रविवार, सितंबर 14, 2008

राम करे सो होय रे मनवा

राम झरोखे बैठ के सब का मुजरा लेत .
जैसी जाकी चाकरी वैसा वाको देत ..

राम करे सो होय रे मनवा, राम करे सो होये ..

कोमल मन काहे को दुखाये, काहे भरे तोरे नैना .
जैसी जाकी करनी होगी, वैसा पड़ेगा भरना .
काहे धीरज खोये रे मनवा, काहे धीरज खोये ..

पतित पावन नाम है वाको, रख मन में विश्वास .
कर्म किये जा अपना रे बंदे, छोड़ दे फल की आस .
राह दिखाऊँ तोहे रे मनवा, राह दिखाऊँ तोहे ..

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