17 अगस्त 2016

भजन: हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ

हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||


ब्रह्म मुहूरत उठ कर पंछी
प्रभु का ध्यान लगाते हैं ,
चहक चहक मधुमय रामामृत
जंगल में बरसाते हैं ||
पर हम अहंकार में डूबे
अपने ही गुन गाते हैं ,
गुरु जन के आदेश भूल हम
जीवन व्यर्थ गंवाते हैं ||
हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||

कितने भाग्यवान हैं हम सब
ऐसा सतगुर पाया है ,
जिसने हमको "राम" नाम का
सहज योग सिखलाया है |
माया जंजालों में फँस कर
हमने उसे भुलाया है ,
पर चिड़ियों ने राम मंत्र
जीवन भर को अपनाया है ||
हमसे भली जंगल की चिड़ियाँ
जब बोलें तब रामहि राम ||

[राग केदार पर आधारित]

_____________________________________________________

hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm ||

brahm muhUrat uTh kar paMChI
prabhu kA dhyAn lagAte haiM ,
chahak chahak madhumay rAmAmR^it
jaMgal meM barsAte haiM ||
par ham ahaMkAr meM DUbe
apne hI gun gAte haiM ,
guru jan ke Adesh bhUl ham
jIvan vyarth gaMvAte haiM ||
hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm ||

kitne bhAgyavAn haiM ham sab
aisA satgur pAyA hai ,
jisne hamko "rAm" nAm kA
sahaj yog sikhlAyA hai |
mAyA jaMjAloM meM pha.Ns kar
hamne use bhulAyA hai ,
par chi.DiyoM ne rAm maMtr
jIvan bhar ko apnAyA hai ||
hamse bhalI jaMgal kI chi.DiyA.N
jab boleM tab rAmhi rAm || 

16 अगस्त 2016

भजन: बोले बोले रे राम चिरैया रे

Bole Bole Re Ram Chiraiya
by V N Shrivastav 'Bhola
from Shree Ram Sharanam

बोले बोले रे राम चिरैया रे
बोले रे राम चिरैया।

मेरी साँसों के पिंजरे में
घड़ी घड़ी बोले।
घड़ी घड़ी बोले।
बोले बोले रे ...

ना कोई खिड़की ना कोई डोरी।
ना कोई चोर करे जो चोरी
ऐसा मेरा है राम रमैया रे।
बोले बोले रे ...

उसी की नैया वही खिवैया।
लहर रही उसकी लहरैया।
चाहे लाख चले पुरवैया रे।
बोले बोले रे ...

8 अप्रैल 2016

भजन: दुख हरो द्वारिकानाथ



तुम कहाँ छुपे भगवान करो मत देरी |
दुःख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||
दुख हरो द्वारिकानाथ शरण मैं तेरी ||

यही सुना है दीनबन्धु तुम सबका दुख हर लेते |
जो निराश हैं उनकी झोली आशा से भर देते ||
अगर सुदामा होता मैं तो दौड़ द्वारका आता |
पाँव आँसुओं से धो कर मैं मन की आग बुझाता ||
तुम बनो नहीं अनजान, सुनो भगवान, करो मत देरी |
दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||

जो भी शरण तुम्हारी आता, उसको धीर बंधाते |
नहीं डूबने देते दाता, नैया पार लगाते ||
तुम न सुनोगे तो किसको मैं अपनी व्यथा सुनाऊँ |
द्वार तुम्हारा छोड़ के भगवन और कहाँ मैं जाऊँ ||
प्रभु कब से रहा पुकार, मैं तेरे द्वार, करो मत देरी |
दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||



11 नवंबर 2015

आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता

 MP3 Audio

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत
हर विष्णु विधाता .
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता
ओ मैया तुम ही जग माता .
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

दुर्गा रूप निरन्जनि, सुख सम्पति दाता
ओ मैया सुख सम्पति दाता .
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम पाताल निवासिनि, तुम ही शुभ दाता
ओ मैया तुम ही शुभ दाता .
कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भव निधि की दाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

जिस घर तुम रहती तहँ सब सद्गुण आता
ओ मैया सब सद्गुण आता .
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
ओ मैया वस्त्र न कोई पाता .
खान पान का वैभव, सब तुम से आता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता
ओ मैया क्षीरोदधि जाता .
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता
ओ मैया जो कोई जन गाता .
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता ..


http://www.bhajans.org/aaratii/laxmii.mp3

आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .

MP3 Audio



जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी .
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा ..

अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया .
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..



jay gaNesh, jay gaNesh, jay gaNesh, devA .
mAtA jAkI pAravtI, pitA mahAdevA ..

ekadant, dayAvant, chArabhujAdhArI,
mAthe par tilak sohe, mUse kI savArI .
pAn cha.Dhe, phUl cha.Dhe aur cha.Dhe mevA,
laDDuan kA bhog lage, sant kareM sevA ..

aMdhe ko A.Nkh det, ko.Dhin ko kAyA,
bA.Njhan ko putr det, nirdhan ko mAyA .
.asUr.a shyAm sharaN Ae, saphal kIje sevA,
jay gaNesh jay gaNesh jay gaNesh devA .. 

24 अक्तूबर 2015

भजन: नैनहीन को राह दिखा प्रभु

Bhajan: Nainheen ko Raah Dikha

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को

तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
तुमरी नगरिया की कठिन डगरिया
चलत चलत गिर जाऊं मैं प्रभु

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को राह दिखा प्रभु

चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
चहुँ ओर मेरे घोर अँधेरा
भूल न जाऊं द्वार तेरा
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
एक बार प्रभु हाथ पकड़ लो
मन का दीप जलाऊँ मैं प्रभु

नैनहीन को राह दिखा प्रभु
पग पग ठोकर खाऊँ मैं
नैनहीन को

Youtube - K L Saigal

Youtube - Lata Mangeshkar

23 अक्तूबर 2015

भजन: मधुकर श्याम हमारे चोर

Bhajan: Madhukar Shyam Hamare Chor

मधुकर श्याम हमारे चोर
मन हर लीनो माधुरी मूरत
निरख नैन की कोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

सिर पे जाके मुकट सुहाये
माथे तिलक नैन कजरारे
मुख सुंदर ज्यूँ भोर
श्याम हमारे चोर
चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

सूरदास के चोर कन्हैया
मनमोहन मुरली के बजैया
मनमोहन मुरली के बजैया
नटखट नन्दकिशोर
चोर!
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर
श्याम हमारे चोर
मधुकर श्याम हमारे चोर

Youtube - K L Saigal

21 अक्तूबर 2015

आरती: जगजननी जय जय




जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय!
भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय। जगजननी ..

तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा।
सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी ..

आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी।
अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी ..

अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी।
कर्ता विधि, भर्ता हरि, हर संहारकारी॥ जगजननी ..

तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया।
मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥ जगजननी ..

राम, कृष्ण तू, सीता, ब्रजरानी राधा।
तू वाँछाकल्पद्रुम, हारिणि सब बाघा॥ जगजननी ..

दश विद्या, नव दुर्गा नाना शस्त्रकरा।
अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥ जगजननी ..

तू परधामनिवासिनि, महाविलासिनि तू।
तू ही श्मशानविहारिणि, ताण्डवलासिनि तू॥ जगजननी ..

सुर-मुनि मोहिनि सौम्या, तू शोभाधारा।
विवसन विकट सरुपा, प्रलयमयी, धारा॥ जगजननी ..

तू ही स्नेहसुधामयी, तू अति गरलमना।
रत्नविभूषित तू ही, तू ही अस्थि तना॥ जगजननी ..

मूलाधार निवासिनि, इह-पर सिद्धिप्रदे।
कालातीता काली, कमला तू वरदे॥ जगजननी ..

शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी।
भेद प्रदर्शिनि वाणी विमले! वेदत्रयी॥ जगजननी ..

हम अति दीन दु:खी माँ! विपत जाल घेरे।
हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥ जगजननी ..

निज स्वभाववश जननी! दयादृष्टि कीजै।
करुणा कर करुणामयी! चरण शरण दीजै॥ जगजननी .. (2)

MP3 Audio

20 अक्तूबर 2015

भजन: जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे

जगन्मात जगदम्बे तेरे जयकारे ।

तू शक्ति भगवती भवानी ।
महिमामयी महामाया बखानी ।
    विश्व रचे पाले संहारे ॥१॥

शांति करी मंगल सुख रूपा ।
तू वरदा है दिव्य अनूपा ।
    शरणागत के काज संवारे ॥२॥

निज जन त्राण-परायण देवी ।
असुर हरि दुर्गा सुर सेवी ।
    श्री लक्ष्मी जन तुझे पुकारे ॥३॥



Listen to bhajan on Bhola Krishna Youtube channel
by Bholakrishna - भोला कृष्णा 
at https://www.youtube.com/watch?v=gvdkb1rM46Q

19 अक्तूबर 2015

कीर्तन: मैया तेरा बना रहे दरबार

MP3 Audio of Bhajan
maiya tera bana rahe darbar
Voice - Dr. Mrs. Premlata Paliwal

मैया तेरा बना रहे दरबार
बना रहे दरबार मैया तेरा
तेरे पावन दर पे आके मैया
हो सबका उद्धार मैया
बना रहे दरबार

प्रेम का दीपक ज्ञान की बाती
मन मन्दिर में जले दिन राती मैया
मिट जाये अंधकार मैया
बना रहे दरबार

गहरी नदिया, नाव पुरानी
जीवन की यह अथक कहानी
तू ही खेवनहार मैया
बना रहे दरबार

जो भी तेरे दर पे आया मैया
मनवांछित फल उसने पाया मैया
तेरी दया है अपार मैया
बना रहे दरबार

18 अक्तूबर 2015

आरती: जय अम्बे गौरी

MP3 Audio

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निस दिन ध्यावत
मैयाजी को निस दिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवजी .
बोलो जय अम्बे गौरी ..

माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को
मैया टीको मृगमद को
उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे
मैया रक्ताम्बर साजे
रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी
मैया खड्ग कृपाण धारी
सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुख हारी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती
मैया नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति
बोलो जय अम्बे गौरी ..

शम्भु निशम्भु बिडारे महिषासुर धाती
मैया महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती
बोलो जय अम्बे गौरी ..

चण्ड मुण्ड शोणित बीज हरे
मैया शोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोउ मारे सुर भय दूर करे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी
मैया तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी तुम शिव पटरानी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

चौंसठ योगिन गावत नृत्य करत भैरों
मैया नृत्य करत भैरों
बाजत ताल मृदंग और बाजत डमरू
बोलो जय अम्बे गौरी ..

तुम हो जग की माता तुम ही हो भर्ता
मैया तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुख हर्ता सुख सम्पति कर्ता
बोलो जय अम्बे गौरी ..

भुजा चार अति शोभित वर मुद्रा धारी
मैया वर मुद्रा धारी
मन वाँछित फल पावत देवता नर नारी
बोलो जय अम्बे गौरी ..

कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती
मैया अगर कपूर बाती
माल केतु में राजत कोटि रतन ज्योती
बोलो जय अम्बे गौरी ..

माँ अम्बे की आरती जो कोई नर गावे
मैया जो कोई नर गावे
कहत शिवानन्द स्वामी सुख सम्पति पावे
बोलो जय अम्बे गौरी ..

http://www.bhajans.org/aaratii/ambegaurii.mp3

17 अक्तूबर 2015

भजन: नमामि अम्बे दीन वत्सले


नमामि अम्बे दीन वत्सले,
तुम्हे बिठाऊँ हृदय सिंहासन .
तुम्हे पिन्हाऊँ भक्ति पादुका,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..

श्रद्धा के तुम्हे फूल चढ़ाऊँ,
श्वासों की जयमाल पहनाऊँ .
दया करो अम्बिके भवानी,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..

बसो हृदय में हे कल्याणी,
सर्व मंगल मांगल्य भवानी .
दया करो अम्बिके भवानी,
नमामि अम्बे भवानि अम्बे ..  

MP3 Audio

16 अक्तूबर 2015

भजन: ऐसा प्यार बहा दे मैया

या देवी सर्वभूतेषू दयारूपेण संस्तत,
नमस्तस्यै नमस्तयै नमस्तयै, नमस्तस्यै नमो नमः ।।

ऐसा प्यार बहा दे मैया, चरणों से लग जाऊ मैं ।
सब अंधकार मिटा दे मैया, दरस तेरा कर पाऊं मैं ।।

जग मैं आकर जग को मैया, अब तक न मैं जान सका
क्यों आया हूँ कहाँ है जाना, अब तक न पहचान सका
तुम हो अगम अगोचर मैया, कहो कैसे लख पाऊं मैं ?

कर कृपा जगदम्बे भवानी, मैं बालक नादान हूँ
नहीं आराधन जप तप जानूं, मैं अवगुण की खान हूँ
दे ऐसा वरदान हे मैया, निशदिन तुम गुण गाऊं मैं ।

Listen to Bhajan on Youtube

14 अक्तूबर 2015

भजन: जय जय जगदीश्वरी माँ

यह रचना - "सर्वेश्वरी जय जय जगदीश्वरी माँ", मेरे परम प्रिय मित्र एवं गुरुभाई श्री हरि ओम् शरण जी" के एक पुरातन भजन की धुन पर आधारित है.




सर्वेश्वरी, जय जय जगदीश्वरी माँ, तेरा ही एक सहारा है 
तेरी आंचल की छाहँ छोड़ अब नहीं कहीं निस्तारा है  
सर्वेश्वरी जय जय ------------

मैं अधमाधम, तू अघ हारिणी ! मैं पतित अशुभ, तू शुभ कारिणी 
हें ज्योतिपुंज, तूने मेरे मन का मेटा अंधियारा   है !!
सर्वेश्वरी, जय जय --------------

तेरी ममता पाकर किसने ना अपना  भाग्य सराहा है 
कोई भी खाली नहीं गया जो तेरे दर पर आया है !!
सर्वेश्वरी, जय जय --------------

अति दुर्लभ मानव तन पाकर आये हैं हम इस धरती पर, 
तेरी चौखट  ना छोड़ेंगे ,अपना ये अंतिम द्वारा है !!
सर्वेश्वरी, जय जय ---------

===================
रचनाकार एवं गायक "भोला "

See Video on youtube at
http://www.youtube.com/watch?v=ZCPEhHrNV2w


13 अक्तूबर 2015

भजन: जगदम्बिके जय जय जग जननी माँ

bhajan: jagadambike jay jay jaga janani maa

सरस सुपावन शक्ति हे ...तेजोमयी  अपार
हे आनंद स्वरूपणी....मम  हृदय कर उज्जियार
जय माँ .....जय माँ ....

अराधन तेरा करूं ...निशदिन ,आठों याम
घट अंतर शक्ति जगे ...गाऊं तब शुभ नाम
जय माँ .....जय माँ ....

पत्तित-पावनी मात हे ....बालक शरण तिहार
मंगलमय  वरदान दे ..यही विनती बारम्बार ..
जय माँ .....जय माँ ..



जगदम्बिके जय जय जग जननी माँ 

8 अक्तूबर 2015

भजन: गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ

bhajan: guruji main to ek niranjan dhyaaun

Listen to bhajan sung by Anjana Bhattacharya

गुरुजी, गुरुजी , गुरुजी , गुरुजी ....

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

दुःख ना जानूँ जी मैं दर्द ना जानूँ  जी मैं ।
ना कोई वैद्य बुलाऊँ जी।।
सदगुरु वैद्य मिले अविनाशी।
वाको ही नाड़ी बताऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।


गंगा न जाऊँ जी मैं जमना न जाऊँ जी मैं।
ना कोई तीरथ नहाऊँ जी।।
अड़सठ तीरथ हैं घट भीतर।
वाही में मल मल नहाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

कहे गोरख जी हो सुन हो मच्छन्दर मैं ।
ज्योति में ज्योति मिलाऊँ जी।।
सतगुरु के मैं शरण गये से।
आवागमन मिटाऊँ जी।।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

गुरुजी मैं तो एक निरंजन ध्याऊँ जी।
दूजे के संग नहीं जाऊँ जी।।

gurujI, gurujI , gurujI , gurujI ....

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

duHkh nA jAnU.N jI maiM dard nA jAnU.N  jI maiM |
nA koI vaidy bulAU.N jI||
sadguru vaidy mile avinAshI|
vAko hI nA.DI batAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||


gaMgA na jAU.N jI maiM jamnA na jAU.N jI maiM|
nA koI tIrath nahAU.N jI||
a.DsaTh tIrath haiM ghaT bhItar|
vAhI meM mal mal nahAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

kahe gorakh jI ho sun ho machChandar maiM |
jyoti meM jyoti milAU.N jI||
satguru ke maiM sharaN gaye se|
AvAgman miTAU.N jI||
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI||

gurujI maiM to ek niraMjan dhyAU.N jI|
dUje ke saMg nahIM jAU.N jI|| 

7 अक्तूबर 2015

भजन: अस कछु समुझि परत रघुराया

Bhajan: As kachhu samaujhi parat raghuraya

अस कछु समुझि परत रघुराया ! 
बिनु तव कृपा दयालु ! दास-हित ! मोह न छूटै माया ॥ १ ॥ 

जैसे कोइ इक दीन दुखित अति असन-हीन दुख पावै । 
चित्र कलपतरु कामधेनु गृह लिखे न बिपति नसावै ॥ ३ ॥ 

जब लगि नहिं निज हृदि प्रकास, अरु बिषय-आस मनमाहीं । 
तुलसिदास तब लगि जग-जोनि भ्रमत सपनेहुँ सुख नाहीं ॥ ५ ॥

Listen to bhajan sung by VNS Bhola

as kaChu samujhi parat raghurAyA ! 
binu tav kR^ipA dayAlu ! dAs-hit ! moh na ChUTai mAyA || 1 || 

jaise koi ik dIn dukhit ti asan-hIn dukh pAvai | 
chitr kalapatru kAmdhenu gR^ih likhe na bipti nasAvai || 3 || 

jab lagi nahiM nij hR^idi prakAs, ru biShay-As manmAhIM | 

tulasidAs tab lagi jag-joni bhramat sapnehu.N sukh nAhIM || 5 || 

भजन: राम नाम रस पीजै मनुवा

Bhajan: ram nam ras peeje manava

Click here for links to audio and video - voice: Sandhya Mukherjee

राम नाम रस पीजै मनुवा,
राम नाम रस पीजै

तजि कुसंग सतसंग बैठि नित,
हरि-चर्चा सुनि  लीजै ।

काम क्रोध मद मोह लोभ को ,
बहा चित से दीजै ।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
ताही के रंग में भीजै ।




rAm nAm ras pIjai manuvA,
rAm nAm ras pIjai

taji kusaMg satasaMg baiThi nit,
hari-charchA suni  lIjai |

kAm krodh mad moh lobh ko ,
bahA chit se dIjai |

mIrA ke prabhu girdhar nAgar,
tAhI ke raMg meM bhIjai |

https://www.youtube.com/watch?v=OKASPHmQcY8


भजन: को माता को पिता हमारे

Bhajan: ko mata ko pita hamare

को माता को पिता हमारे ।

कब जनमत हमको तुम देख्यो,
हँसी लगत सुन बैन तुम्हारे ।

कब माखन चोरी कर खायो,
कब बांधे महतारी ।
दुहत कौन सी गइया चारत,
बात कही जे भारी ।
तुम जानत मोहि नंद ढ़िठौना,
नंद कहा ते आये ।।

हम पूरन अविगत अविनासी,
माया ठगनी भुलाये ।
ये सुन ग्वालिन सब मुस्कानी,
हरष मगन हो उठाये ।
सूर श्याम जो निठुरैं सबहीं,
मात पिता हूँ नहीं माने ।




ko mAtA ko pitA hamAre |

kab janmat hamko tum dekhyo,
ha.NsI lagat sun bain tumhAre |

kab mAkhan chorI kar khAyo,
kab bAMdhe mahtArI |
duhat kaun sI ga_iyA chArat,
bAt kahI je bhArI |
tum jAnat mohi naMd .DhiThaunA,
naMd kahA te Aye ||

ham pUran avigat avinAsI,
mAyA ThagnI bhulAye |
ye sun gvAlin sab muskAnI,
haraSh magan ho uThAye |
sUr shyAm jo niThuraiM sabhIM,
mAt pitA hU.N nahIM mAne |

https://www.youtube.com/embed/_v67O7GiHrY

भजन: राम भजा सो जीता जग में


Bhajan: Ram Bhaja so Jeeta Jag Me

राम भजा सो जीता जग में
राम भजा सो जीता रे

हाथ सुमिरनी, बगल कतरनी,
पढ़े भागवत गीता रे

हृदय शुद्ध कीन्हों नहीं तेने,
बातों में दिन बीता रे

ज्ञान देव की पूजा कीन्ही,
हरि सो किया न प्रीता रे

धन यौवन यूँ ही जायेगा,
अंत समय में रीता रे

कहे कबीर काल यूँ मारे
जैसे हिरन को चीता रे



rAm bhajA so jItA jag meM
rAm bhajA so jItA re

hAth sumirnI, bagal katarnI,
pa.Dhe bhAgvat gItA re

hR^iday shuddh kInhoM nahIM tene,
bAtoM meM din bItA re

j~nAn dev kI pUjA kInhI,
hari so kiyA na prItA re

dhan yauvan to yU.N hI jAygA,
aMt samay meM rItA re

kahe kabIr kAl yU.N mAre
jaise hiran ko chItA re

https://www.youtube.com/embed/7ozrhCYgSeA

भजन: भागवत भगवान की है आरती

Bhajan: Bhagavat bhgawan kee hai arati

भागवत भगवान की है आरती
पापियों को पाप से है तारती

ये अमर ग्रन्थ , यह मुक्ति पंथ ,
है पंचम वेद निराला ,
नव ज्योति जगाने वाला !
हरि ज्ञान यही , वरदान यही ,
जग मंगल की है आरती ,
पापियों को पाप से है तारती

ये शांति दीप , पावन पुनीत ,
पापों को मिटाने वाला ,
हरि दरस दिखाने वाला !
ये सुख करनी , है दुख हरनी ,
यह मधुसूदन की आरती ,
पापियों को पाप से है तारती

ये मधुर बोल , भव फंद खोल ,
सन्मार्ग दिखाने वाला ,
बिगडी को बनाने वाला ,
श्री राम यही , घनश्याम यही ,
सबकी महिमा की आरती ,
पापियों को पाप से ही तारती


3 अक्तूबर 2015

भजन: रे मन हरि सुमिरन कर लीजै

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Bhajan: re man hari sumiran kar leeje


मंगल भवन अमंगल हारी
द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी

रे मन, हरि सुमिरन कर लीजै ।
 हरि सुमिरन कर लीजै ।
 हरि सुमिरन कर लीजै ।

हरिको नाम प्रेमसों जपिये, हरिरस रसना पीजै ।
हरिगुन गाइय, सुनिय निरंतर, हरि-चरननि चित दीजै ॥

हरि-भगतनकी सरन ग्रहन करि, हरिसँग प्रीति करीजै ।
हरि-सम हरि जन समुझि मनहिं मन तिनकौ सेवन कीजै ॥

हरि केहि बिधिसों हमसों रीझै, सो ही प्रश्न करीजै ।
हरि-जन हरिमारग पहिचानै, अनुमति देहिं सो कीजै ॥

हरिहित खाइय, पहिरिय हरिहित, हरिहित करम करीजै ।
हरि-हित हरि-सन सब जग सेइय, हरिहित मरिये जीजै ॥

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maMgal bhavan amaMgal hArI
drava_u so dasrath ajir bihArI

re man hari sumiran kar lIjai |

hariko nAm premsoM japiye, hariras rasnA pIjai |
harigun gAiy, suniy niraMtar, hari-charanni chit dIjai ||

hari-bhagatankI saran grahan kari, haris.Ng prIti karIjai |
hari-sam hari jan samujhi manhiM man tinakau sevan kIjai ||

hari kehi bidhisoM hamsoM rIjhai, so hI prashn karIjai |
hari-jan harimArag pahichAnai, anumti dehiM so kIjai ||

harihit khAiy, pahiriy harihit, harihit karam karIjai |
hari-hit hari-san sab jag seiy, harihit mariye jIjai || 

भजन: हरि नाम सुमिर सुख धाम

bhajan: hari nam sumir sukh dham jagat me

हरि नाम सुमिर हरि नाम सुमिर
हरि नाम सुमिर सुख धाम
जगत में जीवन दो दिन का .
जगत में जीवन दो दिन का ..

सुंदर काया देख लुभाया
लाड़ करे तन का .
छूटा साँस विगत भयी देही
ज्यों माला मनका ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

पाप कपट कर माया जोड़ी
गर्व करे धन का .
सभी छोड़ कर चला मुसाफिर
वास हुआ वन का ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

यह संसार कपट की माया
मेला पल छिन का
ब्रह्मानन्द भजन कर बंदे
नाथ निरंजन का . .
जगत में जीवन दो दिन का ..

जगत में जीवन दो दिन का .
जगत में जीवन दो दिन का ..

सुंदर काया देख लुभाया
लाड़ करे तन का .
छूटा साँस विगत भयी देही
ज्यों माला मनका ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

पाप कपट कर माया जोड़ी
गर्व करे धन का .
सभी छोड़ कर चला मुसाफिर
वास हुआ वन का ..
जगत में जीवन दो दिन का ..

यह संसार कपट की माया,
मेला दो दिन का
ब्रह्मानन्द भजन कर बंदे
नाथ निरंजन का . .
जगत में जीवन दो दिन का ..

bhajan: hari nam sumir sukh dham jagat me

hari nAm sumir hari nAm sumir
hari nAm sumir sukh dhAm
jagat meM jIvan do din kA .
jagat meM jIvan do din kA ..

suMdar kAyA dekh lubhAyA
lA.D kare tan kA .
ChUTA sA.Ns vigat bhayI dehI
jyoM mAlA mankA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

pAp kapaT kar mAyA jo.DI
garv kare dhan kA .
sabhI Cho.D kar chalA musAphir
vAs huA van kA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

yah saMsAr kapaT kI mAyA
melA pal Chin kA
brahmAnand bhajan kar baMde
nAth niraMjan kA . .
jagat meM jIvan do din kA ..

jagat meM jIvan do din kA .
jagat meM jIvan do din kA ..

suMdar kAyA dekh lubhAyA
lA.D kare tan kA .
ChUTA sA.Ns vigat bhayI dehI
jyoM mAlA mankA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

pAp kapaT kar mAyA jo.DI
garv kare dhan kA .
sabhI Cho.D kar chalA musAphir
vAs huA van kA ..
jagat meM jIvan do din kA ..

yah saMsAr kapaT kI mAyA,
melA do din kA
brahmAnand bhajan kar baMde
nAth niraMjan kA . .
jagat meM jIvan do din kA .. 

21 सितंबर 2015

कीर्तन: राधे राधे, श्याम मिला दे

MP3 ऑडियो

राधे राधे , राधे राधे ,
राधे राधे , राधे राधे


राधे राधे, श्याम मिला दे
जय हो 
राधे राधे, श्याम मिला दे

गोवर्धन में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे 
कुसुम सरोवर, राधे राधे
हर कुन्ज में, राधे राधे
गोवर्धन में, राधे राधे
पीली पोखर, राधे राधे


मथुरा जी में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे
कुन्ज कुन्ज में, राधे राधे
पात पात में, राधे राधे
डाल डाल  में, राधे राधे
वृक्ष वृक्ष में , राधे राधे
हर आश्रम में, राधे राधे

माता बोले, राधे राधे
बहना बोले, राधे राधे
भाई बोले, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे

राधे राधे,राधे राधे
राधे राधे, श्याम मिला दे

अरे
मथुरा जी में, राधे राधे
वृन्दावन में, राधे राधे
पीली पोखर , राधे राधे 
गोवर्धन में, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे
प्रेम से बोलो, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे
अरे बोलो बोलो, राधे राधे
अरे गाओ गाओ, राधे राधे
सब मिल गाओ, राधे राधे
प्रेम से बोलो, राधे राधे
सब मिल बोलो, राधे राधे 
जोर से बोलो, राधे राधे

राधे राधे,राधे राधे
राधे राधे, श्याम मिला दे


rAdhe rAdhe , rAdhe rAdhe ,
rAdhe rAdhe , rAdhe rAdhe


rAdhe rAdhe, shyAm milA de
jay ho
rAdhe rAdhe, shyAm milA de

govardhan meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
kusum sarovar, rAdhe rAdhe
har kunj meM, rAdhe rAdhe
govardhan meM, rAdhe rAdhe
pIlI pokhar, rAdhe rAdhe


mathurA jI meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
kunj kunj meM, rAdhe rAdhe
pAt pAt meM, rAdhe rAdhe
DAl DAl  meM, rAdhe rAdhe
vR^ikSh vR^ikSh meM , rAdhe rAdhe
har Ashram meM, rAdhe rAdhe

mAtA bole, rAdhe rAdhe
bahnA bole, rAdhe rAdhe
bhAI bole, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe

rAdhe rAdhe,rAdhe rAdhe
rAdhe rAdhe, shyAm milA de

re
mathurA jI meM, rAdhe rAdhe
vR^indAvan meM, rAdhe rAdhe
pIlI pokhar , rAdhe rAdhe
govardhan meM, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
prem se bolo, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
re bolo bolo, rAdhe rAdhe
re gAo gAo, rAdhe rAdhe
sab mil gAo, rAdhe rAdhe
prem se bolo, rAdhe rAdhe
sab mil bolo, rAdhe rAdhe
jor se bolo, rAdhe rAdhe

rAdhe rAdhe,rAdhe rAdhe
rAdhe rAdhe, shyAm milA de