November 07, 2008

भजन - तुम तजि और कौन पै जाऊं .

Tum Taji Aur Kaun Pai Jaun
by Shri V N Shrivastav 'Bhola'
from Shree Ram Sharanam

तुम तजि और कौन पै जाऊं .
काके द्वार जाइ सिर नाऊं पर हाथ कहां बिकाऊं ..

ऐसो को दाता है समरथ जाके दिये अघाऊं .
अंतकाल तुम्हरो सुमिरन गति अनत कहूं नहिं पाऊं ..

भवसमुद्र अति देख भयानक मन में अधिक डराऊं .
कीजै कृपा सुमिरि अपनो पन सूरदास बलि जाऊं ..

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श्री राम गीत गुंजन