सोमवार, मार्च 15, 2010

परमार्थ निकेतन की प्रार्थना से

ॐ श्री 108 श्री स्वामी एकरसानन्द सरस्वती जी महाराज
से प्राप्त उपदेश

इन परमात्मा की आज्ञाओ पर जो चलेगा उसकी मुक्ति अवश्य होगी।
ये उपदेश वेद तथा गीतानुसार है ।

(१) संसार को स्वपनवत् जानो ।
(२) अति हिम्मत रखो ।
(३) अखण्ड प्रफुल्लित रहो, दुःख में भी ।
(४) परमात्मा का स्मरण करो, जितना बन सके ।
(५) किसी को दुःख मत दो, बने तो सुख दो ।
(६) सभी पर अति प्रेम रक्खो ।
(७) नूतन बालवत् स्वभाव रक्खो ।
(८) मर्यादानुसार चलो ।
(९) अखण्ड पुरुषार्थ करो, गंगा प्रवाहवत्, आलसी मत बनो ।
(१०) जिसमें तुमको नीचा देखना पड़े, ऐसा काम मत करो ।

श्री गुरुदेव भगवान की जय
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