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बुधवार, मई 25, 2022

किसकी शरण में जाऊं - उमा

किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्हीं हो ॥

गज ग्राह से छुड़ाया प्रह्लाद को बचाया।
द्रौपदी का पट बढ़ाया  निर्बल के बल तुम्हीं हो ॥

अति दीन था सुदामा आया तुम्हारे धामा।
धनपति उसे बनाया  निर्धन के धन तुम्हीं हो ॥

तारा सदन कसाई अजामिल की गति बनाई।
गणिका सुपुर पठाई  पातक हरण तुम्हीं हो ॥

मुझको तो हे बिहारी आशा है बस तुम्हारी।
काहे सुरति बिसारी  मेरे तो एक तुम्हीं हो ॥

मंगलवार, मई 24, 2022

तू दयालु दीन हौं - उमा

तू दयालु, दीन हौं, तू दानि, हौं भिखारी।
हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप-पुंज-हारी॥

नाथ तू अनाथ को, अनाथ कौन मोसो।
मो समान आरत नहिं, आरतिहर तोसो॥

ब्रह्म तू, हौं जीव, तू है ठाकुर, हौं चेरो।
तात-मात, गुरु-सखा, तू सब विधि हितु मेरो॥

तोहिं मोहिं नाते अनेक, मानियै जो भावै।
ज्यों त्यों तुलसी कृपालु! चरन-सरन पावै॥

सोमवार, मई 23, 2022

जो भजे हरि को सदा - उमा

जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..

देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के .
प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा ..
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..

दिल का दर्पण साफ कर और दूर कर अभिमान को .
खाक हो गुरु के चरण की फिर जनम नहीं पायेगा ..
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..

छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में .
ध्यान धर हरि के चरण का तो प्रभु मिल जायेगा ..
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..

दृढ़ भरोसा रख के मन में जो भजे हरि नाम को .
कहत ब्रह्मानंद ब्रह्मानंद में ही समायेगा ..
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..

रविवार, मई 22, 2022

श्याम आये नैनों में - उमा

श्याम आये नैनों में
बन गयी मैं साँवरी

शीश मुकुट बंसी अधर
रेशम का पीताम्बर
पहने है वनमाल, सखी
सलोनो श्याम सुन्दर
कमलों से चरणों पर
जाऊँ मैं वारि री

मैं तो आज फूल बनूँ
धूप बनूँ दीप बनूँ
गाते गाते गीत सखी
आरती का दीप बनूँ
आज चढ़ूँ पूजा में
बन के एक पाँखुड़ी