भजन - तुम बिन मेरी कौन खबर ले
तुम बिन मेरी कौन खबर ले,
गोवर्धन गिरधारी ।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुंडल की छवि न्यारी रे ।
भरी सभा में द्रौपदी ठाढ़ी,
राखो लाज हमारी रे ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
चरण कमल बलिहारी रे ।
गोवर्धन गिरधारी ।
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुंडल की छवि न्यारी रे ।
भरी सभा में द्रौपदी ठाढ़ी,
राखो लाज हमारी रे ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
चरण कमल बलिहारी रे ।
जय जय गोवर्धन गिरधारी,
जवाब देंहटाएंजय जय चक्र सुदर्शन धारी...
तेरी लीला पे बलिहारी
जय जय गोवर्धन गिरधारी...