सोमवार, दिसंबर 10, 2012

भजन : भज मन राम चरण सुखदाई

भज मन राम चरण सुखदाई ॥

जिहि चरनन से निकलीं सुरसरि
शंकर जटा समायी ।
जटा सन्करी नाम परयो है
त्रिभुवन तारन आयी ॥
राम चरण सुखदाई ॥

जिन्ह चरणन की चरण पादुका
भरत रह्यो लव लाई ।
सोइ चरण केवट धोइ लीन्हे
तब हरि नाव चलाई ॥
राम चरण सुखदाई ॥

MP3 Audio  of Bhajan by Madhu Chandra
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