले अमरीका पहुंच गया। - 'Bhola'
On the occasion of MahaShivaRatri on Feb 13, 2018, listen to this bhajan
राम नाम मधुबन का, भ्रमर बना, मन शिव का ।
निश दिन सिमरन करता, नाम पुण्यकारी ॥
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
निश दिन सिमरन करते, नाम पुण्यकारी ॥
लोचन त्रय अति विशाल, सोहे नव चन्द्र भाल,
रुण्ड मुण्ड व्याल माल, जटा गंग धारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
सतत जपत राम नाम अतिशय शुभकारी ॥
पारवती पति सुजान, प्रमथ राज वृषभ यान,
सुर नर मुनि सैव्यमान, त्रिविध ताप हारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
औघड़ दानी महान, कालकूट कियो पान,
आरत-हर तुम समान, को है त्रिपुरारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
Listen to bhajan written, composed and sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' at https://www.youtube.com/watch?v=KzoJ7isIxfs
रचनाकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव
स्वरकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव
गायक: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव
रविवार, फ़रवरी 04, 2018
भजन: अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी
Listen to bhajan by Shri V N S 'Bhola'
अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी ।
प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी , जाकी अँग-अँग बास समानी ।
प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा , जैसे चितवत चंद चकोरा ।
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती , जाकी जोति बरै दिन राती ।
प्रभु जी, तुम मोती हम धागा , जैसे सोनहिं मिलत सुहागा ।
प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा , ऐसी भगति करै रैदासा ।
View on Bholakrishna youtube channel
at https://www.youtube.com/watch?v=-E7tM7QogA0
भजन: रे मन मूरख, जनम गँवायौ
Listen to bhajan by Shri VNS Bhola
रे मन मूरख जनम गँवायौ ।
करि अभिमान विषय को राच्यो, नाम शरण नहिं आयौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।
ये संसार फूल सेमल ज्यौं, सुन्दर देखि रिझायो ।
चाखन लाग्यौ रुई उडि़ गई, हाथ कछू नहिं आयौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।
कहा भये अब के मन सोचें, पहिलैं नाहिं कमायौ ।
सूरदास हरि नाम भजन बिनु, सिर धुनि-धुनि पछितायौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।
View video on BholaKrishna Channel at youtube
at https://www.youtube.com/watch?v=sseihTzzGvM
बुधवार, अगस्त 17, 2016
भजन: हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||
ब्रह्म मुहूरत उठ कर पंछी
प्रभु का ध्यान लगाते हैं ,
चहक चहक मधुमय रामामृत
जंगल में बरसाते हैं ||
पर हम अहंकार में डूबे
अपने ही गुन गाते हैं ,
गुरु जन के आदेश भूल हम
जीवन व्यर्थ गंवाते हैं ||
हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||
कितने भाग्यवान हैं हम सब
ऐसा सतगुर पाया है ,
जिसने हमको "राम" नाम का
सहज योग सिखलाया है |
माया जंजालों में फँस कर
हमने उसे भुलाया है ,
पर चिड़ियों ने राम मंत्र
जीवन भर को अपनाया है ||
हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||
[राग केदार पर आधारित]
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hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm ||
brahm muhUrat uTh kar paMChI
prabhu kA dhyAn lagAte haiM ,
chahak chahak madhumay rAmAmR^it
jaMgal meM barsAte haiM ||
par ham ahaMkAr meM DUbe
apne hI gun gAte haiM ,
guru jan ke Adesh bhUl ham
jIvan vyarth gaMvAte haiM ||
hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm ||
kitne bhAgyavAn haiM ham sab
aisA satgur pAyA hai ,
jisne hamko "rAm" nAm kA
sahaj yog sikhlAyA hai |
mAyA jaMjAloM meM pha.Ns kar
hamne use bhulAyA hai ,
par chi.DiyoM ne rAm maMtr
jIvan bhar ko apnAyA hai ||
hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm ||
मंगलवार, अगस्त 16, 2016
भजन: बोले बोले रे राम चिरैया रे
by V N Shrivastav 'Bhola
from Shree Ram Sharanam
बोले बोले रे राम चिरैया रे
बोले रे राम चिरैया।
मेरी साँसों के पिंजरे में
घड़ी घड़ी बोले।
घड़ी घड़ी बोले।
बोले बोले रे ...
ना कोई खिड़की ना कोई डोरी।
ना कोई चोर करे जो चोरी
ऐसा मेरा है राम रमैया रे।
बोले बोले रे ...
उसी की नैया वही खिवैया।
लहर रही उसकी लहरैया।
चाहे लाख चले पुरवैया रे।
बोले बोले रे ...
बुधवार, नवंबर 11, 2015
आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..
एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी .
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ..
अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया .
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
शनिवार, अक्टूबर 24, 2015
भजन: नैनहीन को राह दिखा प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को
तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
चलत चलत गिर जाऊं मैं प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
मन का दीप जलाऊँ मैं प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को
Youtube - K L Saigal
Youtube - Lata Mangeshkar
शुक्रवार, अक्टूबर 23, 2015
भजन: मधुकर श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
मन हर लीनो माधुरी मूरत
निरख नैन की कोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
सिर पे जाके मुकट सुहाये
माथे तिलक नैन कजरारे
मुख सुंदर ज्यूँ भोर
श्याम हमारे चोर
चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
सूरदास के चोर कन्हैया
मनमोहन मुरली के बजैया
मनमोहन मुरली के बजैया
नटखट नन्दकिशोर
चोर!
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
Youtube - K L Saigal
गुरुवार, अक्टूबर 22, 2015
Bhajans by Juthika Roy
- तन मन पे मनहर ने रंग दियो डार
- जोगी मत जा
- घूंघट का पट खोल रे
- आज मेरे घर प्रीतम आये
- नैनन मेरे तुमरी ओर
- पग घुँघरू बाँध मीरा नाची रे
- पिया इतनी बिनती सुनो मेरी
- निस दिन बरसत नैन हमारे
- Mein To Prem Diwani
- Kab Aawoge Krishna Murari
- Jogi Mut Ja Mut Ja Mut Ja
- Pag Ghungru Bandh Meera Nachi Re
- Jogi mat ja mat ja (00:00)
- Main to prem diwani (03:34)
- Main haari o girdhari (06:41)
- Meri beena ro rahi hai (10:11)
- Main ne chakar rakho ji (13:42)
- Kalke swapne aaj bhi ana (16:46)
- Main kusum kali hoon pujan ki (20:07)
- Nachungi main to giridhar aage (23:18)
- Pag ghunghroo bandh (26:34)
- Main ram naam ki churiyan pahnun (29:27)
मंगलवार, अक्टूबर 20, 2015
भजन: जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे
तू शक्ति भगवती भवानी ।
महिमामयी महामाया बखानी ।
विश्व रचे पाले संहारे ॥१॥
शांति करी मंगल सुख रूपा ।
तू वरदा है दिव्य अनूपा ।
शरणागत के काज संवारे ॥२॥
निज जन त्राण-परायण देवी ।
असुर हरि दुर्गा सुर सेवी ।
श्री लक्ष्मी जन तुझे पुकारे ॥३॥
Listen to bhajan on Bhola Krishna Youtube channel
by Bholakrishna - भोला कृष्णा
at https://www.youtube.com/watch?v=gvdkb1rM46Q
शुक्रवार, अक्टूबर 16, 2015
भजन: ऐसा प्यार बहा दे मैया
नमस्तस्यै नमस्तयै नमस्तयै, नमस्तस्यै नमो नमः ।।
ऐसा प्यार बहा दे मैया, चरणों से लग जाऊ मैं ।
सब अंधकार मिटा दे मैया, दरस तेरा कर पाऊं मैं ।।
जग मैं आकर जग को मैया, अब तक न मैं जान सका
क्यों आया हूँ कहाँ है जाना, अब तक न पहचान सका
तुम हो अगम अगोचर मैया, कहो कैसे लख पाऊं मैं ?
कर कृपा जगदम्बे भवानी, मैं बालक नादान हूँ
नहीं आराधन जप तप जानूं, मैं अवगुण की खान हूँ
दे ऐसा वरदान हे मैया, निशदिन तुम गुण गाऊं मैं ।
Listen to Bhajan on Youtube
बुधवार, अक्टूबर 14, 2015
भजन: जय जय जगदीश्वरी माँ
सर्वेश्वरी, जय जय जगदीश्वरी माँ, तेरा ही एक सहारा है
तेरी आंचल की छाहँ छोड़ अब नहीं कहीं निस्तारा है सर्वेश्वरी जय जय ------------ मैं अधमाधम, तू अघ हारिणी ! मैं पतित अशुभ, तू शुभ कारिणी हें ज्योतिपुंज, तूने मेरे मन का मेटा अंधियारा है !! सर्वेश्वरी, जय जय -------------- तेरी ममता पाकर किसने ना अपना भाग्य सराहा है कोई भी खाली नहीं गया जो तेरे दर पर आया है !! सर्वेश्वरी, जय जय -------------- अति दुर्लभ मानव तन पाकर आये हैं हम इस धरती पर, तेरी चौखट ना छोड़ेंगे ,अपना ये अंतिम द्वारा है !! सर्वेश्वरी, जय जय --------- =================== रचनाकार एवं गायक "भोला "
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http://www.youtube.com/watch?v=ZCPEhHrNV2w