सुनि कान्हा तेरी बांसुरी
बांसुरी तेरी जादू भरी
सारा गोकुल लगा झूमने
क्या अजब मोहिनी छा गयी
मुग्ध यमुना थिरकने लगी
तान बंसी की तड़पा गयी
मैं तो जैसे हुई बावरी
सुनि कान्हा तेरी बांसुरी
बांसुरी तेरी जादू भरी
हौले से कोई धुन छेड के
तेरी बंसी तो चुप हो गयी
सात स्वर के भंवर में कहीं
मेरे मन की कली खो गयी
छवि मन में बसी सांवरी
सुनि कान्हा तेरी बांसुरी
बांसुरी तेरी जादू भरी
A special Thank You to Induja Bhabhi for the bhajan!