बुधवार, अक्तूबर 07, 2015

भजन: राम भजा सो जीता जग में


Bhajan: Ram Bhaja so Jeeta Jag Me

राम भजा सो जीता जग में
राम भजा सो जीता रे

हाथ सुमिरनी, बगल कतरनी,
पढ़े भागवत गीता रे

हृदय शुद्ध कीन्हों नहीं तेने,
बातों में दिन बीता रे

ज्ञान देव की पूजा कीन्ही,
हरि सो किया न प्रीता रे

धन यौवन यूँ ही जायेगा,
अंत समय में रीता रे

कहे कबीर काल यूँ मारे
जैसे हिरन को चीता रे



rAm bhajA so jItA jag meM
rAm bhajA so jItA re

hAth sumirnI, bagal katarnI,
pa.Dhe bhAgvat gItA re

hR^iday shuddh kInhoM nahIM tene,
bAtoM meM din bItA re

j~nAn dev kI pUjA kInhI,
hari so kiyA na prItA re

dhan yauvan to yU.N hI jAygA,
aMt samay meM rItA re

kahe kabIr kAl yU.N mAre
jaise hiran ko chItA re

https://www.youtube.com/embed/7ozrhCYgSeA
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