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गुरुवार, जुलाई 03, 2025

वैद्य परम गुरु स्वामी - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

 Vaidya Param Guru Swami


मेरे वैद्य परमगुरु स्वामी॥

तन के सारे रोग मिटावें,
मन में परमानंद बसावें।
भय पीड़ायें दूर भगावें,
गुरु मेरे विज्ञानी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

भूत भविष्य सब जन के जानै,
कष्ट भोग सबके अनुमाने।
औषधि मूल सबै पहिचाने,
सतगुरु अंतरयामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

जब रोगी थक हार बुलावै,
रामबाण गुरुदेव चलावै।
रोग लंकपति मार गिरावै,
पल में सतगुरु स्वामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।

कल क्या होगा किसे ज्ञात है,
जन्मों का प्रारब्ध साथ है।
अगला पल श्री राम हाथ है,
कहते सद्गुरु स्वामी॥
वैद्य परमगुरु स्वामी।


शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

बुधवार, जून 11, 2025

जो शरण आया प्रभु की - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'


जो शरण आया प्रभु की, वह सदा सुख पायेगा।

अगम भवसागर बिना श्रम पार वह कर जायेगा।।


नाम लेते ही प्रभु का, दूर होंगे कष्ट सब।

दुसह पीडायेँ मिटेंगी, ध्यान लग जायेगा जब। 

शांति सुख के धाम का पट आप ही खुल जायेगा।। 


अनगिनत जन पार उतरे, राम नाम जहाज से।

गीध गणिका गज तरे, प्रभु नाम के ही जाप से।

नाम नैया बैठ कर भवसिंधु तू तर जायेगा।। 


जो शरण आया प्रभु की, वह सदा सुख पाएगा। 


शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

रविवार, मई 25, 2025

नित्य सखा श्री राम हमारे -  व्ही. एन. श्रीवास्तव


हे राम हे राम 
मेरे राम मेरे राम 

नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे
नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे 

तू स्वार्थी थोड़ा सुख पाकर 
देने वाले को बिसराता
तू स्वार्थी थोड़ा सुख पाकर 
देने वाले को बिसराता
पर वो दाता सखा विधाता 
पर वो दाता सखा विधाता 
तुझको पल भर भी न भुलाता 
पर वो दाता सखा विधाता 
तुमको पल भर भी न भुलाता
तेरी रक्षा करने को वो 
तेरी रक्षा करने को वो 
हरदम रहता पास तुम्हारे 
पास तुम्हारे 

नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे
नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे
मन क्यों इत उत बाँह पसारे
मन क्यों इत उत बाँह पसार 
बाँह पसारे 

राम मेरे राम 
मेरे राम मेरे राम 
हे राम हे राम हे राम 
हे राम हे राम हे राम  
मेरे राम मेरे राम 

माया ठगनी बाँह पाश धर 
माया ठगनी बाँह पाश धर 
तुझको विषय माल पहिरावे 
तुझको विषय माल पहिरावे 
डम डम डमरू थाप काम को 
डम डम डमरू थाप काम को 
बेबस कर ये तुझे नचावे 
बेबस कर ये तुझे नचावे 
डम डम डमरू थाप काम को 
बेबस करके तुझे नचावे 
ऐसे में श्री राम सखा बन 
ऐसे में श्री राम सखा, तव  
बंधन काट, कु त्रास निवारे 
बंधन काट कु त्रास निवारे 

नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे 
नित्य सखा श्री राम हमारे 
मन क्यों इत उत बाँह पसारे 

हे राम हे राम हे राम 

मेरे राम मेरे राम 
मेरे राम मेरे राम 
मेरे राम


शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

बुधवार, मई 21, 2025

मेरे रोम रोम श्री राम विराजे - व्ही. एन. श्रीवास्तव


मेरे रोम रोम श्री राम विराजते  रहे, यही मेरी इच्छा  है - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'


 रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।
जनक लली, श्री लखन लला अरु महावीर के साथ ।।

वन्दन करते राम चरण अति हर्षित मन हनुमान ।
आतुर रक्षा करने को सज्जन भगतन के प्रान ।
अभयदान दे रहे मुझे करुणा सागर रघुनाथ ।। 

रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।।

मुझको भला कष्ट हो कैसे, क्यों कर पीड़  सताए ।
साहस कैसे करें दुष्ट जन, मुझ पर हाथ उठाए ।
अंग संग जब मेरे हैं संकटमोचन के नाथ ।। 

रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।। 

विघ्न हरे, सद्गुरु के आश्रम स्वयं राम जी आये । 
शाप मुक्त कर दिया अहिल्या को पग धूर लगाये ।
वैसे चिंता मुक्त हमें कर रहे राम रघुनाथ ।। 

रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ ।।

रोम रोम श्रीराम बिराजे धनुष बाण ले हाथ । 
जनक लली, श्री लखन लला अरु महावीर के साथ ।।


शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

शनिवार, अप्रैल 12, 2025

गुरु बिन कौन सम्हारे -  व्ही. एन. श्रीवास्तव



गुरु बिन कौन सम्हारे ।
को भव सागर पार उतारे ॥

टूटी फूटी नाव हमारी
पहुँच न पाई तट पर ।
जैसे कोई प्यासा राही ।
भटक गया पनघट पर ।
पास खड़ा गुरु मुस्काता है ।
दोनों बाँह पसारे।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

मेरे राम मुझे शक्ति दो ।
मन में मेरे दृढ़ भक्ति दो ।
राम काम मैं करूँ निरंतर ।
राम नाम चित धारे।
वो भव सागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

जीवन पथ की उलझन लख कर।
खड़े न हो जाना तुम थक कर।
तेरा साथी, राम निरंजन ।
हरदम साथ तुम्हारे।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

हमराही तुम विकल न होना ।
संकट में धीरज ना खोना ।
अंधियारे में बाँह पकड़ कर ।
सत्गुरु राह दिखाये।
वो भवसागर पार उतारे ।
गुरु बिन ...

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शब्दकार, स्वरकार, गायक : व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

२००१ में रेकोर्ड किया हुआ व्ही. एन. श्रीवास्तव द्वारा रचित गुरु वंदना का यह भजन,
28 सितंबर, 2008 को इस ब्लॉग पर डाला गया,
25 मार्च 2011 पर @bholakrishna चैनल पर यूट्यूब पर डाला गया,
12 अप्रैल, 2025 को स्वामी जी के अवतरण दिवस पर,
विडिओ लिंक के साथ इस ब्लॉग में पुनः प्रकाशित किया जा रहा है । 

रविवार, मार्च 03, 2024

भोला की भजन शाला - 1


निःशुल्क सीखिये और जी भर के गाइए,
सीखने के साथ साथ अपने इष्ट को रिझाइये,
मन वांछित फल पाइये

इन में से अनेक भजनों के लिखने और गाने की प्रेरणा पारम्परिक रचनाओं से मिली है, पुरातन उन सभी अज्ञेय रचनाकारों एवं संगीतज्ञों का गुरुत्व शिरोधार्य है !

  1. अंजनी सुत हे पवन दुलारे , हनुमत लाल राम के प्यारे !! शब्द स्वर = भोला 
  2. अब तुम कब सुमिरोगे राम जिवडा दो दिन को मेहमान !! पारंपरिक - एमपी3
  3. गुरु की कृपा दृष्टि हो जिसपर !! शब्द स्वर = भोला 
  4. गुरु चरनन में ध्यान लगाऊँ !! प्रेरणा स्रोत - पंडित जसराज 
  5. गुरु बिन कौन सम्हारे !! शब्द स्वर = भोला 
  6. जय शिव शंकर औगढ़ दानी, विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी !! शब्द स्वर = भोला 
  7. तुझसे हमने दिल है लगाया !! शब्द स्वर = भोला 
  8. तेरे चरणों में प्यारे अय पिता !! प्रेरणा - राधास्वामी सत्संग - स्वर = भोला 
  9. दाता राम दिए ही जाता, भिक्षुक मन पर नहीं अघाता !! शब्द स्वर = भोला 
  10. पायो निधि राम नाम !! शब्द स्वर - व्ही के मेहरोत्रा तथा भोला 
  11. बिरज में धूम मचायो कान्हा !! होली !! = स्वर भोला 
  12. रहे जनम जनम तेरा ध्यान यही वर दो मेरे राम !! प्रेरणा पारम्परिक - शब्द-स्वर = भोला 
  13. राम बोलो राम !! शब्द स्वर = भोला 
  14. राम राम काहे ना बोले !! प्रेरणा - मिश्र बन्धु - संशोधित शब्द एवं स्वर = भोला 
  15. राम राम बोलो !! शब्द स्वर = भोला - एमपी3
  16. राम हि राम बस राम हि राम, और नाही काहू सों काम !! शब्द स्वर = भोला 
  17. रोम रोम में रमा हुआ है मेरा राम रमैया तू !! शब्द स्वर = भोला 
  18. शंकर शिव शम्भु साधु संतन सुखकारी !! शब्द स्वर = भोला 
  19. श्याम आये नैनों में बन गयी मैं सांवरी !! प्रेरणा - आकाशवाणी = स्वर - भोला 
  20. हारिये न हिम्मत बिसारिये न राम !! पारंपरिक - स्वर = भोला 
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महावीर बिनवउँ हनुमाना से साभार उद्धृत 

मंगलवार, मार्च 30, 2021

होली: बिरज में धूम मचायो कान्हा

Listen to the Holi, Biraj me dhoom machayo Kanha in the voice of Shri V N Shrivastav, Bhola.


बिरज में धूम मचायो कान्हा (2)

बिरज में धूम …


बिरज में धूम मचायो कान्हा

बिरज में धूम …


कैसे कैसे जाऊँ,

कैसे कैसे जाऊँ, अपने धाम

बिरज में धूम मचायो कान्हा (2)

बिरज में धूम …


कैसे कैसे जाऊँ, मैं,

कैसे कैसे जाऊँ, अपने धाम

बिरज में धूम मचायो कान्हा (2)

बिरज में धूम …


सब सखियाँ मिल, होली खेलत हैं  (3)

होली खेलत हैं

सब सखियाँ मिल, होली खेलत हैं  (2)

होली खेलत हैं (2)

सब सखियाँ मिल, होली खेलत हैं  (2)

अँखियन डार गुलाल ...


बिरज में धूम मचायो कान्हा (2)

कैसे कैसे जाऊँ, मैं,  (2)

कैसे कैसे जाऊँ,  (2)

कैसे कैसे जाऊँ, अपने धाम

बिरज में धूम मचायो कान्हा

बिरज में धूम …

 

बुधवार, मई 30, 2018

राम भजा सो जीता जग में

Bhajan: Ram Bhaja so Jeeta Jag Me

Listen to the bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola'

राम भजा सो जीता जग में,
राम भजा सो जीता रे।

​हृदय शुद्ध नही कीन्हों मूरख,
कहत सुनत दिन बीता रे।
राम भजा सो जीता जग में ...

हाथ सुमिरनी, पेट कतरनी,
पढ़ै भागवत गीता रे।
हिरदय सुद्ध किया नहीं बौरे,
कहत सुनत दिन बीता रे।
राम भजा सो जीता जग में ...

और देव की पूजा कीन्ही,
हरि सों रहा अमीता रे।
धन जौबन तेरा यहीं रहेगा,
अंत समय चल रीता रे।
राम भजा सो जीता जग में ...

बाँवरिया बन में फंद रोपै,
संग में फिरै निचीता रे।
कहे 'कबीर' काल यों मारे,
जैसे मृग कौ चीता रे।​
राम भजा सो जीता जग में ...

रविवार, मई 20, 2018

Sai Bhajan: ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा

Listen to VNS 'Bhola' teaching the bhajan to Prarthana & Chhavi.

ये सब तुम्हारी मैहर है प्यारे,
ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है ।

जहाँ भी देखूँ जिधर भी देखूँ, तुम्हारी मूरत/सूरत पड़े दिखाई ।
यहाँ के हर शय में प्यारे बाबा, तुम्हारी ख़ुशबू भरी हुई है ॥

ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है ।

जो आँख मूदूँ तो यूँ लगे ज्योँ, तू पास में ही खड़ा हुआ है ।
ज़मीं से अम्बर तलक फि़ज़ा ये, तेरे ही रंग में रंगी हुई है ॥

ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है ।

सजल हमारे नयन मगर तू, मधुर मधुर मुस्कुरा रहा है ।
तेरी मधुर मुसकान से अपनी, अंतर्ज्योति जगी हुई है ॥

ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है ।

साईं राम साईं राम -----------

शुक्रवार, मार्च 09, 2018

धुन : आते भी राम बोलो

Dhun: aate bhi Ram bolo, jaate bhi Ram bolo

Listen in the Voice of Shri VNS Bhola

वृद्धि आस्तिक भाव की शुभ मंगल संचार ।
अभ्युदय सद्‌धर्म का राम नाम विस्तार ॥ (३)

गुरु को करिए वंदना, भाव से बारम्बार ।
नाम सुनौका से किया, जिसने भव से पार ॥

कर्म धर्म का बोध दे, जिसने बताया राम ।
उसके चरण सरोज को, नतशिर हो प्रणाम ॥

वारे जाऊं संत के, जो देवे शुभ नाम ।
बांह पकड़ सुस्थिर करै, राम बतावे धाम ॥

श्री राम जय राम जय जय राम ॥

आते भी राम बोलो, जाते भी राम बोलो ।
सुबह और शाम बोलो, राम राम राम ॥ (२)

राम राम राम, बोलो राम राम राम ।
राम राम राम, बोलो राम राम राम ।
बोलो राम राम राम, बोलो राम राम राम (२)

आते भी राम बोलो, जाते भी राम बोलो ।
सुबह और शाम बोलो, राम राम राम ॥

मैंने अपने आप की, दे दी तुझको डोर । (३)
आगे मर्ज़ी आपकी, ले जाओ जिस ओर ॥ (२)
ले जाओ जिस ओर, ले जाओ जिस ओर ॥

आते भी राम बोलो, जाते भी राम बोलो ।
सुबह और शाम बोलो, राम राम राम ॥ (२)

चिंतामणि हरि नाम है, सफल करे सब काम । (२)
महा मंत्र मानो यह, राम राम श्री राम ॥ (२)

बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ।
बोलो राम, बोलो राम, बोलो राम राम राम ॥

आते भी राम बोलो, जाते भी राम बोलो ।
सुबह और शाम बोलो, राम राम राम ॥ (२)

राम राम राम, बोलो राम राम राम ।
राम राम राम, बोलो राम राम राम ।
बोलो राम राम राम, बोलो राम राम राम ॥

आते भी राम बोलो, जाते भी राम बोलो ।
सुबह और शाम बोलो, राम राम राम ॥

बोलो राम राम राम, बोलो राम राम राम ।
बोलो राम राम राम, बोलो राम राम राम ॥



मंगलवार, फ़रवरी 13, 2018

जय शिव शंकर औघड़दानी - व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'

Bhajan: jay shiv shankar aughaddani

जय शिव शंकर औघड़दानी
जय शिव शंकर औघड़दानी , विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी

सकल बिस्व के सिरजन हारे , पालक रक्षक 'अघ संघारी'
जय शिव शंकर औघड़दानी , विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी

हिम आसन त्रिपुरारि बिराजें , बाम अंग गिरिजा महरानी
जय शिव शंकर औघड़दानी , विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी

औरन को निज धाम देत हो , हमसे करते आनाकानी
जय शिव शंकर औघड़दानी , विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी

सब दुखियन पर कृपा करत हो हमरी सुधि काहे बिसरानी
जय शिव शंकर औघड़दानी , विश्वनाथ विश्वम्भर स्वामी



रचनाकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
स्वरकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'
गायक: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव 'भोला'



View and Listen to the bhajan on BholaKrishna youtube channel at https://www.youtube.com/watch?v=GjozaYcXoOE

रविवार, फ़रवरी 11, 2018

शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी

bhajan: Shankar Shiv Shambhu Sadhu Santan Sukhkari

स्टार हिन्दुस्तान रिकार्ड कम्पनी के लिये १९५८ में लिखा और तभी इस भजन से अपना पहला कोमर्शियल रिकार्ड बना। राम कृपा से रेडियो सूरिनाम डच गयाना का सिग्नेचर ट्यून बना जो हमने १९७६ में अपने ब्रिटिश गयाना प्रवास में स्वयं सुना।  आश्चर्य हुआ कि मेरा भजन मुझसे पहले अमरीका पहुंच गया। - 'Bhola'

On the occasion of MahaShivaRatri on Feb 13, 2018, listen to this bhajan

राम नाम मधुबन का, भ्रमर बना, मन शिव का ।
निश दिन सिमरन करता, नाम पुण्यकारी  ॥

शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
निश दिन सिमरन करते, नाम पुण्यकारी ॥

लोचन त्रय अति विशाल, सोहे नव चन्द्र भाल,
रुण्ड मुण्ड व्याल माल, जटा गंग धारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥

शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥
सतत जपत राम नाम अतिशय शुभकारी ॥

पारवती पति सुजान, प्रमथ राज वृषभ यान,
सुर नर मुनि सैव्यमान, त्रिविध ताप हारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥

औघड़ दानी महान, कालकूट कियो पान,
आरत-हर तुम समान, को है त्रिपुरारी ।
शंकर शिव शम्भु साधु सन्तन सुखकारी ॥



Listen to bhajan written, composed and sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' at https://www.youtube.com/watch?v=KzoJ7isIxfs

रचनाकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव
स्वरकार: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव
गायक: श्री व्ही. एन. श्रीवास्तव

बुधवार, फ़रवरी 07, 2018

भजन: रोम रोम में रमा हुआ है

rom rom me ramA huA hai
Listen to bhajan in the voice of V N Shrivastav 'Bhola'

रोम रोम में रमा हुआ है,
मेरा राम रमैया तू,
सकल सृष्टि का सिरजनहारा,
राम मेरा रखवैया तू,
तू ही तू, तू ही तू, ...

डाल डाल में, पात पात में,
मानवता के हर जमात में,
हर मज़हब, हर जात पात में
एक तू ही है, तू ही तू,
तू ही तू, तू ही तू, ...

सागर का ख़ारा जल तू है,
बादल में, हिम कण में तू है,
गंगा का पावन जल तू है,
रूप अनेक, एक है तू,
तू ही तू, तू ही तू, ...

चपल पवन के स्वर में तू है,
पंछी के कलरव में तू है,
भौरों के गुंजन में तू है ,
हर स्वर में ईश्वर है तू,
तू ही तू, तू ही तू, ...

"तन है तेरा, मन है तेरा,
प्राण हैं तेरे, जीवन तेरा,
सब हैं तेरे, सब है तेरा
,"

पर मेरा इक तू ही तू,
तू ही तू, तू ही तू, ...

मंगलवार, फ़रवरी 06, 2018

भजन: भज मन राम चरण सुखदाई ..

Bhajan: bhaj man ram charan sukhdai

Listen to the bhajan in the voice of Madhu Chandra 

भज मन राम चरण सुखदाई ..

जिन चरनन से निकलीं सुरसरि
शंकर जटा समायी .
जटा शन्करी नाम पड़्यो है
त्रिभुवन तारन आयी ..
राम चरण सुखदाई ..

शिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक
शेष सहस मुख गायी .
तुलसीदास मारुतसुत की प्रभु
निज मुख करत बड़ाई ..
राम चरण सुखदाई ..


रविवार, फ़रवरी 04, 2018

भजन: अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी

bhajan: ab kaise chhute ram rat lagi

Listen to bhajan by Shri V N S 'Bhola'

अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी ।

प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी , जाकी अँग-अँग बास समानी ।

प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा , जैसे चितवत चंद चकोरा ।

प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती , जाकी जोति बरै दिन राती ।

प्रभु जी, तुम मोती हम धागा , जैसे सोनहिं मिलत सुहागा ।

प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा , ऐसी भगति करै रैदासा ।





View on Bholakrishna youtube channel
at https://www.youtube.com/watch?v=-E7tM7QogA0

भजन: रे मन मूरख, जनम गँवायौ

Bhajan: re man murakh janam gavaayo

Listen to bhajan by Shri VNS Bhola

रे मन मूरख जनम गँवायौ ।
करि अभिमान विषय को राच्यो, नाम शरण नहिं आयौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।

ये संसार फूल सेमल ज्यौं, सुन्दर देखि रिझायो ।
चाखन लाग्यौ रुई उडि़ गई, हाथ कछू नहिं आयौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।

कहा भये अब के मन सोचें, पहिलैं नाहिं कमायौ ।
सूरदास हरि नाम भजन बिनु, सिर धुनि-धुनि पछितायौ ॥
मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ ।



View video on BholaKrishna Channel at youtube
at https://www.youtube.com/watch?v=sseihTzzGvM

शुक्रवार, फ़रवरी 02, 2018

भजन: राम से बड़ा राम का नाम ..

Bhajan: Ram se bada Ram ka nam

Listen in voice of Shri VNS Bhola, family and friends

राम से बड़ा राम का नाम .
अंत में निकला ये परिणाम, ये परिणाम,
राम से बड़ा राम का नाम ..

सिमरिये नाम रूप बिनु देखे,
कौड़ी लगे ना दाम .
नाम के बांधे खिंचे आयेंगे,
आखिर एक दिन राम .
राम से बड़ा राम का नाम ..

जिस सागर को बिना सेतु के ,
लांघ सके ना राम .
कूद गये हनुमान उसी को,
लेकर राम का नाम .
राम से बड़ा राम का नाम ..

वो दिलवाले डूब जायेंगे or वो दिलवाले क्या पायेंगे ,
जिनमें नहीं है नाम ..
वो पत्थर भी तैरेंगे जिन पर
लिखा हुआ श्री राम.
राम से बड़ा राम का नाम ..



Many Thanks to Anil Dada for corrections.

गुरुवार, फ़रवरी 01, 2018

भजन: हरि हरि हरि हरि सुमिरन करो

bhajan: hari hari hari hari sumiran karo

MP3 Audio - Bhola

हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो,
हरि चरणारविन्द उर धरो ..

हरि की कथा होये जब जहाँ,
गंगा हू चलि आवे तहाँ ..
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...

यमुना सिंधु सरस्वती आवे,
गोदावरी विलम्ब न लावे .

सर्व तीर्थ को वासा तहाँ,
सूर हरि कथा होवे जहाँ ..
हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ...



hari hari, hari hari, sumiran karo,
hari charaNAravind ur dharo ..

hari kI kathA hoye jab jahA.N,
gaMgA hU chali Ave tahA.N ..
hari hari, hari hari, sumiran karo ...

yamunA siMdhu sarasvatI Ave,
godAvrI vilamb na lAve .

sarv tIrth ko vAsA tahA.N,
sUr hari kathA hove jahA.N ..
hari hari, hari hari, sumiran karo ...




Listen to the bhajan at Bholakrishna youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=R4iTCjip0I8

मंगलवार, अप्रैल 11, 2017

श्री हनुमान चालीसा

hanuman janmotsav ki bahut bahut badhai

Listen to
Hanuman Chalisa MP3
by Shri V N Shrivastav 'Bhola', family and friends

श्री राम जय राम जय जय दयालु
श्री राम जय राम जय जय कृपालु

अतुलित बल धामं हेम शैलाभ देहम्
दनुज वन कृषाणं ज्ञानिनां अग्रगणयम्
सकल गुण निधानं वानराणामधीशम्
रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि

श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि ।
वरनऊँ रघुवर विमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार ।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार ॥

हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनिपुत्र पवन सुत नामा ॥
महावीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमिति के संगी ॥
कंचन वरन विराज सुवेसा । कानन कुंडल कुंचित केसा ॥
हाथ बज्र औ ध्वजा विराजै । काँधे मूँज जनेऊ साजै ॥
शंकर सुवन केसरीनंदन । तेज प्रताप महा जग बंदन ॥
विद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान, कहियो जी हनुमान ॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहि देखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचंन्द्र के काज सँवारे ॥
लाय सजीवन लखन जियाये । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरत सम भाई ॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥
जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा । राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना । लंकेश्वर भये सब जग जाना ॥
जुग सहस्त्र जोजन पर भानू । लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं । जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दु्र्गम काज जगत के जेते । सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥
राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥
सब सुख लहैं तुम्हारी सरना । तुम रच्छक काहू को डर ना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै । तीनों लोक हाँक तें काँपै ॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै । महावीर जब नाम सुनावैं ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

नासै रोग हरै सब पीरा । जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै । मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वीं राजा । तिन के काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोइ लावै । तासु अमित जीवन फल पावै ॥
चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु संत के तुम रखबारे । असुर निकंदन राम दुलारे ॥
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । अस बर दीन जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥
अंत काल रघुबर पुर जाई । जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥
और देवता चित्त न धरई । हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरैं हनुमत बलबीरा ॥
जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरू देव की नाईं ॥
जो शत बार पाठ कर कोई । छूटे बंदि महा सुख होई ॥
जो यह पढै हनुमान चलीसा । होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा । कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ॥

हमारे रामजी से राम रामकहियो जी हनुमान ,
कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान ॥

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रुप ।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥

श्री राम जय राम जय जय राम

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