मंगलवार, अप्रैल 11, 2017

Hanuman Chalisa

śrī rām jay rām jay jay dayālu |
śrī rām jay rām jay jay kṛpālu ||

atulit bal dhāmaṁ hem śailābh deham‌ |
danuj van kṛṣāṇaṁ jñānināṁ agragaṇayam‌ |
sakal guṇ nidhānaṁ vānarāṇāmadhīśam‌ |
raghupti priyabhaktaṁ vātjātaṁ namāmi ||

śrīguru caraṇ saroj raj, nij manu mukuru sudhāri |
varanaūm̐ raghuvar vimal jasu, jo dāyku phal cāri ||
buddhihīn tanu jānike, sumiro pavan kumār |
bal buddhi vidyā dehu mohiṁ, harhu kaleś vikār ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān , kahiyo jī hanumān ||

jay hanumān jñān gun sāgar | jay kapīs tihum̐ lok ujāgar ||
rām dūt atulit bal dhāmā | aṁjaniputr pavan sut nāmā ||
mahāvīr bikram bajaraṁgī | kumti nivār sumiti ke saṁgī ||
kaṁcan varan virāj suvesā | kānan kuṁḍal kuṁcit kesā ||
hāth bajr au dhvajā virājai | kām̐dhe mūm̐j janeū sājai ||
śaṁkar suvan kesarīnaṁdan | tej pratāp mahā jag baṁdan ||
vidyāvān gunī ti cātur | rām kāj karibe ko ātur ||
prabhu caritr sunibe ko rasiyā | rām lakhan sītā man basiyā ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān, kahiyo jī hanumān ||

sūkṣm rūp dhari siyhi dekhāvā | bikaṭ rūp dhari laṁk jarāvā ||
bhīm rūp dhari asur sam̐hāre | rāmacaṁndr ke kāj sam̐vāre ||
lāy sajīvan lakhan jiyāye | śrī raghubīr harṣi ur lāye ||
raghupti kīnhī bahut bar̤āī | tum mam priy bharat sam bhāī ||
sahas badan tumhro jas gāvaiṁ | as kahi śrīpti kaṁṭh lagāvaiṁ ||
sanakādik brahmādi munīsā | nārad sārad sahit ahīsā ||
jam kuber digpāl jahām̐ te | kabi kobid kahi sake kahām̐ te ||
tum upkār sugrīvhiṁ kīnhā | rām milāy rāj pad dīnhā ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān , kahiyo jī hanumān ||

tumhro maṁtr vibhīṣan mānā | laṁkeśvar bhaye sab jag jānā ||
jug sahastr jojan par bhānū | līlyo tāhi madhur phal jānū ||
prabhu mudrikā meli mukh māhīṁ | jaldhi lām̐ghi gaye acraj nāhīṁ ||
du्rgam kāj jagat ke jete | sugam anugrah tumhre tete ||
rām duāre tum rakhvāre | hot na ājñā binu paisāre ||
sab sukh lahaiṁ tumhārī sarnā | tum racchak kāhū ko ḍar nā ||
āpan tej samhāro āpai | tīnoṁ lok hām̐k teṁ kām̐pai ||
bhūt pisāc nikaṭ nahiṁ āvai | mahāvīr jab nām sunāvaiṁ ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān , kahiyo jī hanumān ||

nāsai rog harai sab pīrā | japat niraṁtar hanumat bīrā ||
saṁkaṭ teṁ hanumān chur̤āvai | man kram vacan dhyān jo lāvai ||
sab par rām tapasvīṁ rājā | tin ke kāj sakal tum sājā ||
aur manorath jo koi lāvai | tāsu amit jīvan phal pāvai ||
cāroṁ jug partāp tumhārā | hai parasiddh jagat ujiyārā ||
sādhu saṁt ke tum rakhbāre | asur nikaṁdan rām dulāre ||
aṣṭ siddhi nau nidhi ke dātā | as bar dīn jānkī mātā ||
rām rasāyan tumhre pāsā | sadā raho raghupti ke dāsā ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān , kahiyo jī hanumān ||

tumhre bhajan rām ko pāvai | janam janam ke dukh bisarāvai ||
aṁt kāl raghubar pur jāī | jahām̐ janm hari bhakt kahāī ||
aur devtā citt na dharaī | hanumat sei sarb sukh karaī ||
saṁkaṭ kaṭai miṭai sab pīrā | jo sumiraiṁ hanumat balbīrā ||
jai jai jai hanumān gosāīṁ | kṛpā karhu gurū dev kī nāīṁ ||
jo śat bār pāṭh kar koī | chūṭe baṁdi mahā sukh hoī ||
jo yah paḍhai hanumān calīsā | hoy siddhi sākhī gaurīsā ||
tulasīdās sadā hari cerā | kījai nāth hṛday mam̐h ḍerā ||

hamāre rāmjī se rām rām, kahiyo jī hanumān ,
kahiyo jī hanumān , kahiyo jī hanumān ||

pavanatnay saṁkaṭ haran, maṁgal mūrti rup |
rām lakhan sītā sahit, hṛday bashu sur bhūp ||

śrī rām jay rām jay jay rām | 

श्री हनुमान चालीसा

hanuman janmotsav ki bahut bahut badhai

Listen to
Hanuman Chalisa MP3
by Shri V N Shrivastav 'Bhola', family and friends

श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

अतुलित बल धामं हेम शैलाभ देहम्
दनुज वन कृषाणं ज्ञानिनां अग्रगणयम्
सकल गुण निधानं वानराणामधीशम्
रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि

श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि ।
वरनऊँ रघुवर विमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार ।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ॥

हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनिपुत्र पवन सुत नामा ॥
महावीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमिति के संगी ॥
कंचन वरन विराज सुवेसा । कानन कुंडल कुंचित केसा ॥
हाथ बज्र औ ध्वजा विराजै । काँधे मूँज जनेऊ साजै ॥
शंकर सुवन केसरीनंदन । तेज प्रताप महा जग बंदन ॥
विद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान, कहियो जी हनुमान ॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहि देखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचंन्द्र के काज सँवारे ॥
लाय सजीवन लखन जियाये । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरत सम भाई ॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा । राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना । लंकेश्वर भये सब जग जाना ॥
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू । लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं । जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दु्र्गम काज जगत के जेते । सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥
राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥
सब सुख लहैं तुम्हारी सरना । तुम रच्छक काहू को डर ना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै । तीनों लोक हाँक तें काँपै ॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै । महावीर जब नाम सुनावैं ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

नासै रोग हरै सब पीरा । जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै । मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वीं राजा । तिन के काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोइ लावै । तासु अमित जीवन फल पावै ॥
चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु संत के तुम रखबारे । असुर निकंदन राम दुलारे ॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । अस बर दीन जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥
अंत काल रघुबर पुर जाई । जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥
और देवता चित्त न धरई । हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरैं हनुमत बलबीरा ॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरू देव की नाईं ॥
जो शत बार पाठ कर कोई । छूटे बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढै हनुमान चलीसा । होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा । कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप ।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥

श्री राम जय राम जय जय राम

sing along video on youtube
https://www.youtube.com/watch?v=h1UayiWhhDA

शनिवार, मार्च 11, 2017

रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम - भजन

Listen to the bhajan
rahe janam janam tera dhyan,  yahee var do mere raam

Lyrics & Music Direction - V N Shrivastav 'Bhola'
Voices - V N Shrivastav 'Bhola' and Amita Shrivastava

अर्थ न धर्म न काम रुचि, पद न चहहुं निरवान |
जनम जनम रति राम पद, यह वरदान न आन ||


रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम
सिमरूँ निश दिन हरि नाम, यही वर दो मेरे राम ।
रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम ॥
मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम, मेरे राम ।

मन मोहन छवि नैन निहारे, जिह्वा मधुर नाम उच्चारे,
कनक भवन होवै मन मेरा, जिसमें हो श्री राम बसेरा, or
कनक भवन होवै मन मेरा, तन कोसलपुर धाम,
यही वर दो मेरे राम |
रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम ॥

सौंपूं तुझको निज तन मन धन, अरपन कर दूं सारा जीवन,
हर लो माया का आकर्षण, प्रेम भगति दो दान,
यही वर दो मेरे राम |
रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम ॥

गुरु आज्ञा ना कभी भुलाऊँ, परम पुनीत राम गुन गाऊँ,
सिमरन ध्यान सदा कर पाऊँ, दृढ़ निश्चय दो राम !
यही वर दो मेरे राम,
रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम ॥

संचित प्रारब्धों की चादर, धोऊं सतसंगों में आकर,
तेरे शब्द धुनों में गाकर, पाऊं मैं विश्राम,
यही वर दो मेरे राम |
रहे जनम जनम तेरा ध्यान, यही वर दो मेरे राम ॥

Listen to the bhajan by Shri V N S 'Bhola' - Youtube link 

गुरुवार, फ़रवरी 23, 2017

भजन: राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा

Listen to Bhajan: Ram Nam Japne Vale ko Ram Milega
by Shri V N Shrivastav 'Bhola'

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..
राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,
राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,
राम मिलेगा, राम मिलेगा,
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम ब्रह्म हैं, चिन्मय हैं, अविनाशी हैं,
राम ब्रह्म हैं, चिन्मय हैं, अविनाशी हैं,
सर्वरहित हैं, लेकिन घट-घट वासी हैं,
सर्वरहित हैं, लेकिन घट-घट वासी हैं,
जो ये नाम जपेगा, उसको राम मिलेगा,
जो ये नाम जपेगा, उसको राम मिलेगा..
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम जपते जपते सब कर्म करो जी,
राम नाम जपते जपते सब कर्म करो जी,
राम नाम जपने में न कोई शर्म करो जी,
राम नाम जपने में न कोई शर्म करो जी,

सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा, हो...
सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा, हो...
साथ में राम चढ़ेगा, हो... ओ...
सत्य नाँव पर चढ़ो, साथ में राम चढ़ेगा,
नहीं डूबने देगा,
नहीं डूबने देगा, भव नद पार करेगा..
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा..

राम नाम में निहित मन्त्र की शक्ति है,
राम नाम में निहित मन्त्र की शक्ति है,
राम नाम जपने से कृपा बरसती है,
राम नाम जपने से कृपा बरसती है,
कृपा वृष्टि में भींगो, कृपा वृष्टि में भींगो, भाई,
कृपा वृष्टि में भींगो, कृपा वृष्टि में भींगो,
कृपा वृष्टि में भींगो, भींगो, भींगो, भींगो,
कृपा वृष्टि में भींगो, मन का मैल धुलेगा,
कृपा वृष्टि में भींगो, मन का मैल धुलेगा,
मैल धुलेगा, नाम भक्ति का रंग चढ़ेगा,
मैल धुलेगा, नाम भक्ति का रंग चढ़ेगा..
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा,
राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,
राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा,
राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, हो...
राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा ..

शनिवार, नवंबर 19, 2016

नैहरवा हमका न भावे - भजन - कबीरदास

naiharavaa hamakaa naa bhaave - bhajan by Sant Kabirdas

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कबीर दास जी की अति सारगर्भित रचना

नैहरवा हमका न भावे !!

साई की नगरी परम् अति सुंदर जहाँ कोई जान न पावे !
चाँद सूरज जहाँ पवन न पानी, को सन्देश पहुचावे !
दर्द ये साईं को सुनावे .. .!! टेक !!

आगे चलों पन्थ नही सूझे, पीछे दोष लगावे
केहि विधि ससुरे जाऊं  मोरि सजनी बिरहा जोर जरावे
बिषय रस नाच नचावे ... !!टेक!!

बिनु सद्गुरु अपनों नहीं कोऊ जो  ये राह बतावे !
कहत कबीर सुनो भाई साधो सुपनन पीतम पावे !
तपन जो जिय की बुझावे .. !! टेक !!


दुल्हनिया है "जीवात्मा" और दुलहा हैं "परमात्मा"
"जीव" को उसका मायका अथवा "यह संसार" तनिक भी नहीं भाता !

मानव परिवेश में बंधा जीवात्मा बेचैन है ! वह शीघ्रातिशीघ्र अपने स्थाई निवास स्थान अथवा परमपिता परमेश्वर की नगरी - उसकी सुसराल पहुंचना चाहता है !

शुक्रवार, नवंबर 18, 2016

अबिनासी दुलहा कब मिलिहो - भजन - सन्त कबीरदास जी

abinasi duliha kab miliho - bhajan by Sant Kabirdas

Listen to the bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' by clicking here.

अबिनासी दुलहा कब मिलिहो भगतन के रछपाल !!

जल उपजी जल ही सो नेहा, रटत पियास पियास ,
मैं  ठाढ़ी बिरहन मग जोहूँ , प्रियतम तुमरी आस !! टेक !!

छोड़े नेह गेह, लगि तुमसों ,  भयी चरण लवलीन  ,
तालामेलि होत घट भीतर ,  जैसे जल बिन मीन  !! टेक !!

दिवस नभूख ,रैननहिं निदिया ,घरआँगन न सुहावे ,
सेजरिया बैरन भइ हमको , जाबत रेन बिहावे  !! टेक !!

हमतो तुमरी दासी सजना,  तुम हमरे    भरतार ,
दीनदयाल दया करि आवो,  समरथ सिरजन हार !! टेक !!

कह कबीर सुन जोगिनी, तो तन में मन हि मिलाय.
तुम्हरी प्रीति के कारने, हो बहुरि मिलिहंइ आय !! टेक !!

दीनबंधु दीनानाथ मेरी तन हेरिये - भजन - मलूकदास

deenbandhu deenanath meri tan heriye - Bhajan by Sant Malukdas

Listen to this bhajan sung by Shri VNS 'Bhola' by clicking here.

दीनबन्धु दीनानाथ, मेरी तन हेरिये ॥

भाई नाहिं, बन्धु नाहिं, कटुम-परिवार नाहिं ।
ऐसा कोई मीत नाहिं, जाके ढिंग जाइये ॥

खेती नाहिं, बारी नाहिं, बनिज ब्योपार नाहिं
ऐसो कोउ साहु नाहिं जासों कछू माँगिये ॥

कहत मलूकदास छोड़ि दे पराई आस,
राम धनी पाइकै अब काकी सरन जाइये ॥

_______________________________________________
dīnabandhu dīnānāth, mērī tan hēriyē ||

bhāī nāhiṁ, bandhu nāhiṁ, kaṭum-parivār nāhiṁ |
aisā kōī mīt nāhiṁ, jākē ḍhiṁg jāiyē ||

khētī nāhiṁ, bārī nāhiṁ, banij byōpār nāhiṁ
aisō kōu sāhu nāhiṁ jāsōṁ kachū mām̐giyē ||

kahat malūkdās chōṛi dē parāī ās,
rām dhanī pāikai ab kākī saran jāiyē ||
_____________________________________
dInabandhu dInAnAth, merI tan heriye ||

bhAI nAhiM, bandhu nAhiM, kaTum-parivAr nAhiM |
aisA koI mIt nAhiM, jAke DhiMg jAiye ||

khetI nAhiM, bArI nAhiM, banij byopAr nAhiM
aiso kou sAhu nAhiM jAsoM kaChU mA.Ngiye ||

kahat malUkdAs Cho.Di de parAI As,
rAm dhanI pAikai ab kAkI saran jAiye || 

रविवार, नवंबर 13, 2016

भजन: राम दो निज चरणों में स्थान

Ram, do nij charano me sthan
words, composition and voice - V N Shrivastav 'Bhola'
Click here for mp3 audio from Shri Ram Sharanam

राम, दो निज चरणों में स्थान,
शरणागत अपना जन जान ।

अधमाधम मैं पतित पुरातन ।
साधनहीन निराश दुखी मन।
अंधकार में भटक रहा हूँ ।
राह दिखाओ अंगुली थाम।
राम, दो ...

सर्वशक्तिमय राम जपूँ मैं ।
दिव्य शान्ति आनन्द छकूँ मैं।
सिमरन करूं निरंतर प्रभु मैं।
राम नाम मुद मंगल धाम।
राम, दो ...

केवल राम नाम ही जानूँ।
और धर्म मत ना पहिचानूँ।
जो गुरु मंत्र दिया सतगुरु ने।
उसमें है सबका कल्याण।
राम, दो ...

हनुमत जैसा अतुलित बल दो,
पर-सेवा का भाव प्रबल दो ।
बुद्धि, विवेक, शक्ति इतनी दो,
पूरा करूं राम का काम ।
राम, दो ...

शनिवार, अक्तूबर 29, 2016

कीर्तन: हमारे रामजी से राम राम

Click to Listen to hamare ramji se ram ram, kahiyo ji hanuman

हमारे रामजी से राम राम कहियो जी हनुमान
कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान ....

हमारे रामजी से राम राम कहियो जी हनुमान
कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान ....


भजन: संकटमोचन कृपानिधान जय हनुमान जय जय हनुमान

Bhajan: Sankat Mochan Kripa Nidhan Jay Hanuman Jay Jay Hanuman

Listen to this bhajan sung by Shri Anil Shrivastav by clicking here.

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

अंजनि माता के नयनांजन
रघुकुल भूषण केसरीनंदन
ग्यारहवें रूद्र भगवान


जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

सूर्य देव ने शास्त्र पढाया
नारद ने संगीत सिखाया
मारुत मानस की संतान

जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

चार अक्षर का नाम है प्यारा
चारों जुग परताप तिहारा
त्रिभुवन को तुम पर अभिमान

जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

तुमने राम के काम बनाये
लंका जारि सिया सुधि लाये
राम सिया पितु मातु समान

जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

एक ही मंत्र जपो अविराम
श्री राम जय राम जय राम
राम तुम्हारे जीवन प्राण

जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान

जो कोई तुम्हरी महिमा गावे
सहज राम के दर्शन पावे
दास को दो चरणों में स्थान

जय हनुमान जय जय हनुमान

संकटमोचन कृपानिधान
जय हनुमान जय जय हनुमान
महावीर अतुलित बलवान
जय हनुमान जय जय हनुमान