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मंगलवार, सितंबर 10, 2013

भजन: सिद्धि विनायक मंगल दाता


ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

हर शुभ काज में प्रथम पूज्य हो
हे गणपति तुम मङ्गलमय हो
हम भक्तों के भाग्य विधाता
दो वरदान हमें तुम दाता
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम: 

हे गणपति तुम्हारी महिमा
का हम करें गुण गान
चारों ओर है फैली आभा
गणपति तुम हो महान  
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 

भक्तजनों का तुमको गजानन
नमन है बारम्बार
आरती गायें भक्तजन और
हो रही जय जयकार
अष्ट विनायक गणपती,
विघ्न हरो हे गणपती
करुणामय तुम गणपती
मङ्गलमय तुम गणपती

सिद्धि विनायक मङ्गल दाता
मङ्गल कर दो काज
आये हैं हम शरण तुम्हारी
शरण तुम्हारी आज
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 
ॐ गणपती नमो नम:
ॐ गणपती नमो नम: 

Thanks to Geeta Jiji for the youtube link

सोमवार, सितंबर 09, 2013

भजन : शुभ दिन प्रथम गणेश मनाओ

शुभ दिन प्रथम गणेश मनाओ

कार्य सिद्धि की करो कामना ।
तुरत हि मन वान्छित फल पाओ ।

अन्तर मन हो ध्यान लगाओ ।
कृपा सिन्धु के दरशन पाओ ।

श्रद्धा भगति सहित निज मन मे ।
मंगल दीप जलाओ जलाओ ।

सेन्दुर तुलसी मेवा मिसरी ।
पुष्प हार नैवेद्य चढ़ाओ ।

मेवे मोदक भोग लगाकर ।
लम्बोदर का जी बहलाओ ।

एक दन्त अति दयावन्त हैं।
उन्हें रिझावो नाचो गाओ ।

सर्व प्रथम गण नाथ मनाओ

ganapati pujan vidhi - Part 1

The following puja vidhi for ganapati pujan is taken from 'Satyanarayana ki Katha' by Shri Pandit Dinanath Bhargava Dinesh. It has hindi verse translation along with the sanskrit shlokas.


MP3 Audio

श्री गणपति ध्यान तथा आवाहन

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय,
लम्बोदराय सकलाय जगत्‌ हिताय ।
नागाननाय श्रुतियज्ञभूषिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते ॥

ॐ भूर्भुवः स्वः गणपते !
इहागच्छ इहातिष्ठ सुप्रतिष्ठो भव
मम पूजा गृहाण !

ॐ
गणानान्त्वा गणपति (गुँ) हवामहे
प्रियाणान्त्वा प्रियपति (गुँ) हवामहे
निधिनान्त्वा निधिपति (गुँ) हवामहे
वसो मम ।
आहमजानि गर्भधमात्वमजासि गर्भधम्‌ ॥

देवों के प्रिय विघ्ननियन्ता, लम्बोदर भव-भय हारी ।
गिरिजानन्दन देव गजानन, यज्ञ-विभूषित श्रुतिधारी ॥
मंगलकारी दुःख-विदारी, तेजोमय जय वरदायक ।
बार-बार जय नमस्कार, स्वीकार करो हे गणनायक ॥

देव आइये यहाँ बैठिये, पूजा को करिये स्वीकार ।
भूर्भुवः स्वः सुख समृद्धि के, खोल दीजिये मंगल द्वार ॥

गणनायक वर बुद्धि विधायक, सदा सहायक भय-भंजन ।
प्रियपति, अति प्रिय वस्तु प्रदायक, जगत्राता जन-मन-रंजन ॥
निधिपति, नव-निधियों के दाता, भाग्य-विधाता भव-भावन ।
श्रद्धा से हम करते सादर, देव! आपका आवाहन ॥
विश्व उदर में टिका आपके, विश्वरूप गणराज महान ।
सर्व शक्ति संचारक  तारक, दो अपने स्वरूप का ज्ञान ॥

रविवार, सितंबर 08, 2013

शुक्रवार, सितंबर 06, 2013

भजन: राम का गुणगान करिये

राम का गुणगान करिये, राम का गुणगान करिये।
राम प्रभु की भद्रता का, सभ्यता का ध्यान धरिये॥

राम के गुण गुणचिरंतन,
राम गुण सुमिरन रतन धन।
मनुजता को कर विभूषित,
मनुज को धनवान करिये, ध्यान धरिये॥

सगुण ब्रह्म स्वरुप सुन्दर,
सुजन रंजन रूप सुखकर।
राम आत्माराम,
आत्माराम का सम्मान करिये, ध्यान धरिये॥

Listen to the bhajan -
Ram Ka Gun Gan Kariye
MP3 Audio by Mudita Nigam