हर सांस में हर बोल में
हरि नाम की झंकार है .
हर नर मुझे भगवान है
हर द्वार मंदिर द्वार है ..
ये तन रतन जैसा नहीं
मन पाप का भण्डार है .
पंछी बसेरे सा लगे
मुझको सकल संसार है ..
हर डाल में हर पात में
जिस नाम की झंकार है .
उस नाथ के द्वारे तू जा
होगा वहीं निस्तार है ..
अपने पराये बन्धुओं का
झूठ का व्यवहार है .
मनके यहां बिखरे हुये
प्रभु ने पिरोया तार है ..
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मंगलवार, मई 24, 2011
मंगलवार, अप्रैल 26, 2011
भजन - श्यामल वदन सुखधाम - विजय मेहरोत्रा
Listen to MP3
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
पाते सदा विश्राम
सुमिरन कर तुम्हारा नाम
करुणाकुँज ज्योतिर् पुँज
परहित उर बसत अविराम
रुचिकर बैन शुचितर नैन
परहित दीन के बल राम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
पाहन पतित तारी अहिल्या
रूपपति श्री राम
सुर असुर जन सकल तारे
जगत हित अविराम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
नीति पालक धर्म रक्षक
शक्ति रूप अनाम
बार बार प्रणाम हे
रघुवंश लोचन राम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
पाते सदा विश्राम
सुमिरन कर तुम्हारा नाम
करुणाकुँज ज्योतिर् पुँज
परहित उर बसत अविराम
रुचिकर बैन शुचितर नैन
परहित दीन के बल राम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
पाहन पतित तारी अहिल्या
रूपपति श्री राम
सुर असुर जन सकल तारे
जगत हित अविराम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
नीति पालक धर्म रक्षक
शक्ति रूप अनाम
बार बार प्रणाम हे
रघुवंश लोचन राम
श्यामल वदन सुखधाम
पावन नाम हे श्री राम
रविवार, अप्रैल 24, 2011
कीर्तन - हरि भजन बिना सुख शान्ति नहीं
हरि भजन बिना सुख शान्ति नहीं
हरि नाम बिना आनन्द नहीं
जप ध्यान बिना संयोग नहीं
प्रभु दरश बिना प्रज्ञान नहीं
दया धर्म बिना सत्कर्म नहीं
भगवान बिना कोई अपना नहीं
हरि नाम बिना परमात्मा नहीं
प्रेम भक्ति बिना उद्धार नहीं
गुरु सेवा बिना निर्वाण नहीं
See http://www.saibaba.ws/bhajans/haribhajana.htm for additional audio links.
Originally posted on 20th September, 2008,
Reposted after Baba passes away on April 24, 2011
मंगलवार, जुलाई 27, 2010
भजन: रंगवाले देर क्या है
रंगवाले देर क्या है मेरा चोला रंग दे ।
और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ॥
कितने ही रंगो से मैने आज तक है रंगा इसे ।
पर वो सारे फीके निकले तू ही गाढ़ा रंग दे ॥
तूने रंगे हैं ज़मीं और आसमां जिस रंग से ।
बस उसी रंग से तू आख़िर मेरा चोला रंग दे ॥
मैं तो जानूंगा तभी तेरी ये रंगन्दाज़ियां ।
जितना धोऊं उतना चमके अब तो ऐसा रंग दे ॥
और सारे रंग धो कर रंग अपना रंग दे ॥
कितने ही रंगो से मैने आज तक है रंगा इसे ।
पर वो सारे फीके निकले तू ही गाढ़ा रंग दे ॥
तूने रंगे हैं ज़मीं और आसमां जिस रंग से ।
बस उसी रंग से तू आख़िर मेरा चोला रंग दे ॥
मैं तो जानूंगा तभी तेरी ये रंगन्दाज़ियां ।
जितना धोऊं उतना चमके अब तो ऐसा रंग दे ॥
बुधवार, जून 09, 2010
Listen to mp3 bhajans by Hari Om Sharan
- Hari Om Sharan - Premanjali and Pushpanjali
- Hari Om Sharan - Pooja ke Phool
- Hari Om Sharan - Various
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