रविवार, अगस्त 30, 2015

भजन: हरि, पतित पावन सुने

hari Patit Pavan Sune - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

मैं हरि पतित पावन सुने ।
मैं पतित, तुम पतित-पावन, दोउ बानक बने॥

ब्याध गनिका गज अजामिल, साखि निगमनि भने।
और अधम अनेक तारे, जात कापै गने॥

जानि नाम अजानि लीन्हें, नरक जमपुर मने।
दास तुलसी सरन आयो, राखिये अपने॥



maiM hari patit pAvan sune |
maiM patit, tum patit-pAvan, dou bAnak bane||

byAdh ganikA gaj ajAmil, sAkhi nigamni bhane|
aur adham anek tAre, jAt kApai gane||

jAni nAm ajAni lInheM, narak jampur mane|
dAs tulsI saran Ayo, rAkhiye apne||



Listen to the bhajan on Bhola Krishna Youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=Aan0UZR3CA4


शनिवार, अगस्त 29, 2015

राखी गीत : रखियां बंधालो भैया

rakhi geet: rakhiya bandha lo bhaiya



रखियां बंधालो भैया ,
सावन आया रे।

चंदा और सूरज जैसे,
राम और लक्ष्मण जैसे ,
प्यारे हमारे भैया ,
जुग जुग जीवो रे ।।

पूजन की थाली ,
मंगल हरियाली,
प्यारे हमारे भैया ,
जुग जुग जीवो रे ।।

गुरुवार, अगस्त 27, 2015

भजन: इतना तो करना स्वामी

bhajan - itanaa to karanaa swami

(view after 17 minutes in the youtube video below, Shri Purushottam Das Jalota Ji)


 
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले 

श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले

भजन: ज़रा आ शरण मेरे राम की



श्री राम, श्री राम, श्री राम, श्री राम ||

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है | (२)

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |

पल पल तू उसका ध्यान कर
उसके आगे फरियाद कर | (२)
तेरे कष्ट सब कट जायेंगे 
तेरे पाप सब धुल जायेंगे |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

लिया आसरा जिस(ने) नाम का 
वो तो बन गया श्रीराम का | (२)
जिस नाम से पत्थर तरे
तेरा तरना तो आसान है |
तेरा तरना तो आसान है |

ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम किरपानिधान है |

लगी भीलनी को ये आस थी 
प्रभु कब आयेगें ये प्यास थी | (२)
जूठे बेर खाये राम ने 
जूठे बेर खाये राम ने |
ये तो जाने सारा जहान है |

मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |


ज़रा आ शरण मेरे राम की, 
मेरा राम करुणानिधान है |
मेरा राम किरपानिधान है |

Listen to MP3 Bhajan by Shri Virendra Katyal ji

बुधवार, अगस्त 26, 2015

भजन: भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना

bhajan: bhagawan meri nayya us paar laga dena

Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava

भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।
अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥

दल बल के साथ माया, घेरे जो मुझ को आ कर ।
तुम देखते ना रहना, झट आ के बचा लेना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।

संभव है झंझटों में मैं तुझ को भूल जाऊं ।
पर नाथ कहीं तुम भी मुझ को ना भुला देना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।

तुम देव मैं पुजारी, तुम ईश मैं उपासक ।
यह बात सच है तो फिर सच कर के दिखा देना ॥
भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।


मंगलवार, अगस्त 25, 2015

भजन : सुमिर राम का नाम

bhajan: sumir Ram ka nam

सुमिर राम का नाम, मन रे,
सुमिर राम का नाम.

राम नाम जप पाप निवारे
राम नाम जप सब जग तारे
तर जा भाव सागर से प्राणी
सुमिर राम का नाम

सुमिर राम का नाम, मन रे
सुमिर राम का नाम

भक्ति करो श्री रामचंद्र की
सेवा उनही के चरणों की
मन उनकी छवि बसा लो
जपो निरंतर नाम
जपो निरंतर राम
मगन हो जप ले राम का नाम

सुमिर राम का नाम, मन रे
सुमिर राम का नाम

नाम जाप जब होगा निरंतर
प्रेम प्रगट होगा घट अंतर
ज्योति जगेगी छवि प्रगटेगी
दर्शन देंगे राम
दर्शन देंगे राम
मगन हो जप ले राम का नाम
मन रे, सुमिर राम का नाम

सुमिर राम का नाम, मन रे
सुमिर राम का नाम

Listen to the bhajan by Shanta Dayal Ji from Bhola Krisha Youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=OeHBUNlLrPU

भजन: हरि तुम बहुत अनुग्रह कीन्हो

bhajan: hari tum bahut anugrah kinho

Click here to listen to bhajan by Shri V N Shrivastav 'Bhola'

हरि तुम बहुत अनुग्रह कीन्हो .
साधन धाम बिबिध दुरलभ तनु मोहे कृपा कर दीन्हो ..

कोटिन्ह मुख कहि जात न प्रभु के एक एक उपकार .
तदपि नाथ कछु और मांगिहत दीजो परम उदार ..

सोमवार, अगस्त 24, 2015

भजन: दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा

bhajan: dasha mujh deen ki bhagawan samhaloge to kya hoga
lyrics: Bindu

Click here to listen to the bhajan sung by Sau. Geeta Shrivastava

दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा |
अगर चरणों की सेवा में लगा लोगे तो क्या होगा ||

कि नामी पातकी मैं हूँ कि नामी पाप हर हो तुम |
जो लज्जा दोनों नामों की बचा लोगे तो क्या होगा ||
दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा |

जिन्होंने तुमको करुणा कर पतित पावन बनाया है ||
उन्ही पतितों को तुम पावन बना लोगे तो क्या होगा |
दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा ||

यहाँ सब मुझसे कहते हैं किसी के काम का ना तू |
मैं किसका हूँ ये झगड़ा ही मिटा दोगे तो क्या होगा ||
दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा ||

अजामिल गीध गणिका जिस दया गंगा में बहते हैं |
उसी में बिन्दु सा पापी मिला दोगे तो क्या होगा ||
दशा मुझ दीन की भगवन संभालोगे तो क्या होगा ||

भजन: अब सौंप दिया इस जीवन का

bhajan: ab saunp diya is jeevan ka sab bhar tumhare hatho me
lyrics: Bindu

Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava

अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में...
उद्धार पतन अब मेरा है
भगवान तुम्हारे हाथों में ...

हम तुमको कभी नहीं भजते,
फिर भी तुम हमें नहीं तजते.
अपकार हमारे हाथों में,
उपकार तुम्हारे हाथों में..

अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में...

हम में तुम में है भेद यही,
हम नर हैं, तुम नारायण हो.
हम हैं संसार के हाथों में,
संसार तुम्हारे हाथों में..

अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में...

दृग बिंदु बनाया करते हैं,
एक सेतु विरह के सागर में.
जिससे हम पहुंचा करते हैं,
उस पार तुम्हारे हाथों में..

अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में...
उद्धार पतन अब मेरा है
भगवान तुम्हारे हाथों में ...


शनिवार, अगस्त 22, 2015

भजन: जीवन का मैंने सौंप दिया सब भार तुम्हारे हाथों

bhajan: jivan ka maine saunp diya sab bhar

Click here to listen to the bhajan by Sau Krishna Kumari Ji

जीवन का मैंने सौंप दिया
सब भार तुम्हारे हाथों में
उद्धार पतन अब मेरा है
सरकार तुम्हारे हाथों में .

हम उनको कभी नहीं भजते
वो हमको कभी नहीं तजते
अपकार हमारे हाथों में
उपकार तुम्हारे हाथों में

जीवन का मैंने सौंप दिया
सब भार तुम्हारे हाथों में

हम पतित हैं, तुम हो पतित पावन
हम नर हैं, तुम नारायण हो
हम हैं संसार के हाथों में
संसार तुम्हारे हाथों में

जीवन का मैंने सौंप दिया
सब भार तुम्हारे हाथों में



शुक्रवार, अगस्त 21, 2015

भजन: राम नाम लौ लागी

bhajan: ram nam lau lagi


राम नाम लौ लागी अब मोहे । 
राम नाम लौ लागी ।

मिट गये संशय भव भय भारी, 
भ्रांति भूल भी भागी ।

उदय हुआ शुभ भाग्य का भानु,
भक्ति भवानी जागी ।

मिट गये संशय भव भय भारी, 
भ्रांति भूल भी भागी ।

पाप हरण श्रीराम चरण का, 
मन बन गया अनुरागी ।

राम नाम लौ लागी अब मोहे । 
राम नाम लौ लागी ।

भजन : हरि को नामु सदा सुखदाई

bhajan - hari ko nam sada sukhdai

Click here to listen to the bhajan by Shri Jagannath Prasad Ji

हरि को नामु सदा सुखदाई ॥
जाको सिमरि अजामिल तरियो गनिका हू गति पाई ॥

पांचाली को राज सभा में राम नाम सुधि आई ॥
ताको दुःख हरयो करुणामय, अपनी पैज बढाई ॥

जेहि नर जसु कृपानिधि गायो ता को भयो सहाई ॥
कहु नानक मै यही भरोसो आन गयो शरनाई ||

गुरुवार, अगस्त 20, 2015

भजन: यही हरि भक्त कहते हैं

bhajan: yahi hari bhakt kahate hain
lyrics: Bindu

Click here to listen to the bhajan by Dr. Uma Shrivastav

यही हरि भक्त  कहते हैं, यही सद्ग्रन्थ गाते हैं ।
कि जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।

नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप दुर्योधन का ।
विदुर के घर पहुंचकर, भोग छिलकों का लगाते हैं ।

न आये मधुपुरी से गोपियों की, दुख कथा सुनकर ।
द्रुपदजी की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ।

न रोये बन गमन में, श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में आंसू बहाते हैं ।

कठिनता से चरण धोकर, मिले कुछ 'बिन्दु' विधि हर को ।
वो चरणोदक स्वयं केवट के, घर जाकर लुटाते हैं ।

भजन: यदि नाथ का नाम दयानिधि है

bhajan: yadi nath ka nam dayanidhi hai
lyrics by 'Bindu'


यदि नाथ का नाम दयानिधि है, तो दया भी करेंगे कभी न कभी ।
दुखहारी हरी, दुखिया जन के, दुख क्लेश हरेगें कभी न कभी ।

जिस अंग की शोभा सुहावनी है, जिस श्यामल रंग में मोहनी है ।
उस रूप सुधा से स्नेहियों के, दृग प्याले भरेगें कभी न कभी ।

जहां गीध निषाद का आदर है, जहां व्याध अजामिल का घर है ।
वही वेश बनाके उसी घर में, हम जा ठहरेगें कभी न कभी ।

करुणानिधि नाम सुनाया जिन्हें, कर्णामृत पान कराया जिन्हें ।
सरकार अदालत में ये गवाह, सभी गुजरेगें कभी न कभी ।

हम द्वार में आपके आके पड़े, मुद्दत से इसी जिद पर हैं अड़े ।
भव-सिंधु तरे जो बड़े से बड़े, तो ये 'बिन्दु' तरेगें कभी न कभी ।

बुधवार, अगस्त 19, 2015

भजन: रंगवाले देर क्या है

bhajan: rangwale der kya hai

Click here to listen to the Bhajan by Shri Shiv Dayal Ji Shrivastav

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे .
और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ..

कितने ही रंगो से मैने आज तक है रंगा इसे .
पर वो सारे फीके निकले तू ही गाढ़ा रंग दे ..

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे .

तूने रंगे हैं ज़मीं और आसमां जिस रंग से .
बस उसी रंग से तू आखिर मेरा चोला रंग दे ..

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे .

मैं तो जानूंगा तभी तेरी ये रंग अन्दाज़ियां .
जितना धोऊं उतना चमके अब तो ऐसा रंग दे ..

रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे .

मंगलवार, अगस्त 18, 2015

भजन: या मोहन के मैं रूप लुभानी

bhajan: ya mohan ke main roop lubhani

Click here to listen to the bhajan sung by Shri Gajadhar Prasad Ji Shrivastav

या मोहन के मैं रूप लुभानी ।

जमना के नीरे तीरे धेनु चरावै
बंसी से गावै मीठी बानी ।।

तन मन धन गिरधर पर बारूं
चरणकंवल मीरा लपटानी ।।

सुंदर बदन कमलदल लोचन
बांकी चितवन मंद मुसकानी ।।


सोमवार, अगस्त 17, 2015

हरियाली तीज के अवसर पर सावन के गीत, झूला एवं कजरी


श्री राम परिवार में गाये जाने वाले सावन के गीत, झूला एवं कजरी यहाँ प्रस्तुत हैं, सौ. कृष्णा कुमारी जी, डॉ. उमा श्रीवास्तव, सौ. अमिता श्रीवास्तव और सौ. गीता  श्रीवास्तव की आवाज़ में ...

बुधवार, अगस्त 12, 2015

भजन - राम बिनु तन को

Listen to the bhajan: Ram Binu Tan Ko Taap Na Jaai
By V N Shrivastav 'Bhola'
from Shri Ram Sharanam, Delhi.

राम बिनु तन को ताप न जाई।
जल में अगन रही अधिकाई॥
राम बिनु तन को ताप न जाई॥

तुम जलनिधि मैं जलकर मीना।
जल में रहहि जलहि बिनु जीना॥
राम बिनु तन को ताप न जाई॥

तुम पिंजरा मैं सुवना तोरा।
दरसन देहु भाग बड़ मोरा॥
राम बिनु तन को ताप न जाई॥

तुम सद्गुरु मैं प्रीतम चेला।
कहै कबीर राम रमूं अकेला॥
राम बिनु तन को ताप न जाई॥

View and Listen to the bhajan on BholaKrishna Youtube channel at
https://www.youtube.com/watch?v=ZnE4-pPJI8Y