गुरुवार, मई 02, 2013

भजन - राम कृष्ण कहिये उठि भोर


Here is a wonderful morning bhajan sung by Shri VNS Bhola.

In his autobiographical blog महावीर बिनवउँ हनुमाना, he writes:
मेरे परमप्रिय स्वजनों ,
लगभग ८० वर्ष पूर्व मेरी प्यारी अम्मा ने अपने बबुआ 'भोला' ' को प्रातः जगाते हुए यह कहा था -
"बबुआ ,
भोरे उठिके सबसे पहिले भगवान के नावं [नाम] लेबे के चाहीं" !
८३-८४ वर्ष की अवस्था पर आज मैं वही बात आपको सुना रहा हूँ ! प्रातः उठते ही अपने इष्ट का नाम लीजिए , [चाहे कोई भी हो वह - राम हो , कृष्ण या शंकर हो , ईसामसीह हो या मोहम्मद साहेब हों ].
अपने इष्ट के सद्गुणों को याद करिये , उनकी कृपाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दीजिए !
View and listen to this and other bhajans sung by him on the youtube channel, Bhola Krishna.


हे राम, राम,
राम राम राम,
मेरे राम, मेरे राम

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम
राम
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

अवध ईश ये धनुष धरे हैं
वो बृज माखन चोर

अवध ईश ये धनुष धरे हैं
वो बृज माखन चोर

राम, हरे राम राम राम
राम
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

इनके छत्र चंवर सिंघासन
इनके छत्र चंवर सिंघासन

भरत शत्रुहन लक्ष्मण जोर
भरत शत्रुघन लछमन जोर

उनके लकुट मुकुट पीताम्बर
उनके लकुट मुकुट पीताम्बर
नित गैयन संग नंदकिसोर
नित गैयन संग नंदकिसोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

उठि भोर
उठि भोर

इन सागर में शिला तराई
इन सागर में सिला तराई

अरे, उन राख्यो गिरि नख की  कोर
उन राख्यो गिरि
उन राख्यो गिरि नख की कोर

'नंददास' प्रभु सब तज भजिये
'नंददास' प्रभु सब तज भजिये
जैसे, जैसे  निरखत  चंद्र चकोर

राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर
राम कृष्ण कहिये उठि भोर

राम
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे .
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ..

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