मंगलवार, दिसंबर 01, 2009

भजन - बिगड़ी बात बना दे राम

बिगड़ी बात बना दे राम
नैया पार लगा दे राम |
युग युग से मैं भटक रहा
अब तो राह दिखा दे राम ||

राम हे राम, राम सिया राम

घोर अंधेरा छाया है
मन पंछी घबराया है |
मोह माया के चक्कर में
ये मूरख भरमाया है |
अब तो अंधेरा दूर करो
ज्ञान का दीप जला दे राम ||

तुमने जीवनदान दिया
कितना बड़ा एहसान किया |
हमने मगर इस जीवन का
पग पग पर अपमान किया |
जैसे हैं हम तेरे हैं
भले बुरे प्रभु तेरे हैं
गुण अवगुण बिसरा दे राम ||

बिगड़ी बात बना दे राम

Listen to this bhajan by Mukesh by clicking here.
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