Listen to He Mere Gurudev Karunasindhu Karuna Keejiye
sung by Shri Justice Shiv Dayal Ji Shrivastav
हे मेरे गुरुदेव, करुणासिन्धु, करुणा कीजिये ।
हूँ अधम, आधीन, अशरण, अब शरण में लीजिये ॥
खा रहा गोते हूँ मैं भवसिन्धु के मझधार में ।
आसरा है दूसरा कोई न अब संसार में ॥
मुझमें है जप तप न साधन और नहीं कुछ ज्ञान है ।
निर्लज्जता है एक बाकी और बस अभिमान है ॥
पाप बोझे से लदी नैया भँवर में जा रही ।
नाथ दौड़ो, अब बचाओ जल्द डूबी जा रही ॥
आप भी यदि छोड़ देंगे फिर कहाँ जाऊँगा मैं ।
जन्म-दुःख से नाव कैसे पार कर पाऊँगा मैं ॥
सब जगह "मंजुल" भटक कर, ली शरण प्रभु आपकी ।
पार करना या न करना, दोनों मर्जी आपकी ॥
परम गुरु जै जै राम परम गुरु जै जै राम।
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