सितंबर 04, 2015

भजन: करुणा सुनो श्याम मेरी

हे श्याम,
श्याम, श्याम, श्याम,
मेरे श्याम
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

करुणा सुनो श्याम मेरी,
मैं तो होय रही चेरी तेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी  ॥

दरसन कारन भयी बावरी,
बिरह व्यथा तन घेरी,
तेरे कारन जोगन हूँगी,
 दूंगी नगर बिच फेरी,
कुञ्ज बन हेरी हेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

अंग बभूत गले मृग छाला,
यूं तन भसम करूंगी,
अजहूँ न मिल्या श्याम अबिनासी,
बन बन बीच फिरुंगी,
रोऊँ नित हेरी फेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

जब मीरा को गिरिधर मिलिया,
दुःख मेटन सुख भेरी,
रोम रोम साका भई उर में,
मिट गयी फेरा फेरी,
रही चरनन तर चेरी,
करुणा सुनो श्याम मेरी ॥

Listen to this bhajan by VNS Bhola
on Bholakrishna youtube channel 
at
https://www.youtube.com/watch?v=eIlHOoUGlKw



he shyAm,
shyAm, shyAm, shyAm,
mere shyAm
karuNA suno shyAm merI ||

karuNA suno shyAm merI,
maiM to hoy rahI cherI terI,
karuNA suno shyAm merI  ||

darsan kAran bhayI bAvrI,
birah vyathA tan gherI,
tere kAran jogan hU.NgI,
dUMgI nagar bich pherI,
ku~nj ban herI herI,
karuNA suno shyAm merI ||

aMg babhUt gale mR^ig ChAlA,
yUM tan bhasam karUMgI,
ajhU.N na milyA shyAm abinAsI,
ban ban bIch phiruMgI,
roU.N nit herI pherI,
karuNA suno shyAm merI ||

jab mIrA ko giridhar miliyA,
duHkh meTan sukh bherI,
rom rom sAkA bhaI ur meM,
miT gayI pherA pherI,
rahI charnan tar cherI,
karuNA suno shyAm merI ||

भजन: अंखियाँ हरि दरसन की प्यासी

bhajan: ankhiyan hari darashan ki pyasi

MP3 Audio

अंखियाँ हरि दरसन की प्यासी।

देख्यौ चाहति कमलनैन कौ,
निसि-दिन रहति उदासी।।

आए ऊधै फिरि गए आँगन,
डारि गए गर फांसी।

केसरि तिलक मोतिन की माला,
वृन्दावन के बासी।।

काहू के मन को कोउ न जानत,
लोगन के मन हांसी।

सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस कौ,
करवत लैहौं कासी।।

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ankhiyA.N hari darsan kI pyAsI|

dekhyau chAhti kamala nayan kau,
nisi-din rahti udAsI||

Ae Udhai phiri gae A.Ngan,
DAri gae gar phAMsI|

kesri tilak motin kI mAlA,
vR^indAvan ke bAsI||

kAhU ke man ko kou na jAnat,
logan ke man hAMsI|

sUrdAs prabhu tumhre daras kau,
karvat laihauM kAsI|| 

भजन: नन्द बाबाजी को छैया

Listen to Krishna Bhajan - Nand Babaji ko Chhaiyya
by
MP3 Audio (Madhav Mukund)

MP3 Audio (VNS Bhola - 1st 1 stanza only)

Youtube video by Dr. Vishwas Varma


नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया,
वाको नाम है कन्हैया, श्याम, alt (कन्हैया रे, आ जा रे, आ जा रे )

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

काहे की गेंद है, काहे का बल्ला,
गेंद में काहे का लागा है छल्ला,
काहे की गेंद है, काहे का बल्ला,
गेंद में काहे का लागा है छल्ला,
कौन ग्वाल ये खेलन आये,
कौन ग्वाल ये खेलन आये,
खेलें ता ता थैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

रेशम की गेंद है, चंदन का बल्ला,
रेशम की गेंद है, चंदन का बल्ला,
चंदन का बल्ला,
गेंद में मोतियां लागे हैं छल्ला
लागे हैं छल्ला
सुघड़ मनसुखा खेलन आये
बृज बालन के भैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

नीली यमुना है, नीला गगन है,
नीले कन्हैया, नीला कदम्ब है,
नीली यमुना है, नीला गगन है,
नीले कन्हैया, नीला कदम्ब है,
सुघड़ श्याम के सुघड़ खेल में,
नीले खेल खिलैया,
ओ भैया, कन्हैया,
कन्हैया कन्हैया रे ..

नन्द बाबाजी को छैया,
वाको नाम है कन्हैया.
कन्हैया कन्हैया रे ..
बड़ो गेंद को खिलैया,
आयो आयो रे कन्हैया .
कन्हैया कन्हैया रे ..

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nand bAbA jI ko ChaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA, shyAm, alt (kanhaiyA re, A jA re, A jA re )

nand bAbAjI ko ChaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do geMd ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

kAhe kI geMd hai, kAhe kA ballA,
geMd meM kAhe kA lAgA hai ChallA,
kAhe kI geMd hai, kAhe kA ballA,
geMd meM kAhe kA lAgA hai ChallA,
kaun gvAl ye khelan Aye,
kaun gvAl ye khelan Aye,
kheleM tA tA thaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko ChaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do geMd ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

resham kI geMd hai, chaMdan kA ballA,
resham kI geMd hai, chaMdan kA ballA,
chaMdan kA ballA,
geMd meM motiyAM lAge haiM ChallA
lAge haiM ChallA
sugha.D mansukhA khelan Aye
bR^ij bAlan ke bhaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko ChaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do geMd ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nIlI yamunA hai, nIlA gagan hai,
nIle kanhaiyA, nIlA kadamb hai,
nIlI yamunA hai, nIlA gagan hai,
nIle kanhaiyA, nIlA kadamb hai,
sugha.D shyAm ke sugha.D khel meM,
nIle khel khilaiyA,
o bhaiyA, kanhaiyA,
kanhaiyA kanhaiyA re ..

nand bAbAjI ko ChaiyA,
vAko nAm hai kanhaiyA.
kanhaiyA kanhaiyA re ..
ba.Do geMd ko khilaiyA,
Ayo Ayo re kanhaiyA .
kanhaiyA kanhaiyA re .. 

भजन: गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है

bhajan: govind meri yeh prarthana hai

in voice of Shri Atul Shrivastava

श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

गोविन्द मेरी यह प्रार्थना है
कि भूलूँ कभी न मैं नाम तेरा
निश दिन मैं तो तेरे गीत गाऊं
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

देहान्तकाले तुम सामने हो
मुरली बजाते मन को लुभाते
कहते हुए नाथ यह तन मैं त्यागूँ
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

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shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

govind merI yah prArthanA hai
ki bhUlU.N kabhI na maiM nAm terA
nish din maiM to tere gIt gAUM
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

dehAntakAle tum sAmne ho
murlI bajAte man ko lubhAte
kahte hue nAth yah tan maiM tyAgU.N
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay dayAlu
shrI rAm jay rAm jay jay kRipAlu

भजन : खुद तो बाहर ही खड़े रहे

bhajan: khud to bahar hi khade rahe

Click here to listen to the bhajan 
tune - Shri Jagannath Prasad Ji Shrivastava
voice - Sau. Krishna Kumari Shrivastava
Introduction by Justice Shiv Dayal Ji Shrivastava
The last few lines of the bhajan are in the voice of Sau. Sunita  Shrivastava .

महाभारत का एक प्रसंग है, एक दिन दुर्योधन ने भीष्म पितामह को बहुत बुरा-भला कहा . उन्होंने आवेश में आकर प्रतिज्ञा की कि कल पाँचो पाण्डवों को मार दूँगा. 

उसके बाद क्या होता है , ये बहूरानी से सुनिए गीत :

खुद तो बाहर ही खड़े रहे, भीतर भेजा पांचाली को;
यतिवर बाबा के चरणों में, जाकर अपना मस्तक रख दो ।

अर्धरात्रि की बेला में, भीषम की लगी समाधी थी;
मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, उस जगह न कोई व्याधा थी ।

कृष्णा ने जाकर सिर रक्खा, चरणों पर भीष्म पितामह के;
चरणों पर कौन झुका, देखूँ, बाबा भीषम एकदम चौंके ।

देखा एक सधवा नारी है, चरणों पर शीश झुकाती है;
उसके तन की रंगी साड़ी, सधवापन को दर्शाती है ।

आशीर्वाद मुख से निकला, सौभाग्यवती भव हो बेटी;
तेरे हाथों की मेहंदी का न रंग कभी छूटे बेटी ।

सौभाग्य तुम्हारा अचल रहे, सिन्दूर से मांग न खाली हो;
वर देता हूँ तुझको बेटी, तू वीर कुमारों वाली हो ।

सुनकर कृष्णा ने तुरत कहा, बाबा ये क्या बतलाते हो;
कल और आज कुछ और कहा, तुम सत्यव्रती कहलाते हो ।

मेहंदी का रंग तो रहने दो, साड़ी का रंग उड़ाओ ना;
सिन्दूर जो मेरी मांग का है, बाणों से उसे छुड़ाओ ना ।

मेरे पाँचों पतियों में से, यदि एक भी मारा जायेगा;
आशीर्वाद तेरा बाबा, क्या झूठा नहीं कहायेगा ।

तब आया होश पितामह को, हाथों से माला छूट गई;
मन प्रभु चरणों में लगा हुआ, चितचोर समाधी टूट गई ।

बोले बेटी इन प्रश्नों का उत्तर पीछे दे पाउंगा;
तेरे सुहाग का निर्णय भी मैं पीछे ही कर पाउंगा ।

एक बात खटकती है मन में, हैरान है जिसने कर डाला;
बतला बेटी, वह कहाँ छिपा, इस जगह तुझे लाने वाला ।

बेटी तूने मेरे कुल को, इतना पवित्र कर डाला है;
पहरा देता होगा तेरा, जो विश्व रचाने वाला है    ।

बूढ़ा होने को आया है, पर अब भी गई नहीं चोरी;
नित नई नीतियाँ चलता है, तुमसे चोरी, मुझसे चोरी ।

बाहर आकर के जो देखा, ड्योढ़ी का दृश्य निराला था;
पीताम्बर का घूंघट डाले, वो खड़ा बांसुरी वाला था ।

चरणों से जाकर लिपट गये, छलिया छलने को आया है;
भक्तों की रक्षा करने को, दासी का वेष बनाया है ।

*

कहते हैं द्रौपदी का जूता था, पीताम्बर के कोने में;
उर में करुणा का भार लिये थे लगे पितामह रोने में ।   

हे द्रुपद सुता, मेरी बेटी, अब जाओ विजय तुम्हारी है;
पतियों का बाल न बाँका हो, जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं ।

जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं, भव भय भंजन भय हारी हैं;
जब रक्षक कृष्ण मुरारी हैं, भव भय भंजन भय हारी हैं ।

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khud to bAhar hI kha.De rahe, bhItar bhejA pAMchAlI ko;
yativar bAbA ke charNoM meM, jAkar apnA mastak rakh do |

ardharAtri kI belA meM, bhISham kI lagI samAdhI thI;
man prabhu charNoM meM lagA huA, us jagah na koI vyAdhA thI |

kR^iShNA ne jAkar sir rakkhA, charNoM par bhIShm pitAmah ke;
charNoM par kaun jhukA, dekhU.N, bAbA bhISham ekdam chauMke |

dekhA ek sadhvA nArI hai, charNoM par shIsh jhukAtI hai;
uske tan kI raMgI sA.DI, sadhavApan ko darshAtI hai |

AshIrvAd mukh se niklA, saubhAgyavtI bhav ho beTI;
tere hAthoM kI mehaMdI kA na raMg kabhI ChUTe beTI |

saubhAgy tumhArA achal rahe, sindUr se mAMg na khAlI ho;
var detA hU.N tujhko beTI, tU vIr kumAroM vAlI ho |

sunkar kR^iShNA ne turat kahA, bAbA ye kyA batlAte ho;
kal aur Aj kuCh aur kahA, tum satyavratI kahlAte ho |

mehaMdI kA raMg to rahne do, sA.DI kA raMg u.DAo nA;
sindUr jo merI mAMg kA hai, bANoM se use Chu.DAo nA |

mere pA.NchoM patiyoM meM se, yadi ek bhI mArA jAyegA;
AshIrvAd terA bAbA, kyA jhUThA nahIM kahAyegA |

tab AyA hosh pitAmah ko, hAthoM se mAlA ChUT gaI;
man prabhu charNoM meM lagA huA, chitchor samAdhI TUT gaI |

bole beTI in prashnoM kA uttar pIChe de pAuMgA;
tere suhAg kA nirNay bhI maiM pIChe hI kar pAuMgA |

ek bAt khaTaktI hai man meM, hairAn hai jisne kar DAlA;
batlA beTI, vah kahA.N ChipA, is jagah tujhe lAne vAlA |

beTI tUne mere kul ko, itnA pavitr kar DAlA hai;
pahrA detA hogA terA, jo vishv rachAne vAlA hai    |

bU.DhA hone ko AyA hai, par ab bhI gaI nahIM chorI;
nit naI nItiyA.N chaltA hai, tumse chorI, mujhse chorI |

bAhar Akar ke jo dekhA, Dyo.DhI kA dR^ishy nirAlA thA;
pItAmbar kA ghUMghaT DAle, vo kha.DA bAMsurI vAlA thA |

charNoM se jAkar lipaT gaye, ChaliyA Chalne ko AyA hai;
bhaktoM kI rakShA karne ko, dAsI kA veSh banAyA hai |

*

kahte haiM draupdI kA jUtA thA, pItAmbar ke kone meM;
ur meM karuNA kA bhAr liye the lage pitAmah rone meM |  

he drupad sutA, merI beTI, ab jAo vijay tumhArI hai;
patiyoM kA bAl na bA.NkA ho, jab rakShak kR^iShN murArI haiM |

jab rakShak kR^iShN murArI haiM, bhav bhay bhaMjan bhay hArI haiM;
jab rakShak kR^iShN murArI haiM, bhav bhay bhaMjan bhay hArI haiM |

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This bhajan was the first in our series 'Bhajan on Demand' initiated by requests from dear Jyoti - Sau. Dr. Jyotsna Nigam. Efforts by various family members have made this possible.

Thanks to Sau. Dr. Krishna Shrivastav for the audio files, Shri Atul Shrivastava for the transcribed lyrics. The audio has been converted from old cassettes and two versions have been edited and spliced together to complete the song.


Atul Dada writes: "This bhajan/ poem appeared many many years back in one of the volumes  (अंक) of  "कल्याण"  पत्रिका. On demand of Tauji, Babu had composed its dhun. We sing it in the same dhun today. Just close your eyes while singing this bhajan and we will get परमानन्द. This is my experience, by God's Grace."

भजन: श्याम आये नैनों में

Shyam Aaye Naino Me - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

श्याम आये नैनों में
बन गयी मैं साँवरी

शीश मुकुट बंसी अधर
रेशम का पीताम्बर
पहने है वनमाल, सखी
सलोनो श्याम सुन्दर
कमलों से चरणों पर
जाऊँ मैं वारि री

मैं तो आज फूल बनूँ
धूप बनूँ दीप बनूँ
गाते गाते गीत सखी
आरती का दीप बनूँ
आज चढ़ूँ पूजा में
बन के एक पाँखुड़ी


shyaam aaye naino me - Youtube Video - VNS Bhola



shyAm Aye nainoM meM
ban gayI maiM sA.NvrI

shIsh mukuT baMsI adhar
resham kA pItAmbar
pahne hai vanmAl, sakhI
salono shyAm sundar
kamloM se charNoM par
jAU.N maiM vAri rI

maiM to Aj phUl banU.N
dhUp banU.N dIp banU.N
gAte gAte gIt sakhI
ArtI kA dIp banU.N
Aj cha.DhU.N pUjA meM
ban ke ek pA.Nkhu.DI


Youtube Video - Sargam Shrivastav on Sanskar TV - Published on Apr 26, 2014






सितंबर 03, 2015

भजन: कमल लोचन कटि पीताम्बर

bhajan: kamal lochan kati pitambar





कमल लोचन कटि पीताम्बर, अधर मुरली गिरिधरम्
मुकुट कुंडल कर लकुटिया,  सांवरे राधे वरम् ।

       कूल यमुना धेनु आगे, सकल गोपिन मन हरम्
       पीत वस्त्र गरुड़ वाहन,चरण नित सुख सागरम् ।।

वंशीधर वसुदेव छलिया, बलि छल्यो हरि वामनम्
डूबते गज राख लीन्हों, लंका छेड्यो रावणम्  ।।

        दीनानाथ दयालु  सिन्धु,  करुणामय करुणाकरम्
        कविदत्त दास विलास निशदिन, नाम जप नित नागरम् ।।

कमल लोचन कटि पीताम्बर ,अधर मुरली गिरिधरम् ।।।।।

MP Audio - Bhajan
'Kamal Lochan Kati Pitambar'
sung by Sau. Meera Varma


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kamal lochan kaTi pItAmbar, adhar murlI giridharam
mukuT kuMDal kar lakuTiyA,  sAMvre rAdhe varam |

      kUl yamunA dhenu Age, sakal gopin man haram
      pIt vastr garu.D vAhan,charaN nit sukh sAgaram ||

vaMshIdhar vasudev ChaliyA, bali Chalyo hari vAmanam
DUbte gaj rAkh lInhoM, laMkA CheDyo rAvaNam  ||

       dInAnAth dayAlu  sindhu,  karuNAmay karuNAkaram
       kavidatt dAs vilAs nishdin, nAm jap nit nAgaram ||

kamal lochan kaTi pItAmbar ,adhar murlI giridharam ||||| _____________________________________________

Another MP3 version of the bhajan - Thanks to Jyoti for the Audio



भजन: या बृज में कछु देख्यो री टोना

bhajan - Ya Brij Me Kachhu Dekhyo Ri Tona

Listen to the bhajan in the voice of Shri V N Shrivastav 'Bhola'

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

ले मटकी सिर चली गुजरिया,
आगे मिले बाबा नंद जी के छोना ।
दधि को नाम बिसरि गयो प्यारी,
ले लेहुरी कोउ स्याम सलोना ।

या ब्रज में कछु देख्यो री टोना ।

बृंदावन की कुँजगलिन में,
आस लगाय गयो मनमोहना ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
सुंदर स्याम सुघर रस लोना ।

या ब्रिज में कछु देख्यो री टोना ।।।


MP3 Audio by Sau. Kusum Shrivastav

yA braj meM kaChu dekhyo rI TonA |

le maTkI sir chalI gujriyA,
Age mile bAbA naMd jI ke ChonA |
dadhi ko nAm bisri gayo pyArI,
le lehurI kou syAm salonA |

yA braj meM kaChu dekhyo rI TonA |

bR^iMdAvan kI ku.Njaglin meM,
As lagAy gayo manamohnA |
mIrA ke prabhu girdhar nAgar,
suMdar syAm sughar ras lonA |

yA brij meM kaChu dekhyo rI TonA |||




भजन: श्याम सुन्दर मदन मोहन

bhajan: shyam sundar madan mohan jago more lala

MP3 - voice - Sau. Meera Verma

श्याम सुन्दर मदन मोहन ,
श्याम सुन्दर मदन मोहन ,
जागो मेरे लाला .

प्रात भानु प्रगट भये
ग्वाल बाल मिलन आये
तुम्हरे दरस द्वारे ठाड़े
मोहन मुरलीवाला .

श्याम सुन्दर मदन मोहन ,
श्याम सुन्दर मदन मोहन ,
जागो मेरे लाला .




shyAm sundar madan mohan 
jAgo mere lAlA

prAt bhAnu pragaT bhaye
gvAl bAl milan Aye
tumhre daras dvAre ThA.De 
mohan muralIvAlA

shyAm sundar madan mohan 
jAgo more lAlA 

भजन: प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर

bhajan: prabal prem ke pale pad kar

Listen to bhajan in the voice of Shri Atul Shrivastava

प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर प्रभु को नियम बदलते देखा .
अपना मान भले टल जाये भक्त मान नहीं टलते देखा ..

जिसकी केवल कृपा दृष्टि से सकल विश्व को पलते देखा .
उसको गोकुल में माखन पर सौ सौ बार मचलते देखा ..

जिसके चरणकमल कमला के करतल से न निकलते देखा .
उसको ब्रज की कुंज गलिन में कंटक पथ पर चलते देखा ..

जिसका ध्यान विरंचि शंभु सनकादिक से न सम्भलते देखा .
उसको ग्वाल सखा मंडल में लेकर गेंद उछलते देखा ..

जिसकी वक्र भृकुटि के डर से सागर सप्त उछलते देखा .
उसको माँ यशोदा के भय से अश्रु बिंदु दृग ढ़लते देखा ..



Listen to bhajan in the voice of Shri Akhil Shrivastava

prabal prem ke pAle pa.D kar prabhu ko niyam badalte dekhA .
apnA mAn bhale Tal jAye bhakt mAn nahIM Talte dekhA ..

jiskI keval kR^ipA dR^iShTi se sakal vishv ko palte dekhA .
usko gokul meM mAkhan par sau sau bAr machalte dekhA ..

jiske charaN kamal kamlA ke kartal se na nikalte dekhA .
usko braj kI kuMj galin meM kaMTak path par chalte dekhA ..

jiskA dhyAn viraMchi shaMbhu sanakAdik se na sambhalte dekhA .
usko gvAl sakhA maMDal meM lekar geMd uChalte dekhA ..

jiskI vakr bhR^ikuTi ke Dar se sAgar sapt uChalte dekhA .
usko mA.N yashodA ke bhay se ashru biMdu dR^ig .Dhalte dekhA .. 

भजन: दरशन दीजो आय प्यारे

darashan deejo aay pyaare - MP3 Audio
Voice - V N Shrivastav 'Bhola'

दरशन दीजो आय प्यारे
तुम बिनो रह्यो ना जाय ॥

जल बिनु कमल चंद्र बिनु रजनी
वैसे तुम देखे बिनु सजनी ।
आकुल व्याकुल फिरूं रैन दिन
विरह कलेजो खाय ॥

दिवस न भूख नींद नहीं रैना
मुख सों कहत न आवे बैना ।
कहा कहौं कछु समुझि न आवे
मिल कर तपत बुझाय ॥

क्यूं तरसाओ अंतरयामी
आय मिलो किरपा करो स्वामी ।
मीरा दासी जनम जनम की
पड़ी तुम्हारे पाय ॥




darshan dIjo Ay pyAre
tum bino rahyo nA jAy ||

jal binu kamal chaMdr binu rajnI
vaise tum dekhe binu sajnI |
Akul vyAkul phirUM rain din
virah kalejo khAy ||

divas na bhUkh nIMd nahIM rainA
mukh soM kahat na Ave bainA |
kahA kahauM kaChu samujhi na Ave
mil kar tapat bujhAy ||

kyUM tarasAo aMtaryAmI
Ay milo kirpA karo svAmI |
mIrA dAsI janam janam kI
pa.DI tumhAre pAy || 

भजन: हरि हरि हरि हरि सुमिरन करो

bhajan: hari hari hari hari sumiran karo

MP3 Audio - Bhola
MP3 Audio 2 -Lakshmi Bai Rathod

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो,
हरि चरणारविन्द उर धरो ..

हरि की कथा होये जब जहाँ,
गंगा हू चलि आवे तहाँ ..
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...

यमुना सिंधु सरस्वती आवे,
गोदावरी विलम्ब न लावे .

सर्व तीर्थ को वासा तहाँ,
सूर हरि कथा होवे जहाँ ..
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...



hari hari, hari hari, sumiran karo,
hari charaNAravind ur dharo ..

hari kI kathA hoye jab jahA.N,
gaMgA hU chali Ave tahA.N ..
hari hari, hari hari, sumiran karo ...

yamunA siMdhu sarasvatI Ave,
godAvrI vilamb na lAve .

sarv tIrth ko vAsA tahA.N,
sUr hari kathA hove jahA.N ..
hari hari, hari hari, sumiran karo ...




Listen to the bhajan at Bholakrishna youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=R4iTCjip0I8

सितंबर 02, 2015

भजन: शरण में आये हैं हम तुम्हारी

bhajan: sharan me aaye hain ham tumhari

Click here to listen to this bhajan in the voice of Shri V N Shrivastav 'Bhola'

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।
सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

न हम में बल है, न हम में शक्ति ।
न हम में साधन, न हम में भक्ति ।
तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

प्रदान कर दो महान शक्ति,
भरो हमारे में ज्ञान भक्ति ।
तभी कहाओगे ताप हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

जो तुम पिता हो, तो हम हैं बालक ।
जो तुम हो स्वामी, तो हम हैं सेवक ।
जो तुम हो ठाकुर, तो हम पुजारी ।
दया करो हे दयालु भगवन ।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

भले जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे ।
बुरे जो हैं  हम, तो हैं तुम्हारे ।
तुम्हारे हो कर  भी हम दुखारी ।
दया करो हे दयालु भगवन ।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।
सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी,
दया करो हे दयालु भगवन ।


sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |
samhAlo big.DI dashA hamArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |

na ham meM bal hai, na ham meM shakti |
na ham meM sAdhan, na ham meM bhakti |
tumhAre dar ke haiM ham bhikhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |
sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |

pradAn kar do mahAn shakti,
bharo hamAre meM j~nAn bhakti |
tabhI kahAoge tAp hArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |
sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |

jo tum pitA ho, to ham haiM bAlak |
jo tum ho svAmI, to ham haiM sevak |
jo tum ho ThAkur, to ham pujArI |
dayA karo he dayAlu bhagvan |
sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |

bhale jo haiM ham, to haiM tumhAre |
bure jo haiM  ham, to haiM tumhAre |
tumhAre ho kar  bhI ham dukhArI |
dayA karo he dayAlu bhagvan |
sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |

sharaN meM Aye haiM ham tumhArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan |
samhAlo big.DI dashA hamArI,
dayA karo he dayAlu bhagvan | 

सितंबर 01, 2015

भजन: अब मुझे राम भरोसा तेरा

bhajan: ab mujhe ram bharosa tera

Click here to listen to this bhajan in the voice of Shri Atul Shrivastava

अब मुझे राम भरोसा तेरा ॥

गूंजे मधुमय नाम की
ध्वनि नाभि के धाम
ह्रदय मस्तक कमल में
राम राम श्री राम ॥

मुझे भरोसा राम का
रहे सदा सब काल
दीनबन्धु वह देव है
हितकर दीन दयाल ॥

पकड़ शरण अब राम की
सुदृढ निश्चय साथ
तज कर चिंता मैं फिरूँ
पा कर उत्तम नाथ ॥

अब मुझे राम भरोसा तेरा ॥

राम राम राम राम ....

राम भरोसा तेरा
अब मुझे राम भरोसा तेरा

मधुर महारस नाम पान कर,
मुदित हुआ मन मेरा ॥
अब मुझे राम भरोसा तेरा
राम भरोसा तेरा
अब मुझे राम भरोसा तेरा ॥

दीपक नाम जगा जब भीतर,
मिटा अज्ञान अन्धेरा ॥
निशा निराशा दूर हुई सब,
आया शांत सबेरा ॥
अब मुझे राम भरोसा तेरा ॥



ab mujhe rAm bharosA terA ||

gUMje madhumay nAm kI
dhvani nAbhi ke dhAm
hraday mastak kamal meM
rAm rAm shrI rAm ||

mujhe bharosA rAm kA
rahe sadA sab kAl
dInabandhu vah dev hai
hitkar dIn dayAl ||

paka.D sharaN ab rAm kI
sudR^iDh nishchay sAth
taj kar chiMtA maiM phirU.N
pA kar uttam nAth ||

ab mujhe rAm bharosA terA ||

rAm rAm rAm rAm ....

rAm bharosA terA
ab mujhe rAm bharosA terA

madhur mahAras nAm pAn kar,
mudit huA man merA ||
ab mujhe rAm bharosA terA
rAm bharosA terA
ab mujhe rAm bharosA terA ||

dIpak nAm jagA jab bhItar,
miTA aj~nAn andherA ||
nishA nirAshA dUr huI sab,
AyA shAMt saberA ||
ab mujhe rAm bharosA terA ||

भजन: हे नाथ सम्हालो अब मुझको

bhajan: he nath samhalo ab mujh ko
lyrics and tune: Mrs. Swarajmani Agarwal

Click here to listen to the bhajan in the voice of Dr. Vishwas Varma

Click here to listen to the bhajan in the voice of Mrs. Swarajmani Agarwal

हे नाथ सम्हालो अब मुझको
हूँ शरण तुम्हारे चरणों में
मैं सुखी रहूं या दुखी रहूं
स्वीकार तुम्हारे चरणों में

कैसी भी विषम परिस्थिति हो
आधार न तेरा छूट सके
मेरी इस जीवन नइया का
सब भार तुम्हारे चरणों में

इस जग में देखूं जहां कहीं
बस तेरी ही छवि दिखलाई
मैं तू का भेद न शेष रहे
भगवान तुम्हारे चरणों में

हर समय तुम्हारा चिंतन हो
हर कर्म तुम्हारी पूजा हो
तन मन आराध्य समर्पित हो
निष्काम तुम्हारे चरणों में

प्रभु काम क्रोध का वेग न हो
मन की हलचल सब दूर हो
चिर शांति मिले स्वाधीन हूं
अभिमान मिटे तेरे चरणों में

हो राम तुम्ही हो श्याम तुम्ही
शंकर भी हो और दुर्गा भी
बिन भेदभाव के प्यार करूँ
भगवान तुम्हारे चरणों में

सब में तू है, तुझ में सब है
ये तेरी अद्भुत लीला है
बस यही समझ मेरी बनी रहे
दिन रात तुम्हारे चरणों में

प्रभु ऐसा पूजन हो तेरा
मैं जपूँ नाम इन श्वासों से
मेरे रोम रोम से ध्वनि निकले
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में




he nAth samhAlo ab mujhko
hU.N sharaN tumhAre charNoM meM
maiM sukhI rahUM yA dukhI rahUM
svIkAr tumhAre charNoM meM

kaisI bhI viSham paristhiti ho
AdhAr na terA ChUT sake
merI is jIvan na_iyA kA
sab bhAr tumhAre charNoM meM

is jag meM dekhUM jahAM kahIM
bas terI hI Chavi dikhalAI
maiM tU kA bhed na sheSh rahe
bhagvAn tumhAre charNoM meM

har samay tumhArA chiMtan ho
har karm tumhArI pUjA ho
tan man ArAdhy samarpit ho
niShkAm tumhAre charNoM meM

prabhu kAm krodh kA veg na ho
man kI halchal sab dUr ho
chir shAMti mile svAdhIn rahUM
abhimAn miTe tere charNoM meM

ho rAm tumhI ho shyAm tumhI
shaMkar bhI ho aur durgA bhI
bin bhedbhAv ke pyAr karU.N
bhagvAn tumhAre charNoM meM

sab meM tU hai, tujh meM sab hai
ye terI adbhut lIlA hai
bas yahI samajh merI banI rahe
din rAt tumhAre charNoM meM

prabhu aisA pUjan ho terA
maiM japU.N nAm in shvAsoM se
mere rom rom se dhvani nikle
rahe dhyAn tumhAre charNoM meM

अगस्त 30, 2015

भजन : हरि, पतित पावन सुने

hari Patit Pavan Sune - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

मैं हरि पतित पावन सुने ।
मैं पतित, तुम पतित-पावन, दोउ बानक बने॥

ब्याध गनिका गज अजामिल, साखि निगमनि भने।
और अधम अनेक तारे, जात कापै गने॥

जानि नाम अजानि लीन्हें, नरक जमपुर मने।
दास तुलसी सरन आयो, राखिये अपने॥



maiM hari patit pAvan sune |
maiM patit, tum patit-pAvan, dou bAnak bane||

byAdh ganikA gaj ajAmil, sAkhi nigamni bhane|
aur adham anek tAre, jAt kApai gane||

jAni nAm ajAni lInheM, narak jampur mane|
dAs tulsI saran Ayo, rAkhiye apne||



Listen to the bhajan on Bhola Krishna Youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=Aan0UZR3CA4


अगस्त 29, 2015

राखी गीत : रखियां बंधालो भैया

rakhi geet: rakhiya bandha lo bhaiya



रखियां बंधालो भैया ,
सावन आया रे।

चंदा और सूरज जैसे,
राम और लक्ष्मण जैसे ,
प्यारे हमारे भैया ,
जुग जुग जीवो रे ।।

पूजन की थाली ,
मंगल हरियाली,
प्यारे हमारे भैया ,
जुग जुग जीवो रे ।।

अगस्त 27, 2015

भजन : इतना तो करना स्वामी

bhajan - itanaa to karanaa swami

(view after 17 minutes in the youtube video below, Shri Purushottam Das Jalota Ji)


 
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले 

श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

भजन : ज़रा आ शरण मेरे राम की



श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम ||

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है | (२)

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |

पल पल तू उसका ध्यान कर
उसके आगे फरियाद कर | (२)
तेरे कष्ट सब कट जायेंगे 
तेरे पाप सब धुल जायेंगे |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

लिया आसरा जिस(ने) नाम का 
वो तो बन गया श्रीराम का | (२)
जिस नाम से पत्थर तरे
तेरा तरना तो आसान है |
तेरा तरना तो आसान है |

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

लगी भीलनी को ये आस थी 
प्रभु कब आयेगें ये प्यास थी | (२)
जूठे बेर खाये राम ने 
जूठे बेर खाये राम ने |
ये तो जाने सारा जहान है |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |

Listen to MP3 Bhajan by Shri Virendra Katyal ji

अगस्त 26, 2015

भजन: भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना

bhajan: bhagawan meri nayya us paar laga dena

Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava

भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।
अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥

दल बल के साथ माया, घेरे जो मुझ को आ कर ।
तुम देखते ना रहना, झट आ के बचा लेना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।

संभव है झंझटों में मैं तुझ को भूल जाऊं ।
पर नाथ कहीं तुम भी मुझ को ना भुला देना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।

तुम देव मैं पुजारी, तुम ईश मैं उपासक ।
यह बात सच है तो फिर सच कर के दिखा देना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।