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रविवार, जून 30, 2013

भजन - दाता राम दिये ही जाता

MP3 Audio of Bhajan
data Raam diye hi jata
From Shri Ram Sharanam
Voice V N Shrivastav Bhola



दाता राम दिये ही जाता ।
भिक्षुक मन पर नहीं अघाता।

देने की सीमा नहीं उनकी।
बुझती नहीं प्यास इस मन की ।
उतनी ही बढ़ती है तृष्णा।
जितना अमृत राम पिलाता।
दाता राम ...

कहो उऋण कैसे हो पाऊँ।
किस मुद्रा में मोल चुकाऊँ।
केवल तेरी महिमा गाऊँ।
और मुझे कुछ भी ना आता।
दाता राम ...

जब जब तेरी महिमा गाता ।
जाने क्या मुझको हो जाता ।
रुंधता कण्ठ नयन भर आते ।
बरबस मैं गुम सुम हो जाता।
दाता राम ...

दाता राम दिये ही जाता ॥


You can view and listen to this bhajan as well as many others at the Bholakrishna Youtube channel.

बुधवार, मई 29, 2013

भजन - रामहि राम बस रामहि राम

Bhajan by Shri V N Shrivastav Bhola
Listen to mp3 from Shree Ram Sharanam

राम हि राम बस राम हि राम ।
और नाहि काहू से काम।
राम हि राम बस ...

You can view and listen to this bhajan as well as many others at the Bholakrishna Youtube channel.



राम हि राम बस राम हि राम ।
और नाहि काहू से काम।
राम हि राम बस ...

तन में राम तेरे मन में राम ।
मुख में राम वचन में राम ।
जब बोले तब राम हि राम ।
और नाहि काहू से काम ।
राम हि राम बस रामहि राम ।।

जागत सोवत आठहु याम ।
नैन लखें शोभा को धाम ।
ज्योति स्वरूप राम को नाम ।
और नाहि काहू से काम ।
राम हि राम बस रामहि राम ।।

कीर्तन भजन मनन में राम ।
ध्यान जाप सिमरन में राम ।
मन के अधिष्ठान में राम ।
और नाहिं काहू सो काम ।
राम हि राम बस रामहि राम ।

सब दिन रात सुबह और शाम ।
बिहरे मन मधुबन में राम ।
परमानन्द शान्ति सुख धाम ।
और नाहि काहू से काम ।
राम हि राम बस रामहि राम ।

शुक्रवार, मई 17, 2013

भजन - नाच्यो बहुत गोपाल

Nachyo Bahut Gopal - MP3 Audio
By Shri V N Shrivastav 'Bhola'

नाच्यो बहुत गोपाल अब मैं
नाच्यो बहुत गोपाल ,

काम क्रोध को पहिर चोलना
कंठ विषय की माल,
अब मैं नाच्यो बहुत गोपाल

तृष्णा नाद करत घट भीतर
नाना विधि दे ताल,
भरम भयो मन भयो पखावज
चलत कुसंगत चाल,
अब मैं नाच्यो बहुत गोपाल

सूरदास की सबे अविद्या
दूर करो नन्दलाल,
अब में नाच्यो बहुत गोपाल

_______________________
See and hear this bhajan on BholaKrisha youtube channel at
http://www.youtube.com/watch?v=2jTZ9Rm3Uv0



अब मैं नाच्यों बहुत गुपाल ।

काम क्रोध को पहिरि चोलना, कंठ विषय की माल ।
महा मोह के नूपूर बाजत, निंदा शबद रसाल ।
भरम भरयो मन भयो पखावज, चलत कुसंगत चाल ।
तृष्णा नाद करत घट भीतर, नाना विधि दै ताल ।
माया को कटि फेटा बाँध्यो, लोभ तिलक दै भाल ।
कोटिक कला काँछि देखरार्इ, जल पल सुधि नहिं काल ।
सूरदास की सबै अविद्या दूरि करौ नंदलाल ।

गुरुवार, मई 02, 2013

भजन - राम कृष्ण कहिये उठि भोर


Here is a wonderful morning bhajan sung by Shri VNS Bhola.

In his autobiographical blog महावीर बिनवउँ हनुमाना, he writes:
मेरे परमप्रिय स्वजनों ,
लगभग ८० वर्ष पूर्व मेरी प्यारी अम्मा ने अपने बबुआ 'भोला' ' को प्रातः जगाते हुए यह कहा था -
"बबुआ ,
भोरे उठिके सबसे पहिले भगवान के नावं [नाम] लेबे के चाहीं" !
८३-८४ वर्ष की अवस्था पर आज मैं वही बात आपको सुना रहा हूँ ! प्रातः उठते ही अपने इष्ट का नाम लीजिए , [चाहे कोई भी हो वह - राम हो , कृष्ण या शंकर हो , ईसामसीह हो या मोहम्मद साहेब हों ].
अपने इष्ट के सद्गुणों को याद करिये , उनकी कृपाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दीजिए !
View and listen to this and other bhajans sung by him on the youtube channel, Bhola Krishna.


हे राम, राम,
राम राम राम,
मेरे राम, मेरे राम

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम
राम
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

अवध ईश ये धनुष धरे हैं
वो बृज माखन चोर

अवध ईश ये धनुष धरे हैं
वो बृज माखन चोर

राम, हरे राम राम राम
राम
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

इनके छत्र चंवर सिंघासन
इनके छत्र चंवर सिंघासन

भरत शत्रुहन लक्ष्मण जोर
भरत शत्रुघन लछमन जोर

उनके लकुट मुकुट पीताम्बर
उनके लकुट मुकुट पीताम्बर
नित गैयन संग नंदकिसोर
नित गैयन संग नंदकिसोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

उठि भोर
उठि भोर

इन सागर में शिला तराई
इन सागर में सिला तराई

अरे, उन राख्यो गिरि नख की  कोर
उन राख्यो गिरि
उन राख्यो गिरि नख की कोर

'नंददास' प्रभु सब तज भजिये
'नंददास' प्रभु सब तज भजिये
जैसे, जैसे  निरखत  चंद्र चकोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

राम
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

शुक्रवार, मार्च 22, 2013

कीर्तन - आनन्दमयी माँ

MP3 Audio

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता |
नमस्तस्यै नमस्तस्यै
नमस्तस्यै नमो नमः || || 5.73||  (दुर्गासप्तशती)

नमस्तेस्तु महारौद्रे महाघोरपराक्रमे ।
महाबले महोत्साहे महाभयविनाशिनि ॥
.. 16.. (दुर्गा कवच)

बोलो श्री श्री आनन्दमयी माँ की जय |
बोलो वृन्दावन  बिहारी लाल की जय ||

आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||
आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||

जय गुरु माँ । जय गुरु माँ ॥
कृपामयी दयामयी करुणामयी माँ ।
आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||

ब्रह्ममयी माँ  । आनन्दमयी माँ ॥



Youtube video with this bhajan (partial) as well as another bhajan in Ma's voice
https://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=bpQ6NKiby-o

बोलो माँ माँ माँ । माँ माँ माँ ।
डाको माँ माँ माँ। माँ माँ माँ ।
भजो माँ माँ माँ ।  माँ माँ माँ ।

जय गुरु जय गुरु जय गुरु माँ ।
बोलो माँ माँ माँ माँ । माँ माँ माँ माँ ।

हरिप्रिय माँ । भक्तिमयी माँ ॥
हरिप्रिय माँ । भक्ति प्रिय माँ ॥
आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||

जय गुरु, जय गुरु, जय गुरु माँ ।
बोलो जय माँ जय माँ । माँ माँ माँ ॥
माँ माँ माँ माँ । माँ माँ माँ माँ ।
बोलो माँ माँ माँ माँ । माँ माँ माँ ।
भजो माँ माँ माँ माँ । माँ माँ माँ ।
डाको माँ माँ माँ माँ । माँ माँ माँ ।
आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||

ब्रह्ममयी माँ । प्रेममयी माँ ॥
आनन्दमयी माँ | आनन्दमयी माँ ||

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते ।
भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ॥ ५ ॥ (सप्तश्लोकी दुर्गा)

ॐ भवताप प्रणाशिन्यै आनन्दघन मूर्तये ।
ज्ञान भक्ति प्रदायिन्यै मातस्तुभ्यं नमो नमः ॥

बोलो श्री श्री आनन्दमयी माँ की जय ।